हरियाली अमावस्या पर बन रहे हैं 3 शुभ योग, जानें मुहूर्त और पूजा की विधि

hariyali amavasya 2022
google creative
प्रिया मिश्रा । Jul 28, 2022 12:31PM
हरियाली अमावस्या के दिन भगवान शिव के अर्धनारीश्वर स्वरूप की पूजा की जाती है। माना जाता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती की पूजा करने से अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और खुशहाल वैवाहिक जीवन की कामना करती हैं।

हिंदी पंचांग के अनुसार हरियाली तीज से तीन दिन पहले हरियाली अमावस्या आती है। हिंदू धर्म में इस दिन का खास महत्व हैं हरियाली अमावस्या के दिन भगवान शिव के अर्धनारीश्वर स्वरूप की पूजा की जाती है। माना जाता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती की पूजा करने से अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और खुशहाल वैवाहिक जीवन की कामना करती हैं। इस दिन दान पुण्य और पितरों को तर्पण करने का भी विशेष महत्व है। इस साल हरियाली अमावस्या 28 जुलाई को मनाई जाएगी।


हरियाली अमावस्या मुहूर्त 

अमावस्या तिथि प्रारम्भ - 27 जुलाई (बुधवार) को रात 9 बजकर 11 मिनट 

अमावस्या तिथि समाप्त - 28 जुलाई (गुरुवार) को रात 11 बजकर 24 मिनट तक 

इसे भी पढ़ें: 28 जुलाई को विशेष योगों में मनाई जाएगी हरियाली अमावस्या

हरियाली अमावस्या पर बन रहा है शुभ योग 

हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल हरियाली अमावस्या के दिन शुभ योग का निर्माण हो रहा है। पंचांग के अनुसार, हरियाली अमावस्या बहुत ही शुभ नक्षत्र में पड़ रही है। इसके साथ ही, इस दिन गुरु पुष्य नक्षत्र का योग भी बन रहा है। इस योग में तर्पण और पिंडदान करना बहुत फलदायी माना जाता है। ज्योतिषशास्त्र कर अनुसार, हरियाली अमावस्या पर सुबह 07 बजकर 05 मिनट तक पुनर्वसु नक्षत्र होने से सिद्धि योग बन रहा है। उसके बाद पुष्य नक्षत्र होने से दो शुभ योगों का निर्माण हो रहा है।

इसे भी पढ़ें: श्रावण मास में 'रुद्राक्ष' धारण करने से होंगे यह लाभ, जानें इसकी महत्ता

हरियाली अमावस्या पर क्या करें 

हरियाली अमावस्या पर किसी पवित्र नदी में स्नान करने का विशेष महत्व है। आप घर पर ही पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं। इसके बाद घर के मंदिर में दीप प्रज्ज्वलित करें और सूर्य देव को अर्घ्य दें। इस दिन हरी चूड़ियां, सिंदूर, बिंदी और सुहाग का सामान दान करने से जीवनसाथी की लंबी उम्र होती है और वैवाहिक जीवन सुखी रहता है। इस दिन पीपल और तुलसी के पेड़ की पूजा करने से भी शुभ फलों की प्राप्ति होती है। इस दिन भगवान भोलेनाथ को प्रसाद के रूप में मालपुआ चढ़ाएं। इस दिन पितरों का तर्पण करने से घर में खुशियां आती हैं।

- प्रिया मिश्रा 

अन्य न्यूज़