Arthritis Symptoms: जोड़ों की पुरानी चोट से बढ़ सकता है Osteoarthritis का रिस्क, सही समय पर लें डॉक्टरी सलाह

Arthritis
AI Image

उम्र बढ़ने के साथ जोड़ों में दर्द और चलने में परेशानी आर्थराइटिस के संकेत हो सकते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार नियमित फिजिकल एक्टिविटी, संतुलित वजन और जोड़ों की चोट से बचाव करके इस बीमारी के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। वजन में 5 से 10 प्रतिशत की कमी भी जोड़ों के दर्द में राहत देती है।

उम्र बढ़ने के साथ ही कई तरह की समस्याएं होने लगती हैं। लेकिन अगर उम्र बढ़ने के साथ ही जोड़ों में दर्द और चलने आदि में परेशानी महसूस हो, तो फौरन डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। क्योंकि यह आर्थराइटिस यानी गठिया के शुरूआती लक्षण हो सकते हैं। आर्थराइटिस जोड़ों को प्रभावित करने वाली बीमारी है। वेट ज्यादा होने, उम्र बढ़ने के साथ या जोड़ों की पुरानी चोट की वजह से यह समस्या हो सकती है।

इसके साथ ही अगर परिवार में पहले से किसी को यह बीमारी रही है, तो आपमें भी इस बीमारी का जोखिम बढ़ सकता है। हालांकि आर्थराइटिस को पूरी तरह से रोकना संभव नहीं है, लेकिन वेट कंट्रोल करके, फिजिकल एक्टिविटी और जोड़ों की चोट से बचकर आर्थराइटिस के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि इस समस्या से किस तरह से बचाव किया जा सकता है।

इसे भी पढ़ें: Diabetes और High BP से कमजोर हो सकती है आंखों की रोशनी, Blood Sugar रखें कंट्रोल

शरीर को रखें एक्टिव

हेल्थ एक्सपर्ट की मानें, तो फिजिकल एक्टिविटी से आर्थराइटिस के जोखिम को करने के साथ-साथ पहले से मौजूद आर्थराइटिस के लक्षणों को कंट्रोल किया जा सकता है।

साइकिलिंग, तेज गति से चलना, तैराकी और हल्के व्यायाम करने से जोड़ों पर कम दबाव पड़ता है।

वयस्कों को सप्ताह में कम से कम 150 मिटन की मध्यम तीव्रता वाली एक्टिविटी और कम से कम दो दिन मांसपेशियों को मजबूत करने वाली एक्टिविटी करने की सलाह दी जाती है।

वेट कंट्रोल रखें

संतुलित भोजन और नियमित रूप से फिजिकल एक्टिविटी के जरिए वेट को बढ़ने से रोका जा सकता है।

जिन लोगों का वेट ज्यादा है, उनके लिए 5-10% वेट कम करना भी आर्थराइटिस से जुड़े दर्द और चलने-फिरने की समस्या को कम करने में सहायता कर सकता है।

मामूली न समझें जोड़ों की चोट

अगर घुटने या फिर किसी दूसरे जोड़ में चोट लगी है, तो यह भविष्य में ऑस्टियोआर्थराइटिस का खतरा बढ़ा सकती है। आमतौर पर गिरने, खेलने के दौरान या काम के दौरान बार-बार एक ही जोड़ पर दबाव पड़ने से खतरा बढ़ सकता है। इसलिए व्यायाम करते समय सही तकनीक अपनाना, चोट लगने पर पर्याप्त आराम व जरूरत पड़ने पर डॉक्टरी मदद और शरीर को धीरे-धीरे गतिविधि के लिए तैयार करना आदि जरूरी है। वहीं बार-बार होने वाले जोड़ के दर्द को नजरअंदाज करने की गलती नहीं करना चाहिए।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
All the updates here:

अन्य न्यूज़