Pakistan Cricket में मचे घमासान पर Mohsin Naqvi का बड़ा बयान, दिग्गजों की आलोचना पर बोले- अपना रिकॉर्ड देखें पूर्व खिलाड़ी

पाकिस्तान क्रिकेट में जारी संकट के बीच बोर्ड ने अनुभवी खिलाड़ियों की जगह पांच नए चेहरों को शामिल कर टीम के पुनर्निर्माण की दिशा में एक विश्लेषणात्मक जोखिम लिया है। अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने आलोचकों पर पलटवार करते हुए स्पष्ट किया कि टीम की मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह कड़ा फैसला रणनीतिक रूप से आवश्यक था। यह कदम दर्शाता है कि बोर्ड अब पुराने ढर्रे को छोड़कर युवाओं पर आधारित एक दीर्घकालिक योजना पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
पाकिस्तान क्रिकेट में इस समय सबकी नजरें टीम में हुए अचानक बड़े बदलाव पर टिकी हैं। इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला में लगातार दो हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने बीच दौरे में ही सात खिलाड़ियों और दो ट्रेनर्स को वापस भेजने का फैसला किया। बोर्ड के अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने अब इस फैसले पर अपनी चुप्पी तोड़ी है और इसे सही ठहराते हुए पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटरों की आलोचना पर भी पलटवार किया है।
लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे टेस्ट में पाकिस्तान को 194 रन से हार मिली थी। इसके साथ ही इंग्लैंड ने तीन मैचों की श्रृंखला में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। इस हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने टीम में बड़ा फेरबदल करते हुए सात खिलाड़ियों को वापस भेज दिया। इनमें मोहम्मद रिजवान, इमाम-उल-हक, सलमान आगा, अली उस्मान, आमेर जमाल, आवैस जफर और खुर्रम शहजाद शामिल हैं।
इनमें आमेर जमाल और आवैस जफर को श्रृंखला में खेलने का मौका नहीं मिला था, जबकि अली उस्मान ने लीड्स टेस्ट में पांच विकेट लेकर अपनी गेंदबाजी का प्रभाव दिखाया था। इसके बावजूद उन्हें भी टीम से बाहर कर दिया गया। बोर्ड ने उनकी जगह सैम अयूब और अब्दुल्ला फजल सहित पांच ऐसे खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया है, जिन्हें अभी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदार्पण करना बाकी है।
बता दें कि खिलाड़ियों में बदलाव के साथ पाकिस्तान के मुख्य प्रशिक्षक सरफराज अहमद और गेंदबाजी प्रशिक्षक उमर गुल को भी दौरे के बीच जिम्मेदारी से हटा दिया गया। इतने बड़े स्तर पर हुए बदलाव ने पाकिस्तान क्रिकेट में नई बहस छेड़ दी है। पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी और पूर्व कप्तान रमीज राजा समेत कई पूर्व क्रिकेटरों ने बोर्ड के इस फैसले पर सवाल उठाए हैं।
हालांकि, मोहसिन नकवी ने आलोचना को ज्यादा महत्व नहीं दिया। उन्होंने कहा कि बोर्ड ने यह कदम सोच-समझकर उठाया है और इसके पीछे सिर्फ खिलाड़ियों का प्रदर्शन ही कारण नहीं है। उनके मुताबिक कुछ अन्य मामले भी बोर्ड के विचाराधीन हैं, लेकिन उन्होंने फिलहाल उन मामलों की जानकारी सार्वजनिक नहीं की।
नकवी ने पूर्व क्रिकेटरों की आलोचना पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो लोग आज बोर्ड के फैसले पर सवाल उठा रहे हैं, उन्होंने खुद अपने समय में ऐसा कोई बड़ा परिणाम हासिल नहीं किया। उनके इस बयान से विवाद और बढ़ने की संभावना है, क्योंकि पाकिस्तान क्रिकेट में पूर्व खिलाड़ियों और बोर्ड के बीच मतभेद कोई नई बात नहीं है।
गौरतलब है कि पाकिस्तान की टीम पिछले कुछ समय से लगातार उतार-चढ़ाव से गुजर रही है। टेस्ट क्रिकेट में प्रदर्शन कमजोर रहा है और टीम को चयन, प्रशिक्षकों तथा खिलाड़ियों के संयोजन को लेकर भी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है। इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा श्रृंखला में बल्लेबाजी भी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी है।
मोहसिन नकवी ने कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट के मौजूदा हालात उन्हें निराश और दुखी करते हैं। उनका कहना है कि दुनिया के क्रिकेट में पाकिस्तान जिस स्थिति में पहुंच गया है, वह चिंता का विषय है। अब नए खिलाड़ियों को मौका देकर बोर्ड किस तरह टीम को दोबारा मजबूत करता है, यह आने वाले मुकाबलों में साफ होगा। फिलहाल इंग्लैंड के खिलाफ श्रृंखला में पाकिस्तान 0-2 से पीछे है और उसके सामने आखिरी टेस्ट में सम्मान बचाने की चुनौती है।
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