• WTC Final 2021: न्यूजीलैंड बना टेस्ट का पहला वर्ल्ड चैंपियन, फाइनल में भारत को दी 8 विकेट से मात

Abhinay akash Jun 23, 2021 23:17

न्यूजीलैंड के लिए केन विलियमसन ने 89 गेंदो में नाबाद 52 रनों की पारी खेली। वहीं रॉस टेलर ने 100 गेंदो में नाबाद 47 रन बनाए। इसके साथ ही न्यूजीलैंड विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का खिताब जीतने वाली पहली टीम बन गई।

न्यूजीलैंड ने साउथैंप्टन के द रोज बाउल में खेले गए विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल मुकाबले में भारत को आठ विकेट से हरा दिया।  इसके साथ ही न्यूजीलैंड विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का खिताब जीतने वाली पहली टीम बन गई। न्यूजीलैंड को ये मैच जीतने के लिए 139 रन चाहिए थे। जिसे न्यूजीलैंड की टीम ने 2 विकेट गंवा कर हासिल कर लिया। न्यूजीलैंड के लिए केन विलियमसन ने 89 गेंदो में नाबाद 52 रनों की पारी खेली। वहीं रॉस टेलर ने 100 गेंदो में नाबाद 47 रन बनाए। टिम साउदी की अगुवाई में गेंदबाजों के उत्कृष्ट प्रदर्शन से भारत को दूसरी पारी में 170 रन पर आउट करने के बाद न्यूजीलैंड ने 139 रन के लक्ष्य के सामने सहज शुरुआत करके विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) फाइनल के छठे और आखिरी दिन बुधवार को खिताब जीतने की ओर कदम बढ़ाए। 

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इससे पहले भारतीय टीम कम से कम 200 रन बनाकर न्यूजीलैंड के सामने मुश्किल लक्ष्य रखना चाहती थी लेकिन साउदी (48 रन देकर चार), ट्रेंट बोल्ट (39 रन देकर तीन) और काइल जैमीसन (30 रन देकर दो) ने शुरू से बल्लेबाजों पर दबाव बनाये रखा। भारत की तरफ से ऋषभ पंत (88 गेंदों पर 41 रन) ने सर्वाधिक रन बनाये। रोहित शर्मा (30) और शुभमन गिल (आठ) की सलामी जोड़ी के कल शाम को पवेलियन लौटने के बाद भारत ने अपने तीनों भरोसेमंद बल्लेबाजों कप्तान विराट कोहली (29 गेंदों पर 13 रन), चेतेश्वर पुजारा (80 गेंदों पर 15 रन) को और उप कप्तान अंजिक्य रहाणे (40 गेंदों पर भी 15) के विकेट सुबह के सत्र में ही गंवा दिये। ऐसे में पंत ने जिम्मेदारी संभाली लेकिन उनका लक्ष्य हर गेंद पर शॉट जमाना था जो कि अनुशासित गेंदबाजी के सामने संभव नहीं था। उन्होंने अपनी पारी में चार चौके लगाये। वह आखिर में बोल्ट की गेंद को सीमा रेखा पार भेजने के प्रयास में हवा में लहरा गये और हेनरी निकोल्स ने लंबी दौड़ लगाकर उसे कैच में बदल दिया जो मैच का निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है। बोल्ट ने इसी ओवर में रविचंद्रन अश्विन (सात) को स्लिप में कैच कराया जबकि साउदी ने शमी (13) और जसप्रीत बुमराह को एक ओवर में आउट करके भारतीय पारी का अंत किया। भारत ने इससे पहले दूसरे सत्र के शुरू में रविंद्र जडेजा (13) का विकेट गंवाया था जिन्हें नील वैगनर (44 रन देकर एक) ने बी जे वाटलिंग के हाथों कैच कराया जो उंगली में चोट के बावजूद अपने आखिरी मैच में मैदान पर उतरे थे। भारत ने सुबह दो विकेट पर 64 रन से आगे खेलना शुरू किया लेकिन जैमीसन ने कोहली और पुजारा को आउट करके दबाव बना दिया। जैमीसन की ऑफ स्टंप से बाहर जाती अतिरिक्त उछाल वाली गेंद पर भारतीय कप्तान ने वाटलिंग को आसान कैच थमाया। पुजारा फिर से यह तय करके क्रीज पर उतरे थे कि उन्हें रन नहीं बनाने हैं। उन्होंने रन बनाने के इरादे भी नहीं दिखाये। दबाव भी था और ऐसे में जैमीसन की कोण लेती गेंद से पुजारा अपना बल्ला हटाना चाहते थे लेकिन वह ऐसा नहीं कर पाये और रोस टेलर को आसान कैच दे बैठे। भारत का स्कोर चार विकेट पर 72 रन हो गया। उसकी बढ़त केवल 40 रन की थी। रहाणे ने पंत के साथ 37 रन जोड़े। इसमें बायें हाथ के बल्लेबाज पंत का योगदान अधिक रहा। रहाणे ने इसके बाद ट्रेंट बोल्ट (37 रन देकर एक विकेट) की गेंद को फ्लिक करने के प्रयास में विकेट के पीछे कैच दिया।