दलीप ट्रॉफी फाइनल में यादगार जीत के करीब वेस्ट जोन

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पश्चिम क्षेत्र वापसी करते हुए यादगार जीत दर्ज करने के करीब पहुंच गया है जिसने शनिवार को यहां दलीप ट्राफी फाइनल में जीत के लिये 529 रन का असंभव लक्ष्य देने के बाद दक्षिण क्षेत्र के शीर्ष और मध्यक्रम को झकझोर दिया।

पश्चिम क्षेत्र वापसी करते हुए यादगार जीत दर्ज करने के करीब पहुंच गया है जिसने शनिवार को यहां दलीप ट्राफी फाइनल में जीत के लिये 529 रन का असंभव लक्ष्य देने के बाद दक्षिण क्षेत्र के शीर्ष और मध्यक्रम को झकझोर दिया। चौथे दिन स्टंप तक दक्षिण क्षेत्र छह विकेट पर 156 रन बनाकर करारी हार की कगार पर है जो अब भी 375 रन से पिछड़ रहा है। पहली पारी में अपनी प्रतिद्वंद्वी से 57 रन से पिछड़ने के बाद पश्चिम क्षेत्र ने चार विकेट पर 585 रन के विशाल स्कोर पर दूसरी पारी घोषित की।

उसके लिये बीती रात के दोहरे शतकवीर यशस्वी जायसवाल के 265 रन पर आउट होने के बाद सरफराज खान ने जिम्मेदारी उठायी और नाबाद शतक (178 गेंद में 127 रन) जड़ा। पश्चिम क्षेत्र ने तीन विकेट पर 376 रन से आगे खेलना शुरू किया, तब जायसवाल 244 गेंद में 209 रन बना चुके थे। जायसवाल ने सुबह भी उसी लय में बल्लेबाजी जारी रखी और तीसरे दिन के 23 चौकों में सात चौके और जोड़े। लेकिन अंत में वह ऑफ स्पिनर कृष्णप्पा गौतम का शिकार बने।

उन्होंने अपनी दोहरी शतकीय पारी में 330 गेंद का सामना किया और सरफराज के साथ चौथे विकेट के लिये 164 रन की भागीदारी निभायी। सरफराज ने फिर दक्षिण क्षेत्र के गेंदबाजों को जरा भी राहत नहीं लेने दी और अपनी टीम के स्कोर को बढ़ाना जारी रखते हुए उसे मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। सरफराज ने 11 चौके और दो छक्के जड़े तथा हेत पटेल (नाबाद 41 रन) के साथ 103 रन की अटूट साझेदारी से दक्षिण क्षेत्र की परेशानी बढ़ा दी।

सरफराज के दलीप ट्राफी पदार्पण में शतक पूरा करते ही पश्चिम क्षेत्र के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने दूसरी पारी घोषित कर दी। पहली पारी में 98 रन की पारी खेलने वाले हेत पटेल ने तेजी से रन जुटाये, उन्होंने महज 61 गेंद का सामना किया जिसमें सात चौके और एक छक्का जड़ा था। पांच सत्र तक बल्लेबाजी कर पश्चिम क्षेत्र ने प्रतिद्वंद्वी टीम को निराश कर दिया और दक्षिण क्षेत्र की टीम इस सदमे से नहीं उबर सकी।

यह दूसरी पारी में बल्लेबाजी के दौरान साफ दिखायी दिया जिसमें रोहन कुनुमल (100 गेंद में 93 रन) को छोड़कर उसके बल्लेबाज चुनौती देने में असफल रहे। दूसरे छोर पर एक के बाद एक बल्लेबाज पवेलियन पहुंचते रहे लेकिन कुनुमल ने तेजी से बल्लेबाजी करते हुए अपनी टीम के लिए मुश्किल परिस्थितियों में रन जुटाये। दक्षिण क्षेत्र के सभी अनुभवी बल्लेबाज विफल रहे और अतीत सेठ और जयदेव उनादकट की तेज गेंदबाजी जोड़ी के सामने नहीं टिक पाये जिन्होंने दो दो विकेट झटके।

कुनुमल एक छोर पर डटे हुए थे लेकिन वह भी दिन के अंतिम छोर पर आउट हो गये जिनका विकेट बायें हाथ के स्पिनर शम्स मुलानी ने लिया। मुलानी ने सात ओवर में 24 रन देकर दो विकेट झटके। कप्तान हनुमा विहारी, मयंक अग्रवाल, बाबा अपराजित और मनीष पांडे जैसे खिलाड़ी चुनौती देने में विफल रहे।

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