ट्रैफिक पुलिस द्वारा रोके जाने पर जानिए क्या हैं आपके अधिकार

ट्रैफिक पुलिस द्वारा रोके जाने पर जानिए क्या हैं आपके अधिकार

चेक पोस्ट पर ट्रैफिक पुलिस द्वारा रोकने पर आपको यह महसूस करना चाहिए कि आपने जानबूझकर या अनजाने में कुछ गलत किया होगा। जब एक ट्रैफिक पुलिस वाले ने आपको रोका तो आपको कम से कम अपने अधिकारों के बारे में पता तो होना ही चाहिए।

क्या आपको ट्रैफिक पुलिस द्वारा कभी रोका गया है? जरूर ये स्थिति आपके सामने आयी होगी, जिससे अचानक ही आपके अंदर भय और घबराहट की एक गंभीर लहर पैदा हो गई होगी। हमारे देश की जनता में एक स्व-मान्य धारणा है जो ट्रैफिक पुलिस को खलनायक या किसी ऐसे व्यक्ति के रूप में चित्रित करती है जो हमारी स्वतंत्रता के खिलाफ है। जबकि वे मूल रूप से आपके जीवन की रक्षा करने और किसी भी अप्रिय दुर्घटना से आपको बचाने की कोशिश करते हैं। 

चेक पोस्ट पर ट्रैफिक पुलिस द्वारा रोकने पर आपको यह महसूस करना चाहिए कि आपने जानबूझकर या अनजाने में कुछ गलत किया होगा। जब एक ट्रैफिक पुलिस वाले ने आपको रोका तो आपको कम से कम अपने अधिकारों के बारे में पता तो होना ही चाहिए।

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ट्रैफिक स्टॉप पर आपके पास आवश्यक दस्तावेज क्या होने चाहिए?

यदि भारत में ट्रैफिक पुलिस आपको रोकती है तो वह आपसे आपका ड्राइविंग लाइसेंस मांग सकती है इसलिए आपको सभी दस्तावेजों को अपनी कार में रखने की सलाह दी जाती है। साथ ही सभी दस्तावेजों की मूल प्रति अपनी कार में रखना अनिवार्य है। इन आवश्यक दस्तावेजों को आपको हमेशा अपनी कार में रखना चाहिए:

1. रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी)

2. पॉलुशन अंडर कण्ट्रोल (पीयूसी) प्रमाणपत्र

3. ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल)

4. कार इन्शुरन्स पॉलिसी डाक्यूमेंट्स

ट्रैफिक पुलिस अधिकारी द्वारा रोके जाने पर आपके क्या अधिकार हैं?

पहचान के लिए पूछें: आप हमेशा एक ट्रैफिक पुलिस वाले से उसकी पहचान पूछ सकते हैं जो आपको रोकता है। आप उनका बकल नंबर या नाम नोट कर सकते हैं और अगर बकल नहीं है तो उनसे उनका आईडी कार्ड मांगें। अगर ट्रैफिक पुलिस वाला आपकी पहचान आपके सामने पेश करने से मना करता है तो आप उन्हें अपने दस्तावेज़ पेश करने से मना कर सकते हैं।

अपना ड्राइविंग लाइसेंस प्रस्तुत करें: मोटर वाहन अधिनियम की धारा 130 के अनुसार जब कोई पुलिस अधिकारी आपसे दस्तावेज मांगता है तो आपको उस समय केवल अपना लाइसेंस प्रस्तुत करने की आवश्यकता होती है। बाकी दस्तावेजों को सौंपने का विकल्प पूरी तरह से आपकी अपनी इच्छा पर निर्भर होता है।

ड्राइविंग लाइसेंस की जब्ती के खिलाफ रसीद: यदि पुलिस अधिकारी आपके लाइसेंस को जब्त करने का फैसला करता है तो सुनिश्चित करें कि आपको यातायात पुलिस विभाग द्वारा आपके लाइसेंस के खिलाफ जारी एक वैध रसीद दी जा रही है।

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अंदर किसी व्यक्ति के साथ कार को टो नहीं कर सकते: अगर कोई इंसान कार के अंदर बैठा है तो ट्रैफिक पुलिस आपकी कार को टो नहीं कर सकती है। जब तक कोई कार के अंदर बैठा है उसे टो नहीं किया जा सकता।

उत्पीड़न के मामले में शिकायत दर्ज करें: यदि आपको लगता है कि ट्रैफिक पुलिस द्वारा आपके साथ ठीक से व्यवहार नहीं किया गया या आपको परेशान किया जा रहा है तो आप घटना के बारे में ऑनलाइन या अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

चालान बुक या ई-चालान जेनरेटर: एक ट्रैफिक पुलिस केवल तभी चालान जारी कर सकती है जब वे सरकार द्वारा जारी चालान बुक या ई-चालान मशीन अपने साथ ले जा रहे हों।

मौके पर जुर्माना और भुगतान: यदि घटना स्थल पर पुलिस अधिकारी सब-इंस्पेक्टर या उससे ऊपर के रैंक का है तो आप मौके पर चालान का भुगतान कर सकते हैं।

आपको वाहन से जबरदस्ती नहीं उतार सकता: एक पुलिस अधिकारी आपको कभी भी वाहन से बाहर निकलने के लिए मजबूर नहीं कर सकता है या जबरन इग्निशन से आपकी चाबियां नहीं हटा सकता है।

यातायात अधिकारियों के क्या अधिकार हैं?

- एक यातायात पुलिसकर्मी को यह अधिकार है कि वह आपसे अपने दस्तावेज़ों की जाँच करने के लिए या किसी संदेह की स्थिति में आने के लिए कह सकता है

- यातायात उल्लंघन, जैसे सीमा से अधिक गति, लाल बत्ती जम्प करने आदि के मामले में पुलिस के पास आपके वाहन को जब्त करने का अधिकार होता है।

- एक ट्रैफिक पुलिस अधिकारी को किसी भी प्रकार के संदेह के आधार पर आपका लाइसेंस जब्त करने का अधिकार होता है। उसे आपको एक पावती देनी होगी।

- यदि आप किसी प्रतिबंधित दवा या पदार्थ या शराब के प्रभाव में पाए जाते हैं तो ट्रैफिक पुलिस अधिकारी के पास आपको बिना वारंट के गिरफ्तार करने का अधिकार होता है।

यदि आपको यातायात उल्लंघन चालान प्राप्त होता है तो आपको क्या जांचना चाहिए?

यदि यातायात पुलिस आपको चालान या अभियोजन पर्ची जारी करती है तो आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि इसमें निम्नलिखित विवरण शामिल हैं:

- उस अदालत का नाम और विवरण जहां मुकदमा चलाया जाएगा

- अपराध/उल्लंघन का विवरण

- ट्रायल की तिथि

- कथित अपराधी का नाम और पता

- चालान जारी करने वाले अधिकारी का नाम और हस्ताक्षर

- आवश्यक दस्तावेजों का विवरण

- जे. पी. शुक्ला