नौतपा की भीषण Heatwave में कैसे रहें Safe? जानें Doctor के ये जरूरी Health Tips

Nautapa Heatwave Health
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नौतपा की शुरुआत के साथ भीषण गर्मी का दौर शुरू हो गया है, जो स्वास्थ्य के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। डॉक्टरों के अनुसार, इस दौरान डायबिटीज, किडनी, हार्ट और अस्थमा के मरीजों को हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा अधिक होता है, इसलिए उन्हें अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।

नौतपा की शुरुआत हो चुकी है और इन 9 दिनों तक भीषण गर्मी पड़ने वाली है। नौतपा के दौरान सूर्य की तपिश चरम पर होती है। साइंस से लेकर ज्योतिष में भी नौतपा का विशेष महत्व माना गया है। इस दौरान डॉक्टर भी सेहत पर अनदेखी करने के लिए मना करते हैं। जो रोगी पहले से बीमार चल रहे होते हैं उनको सेहत से जुड़ी समस्या और झेलने पड़ती है। ऐसे में हीट स्ट्रेस के कारण शरीर का प्राकृतिक बैलेंस सिस्टम पर असर देखने तो मिलता हैं। 

इस कारण से डायबिटीज, किडनी के मरीज, हार्ट के मरीज, बीपी, बुजुर्गों और प्रेग्नेंट महिलाओं की सेहत पर काफी बुरा असर पड़ सकता है। इन सभी समस्याओं से बचने के लिए डॉक्टर पहले से ही सावधानी बरतने की सलाह देते हैं। नौतपा के इन 9 दिनों में सेहत का ख्याल रखना जरुरी है।

नौतपा में किन मरीजों को अपनी सेहत का ध्यान रखना है

डायबिटीज

आजकल डायबिटीज की समस्या हद से ज्यादा देखने को मिल रही है। गर्मियों के दौरान बढ़ता हुआ तापमान डायबिटीज के मरीजों पर असर डालता है। सीडीसी के अनुसार, पानी की कमी यानी के डिहाइड्रेशन के कारण भी डायबिटीज के मरीजों पर प्रभाव देखने को मिलता हैं। इसके अलावा इंसुलिन भी गर्मी में तेजी से बढ़ता है, जो डायबिटीज को मरीजों को प्रभावित करता है। भीषण गर्मी में डायबिटीज के मरीज अपना ध्यान जरुर रखें। 

नौपता में किडनी रोग

NCBI के रिपोर्ट के अनुसार, जैसे-जैसे तापमान बढ़ता है और भयंकर लू चलती है, तो ऐसे में शरीर से पसीना निकालता है और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में किडनी के सामान्य कार्यों पर दवाब पड़ता है। जिन लोगों को किडनी संबंधित कोई समस्या है, तो इससे बचें।

हार्ट के मरीज हो जाएं सावधान

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन जनरल के अनुसार, भीषण गर्मी में हार्ट के मरीज अपना विशेष ख्याल रखें। जब तापमान बढ़ता है तो शरीर का थर्मोरेगुलेटरी सिस्टम गर्मी कंट्रोल करता है। अधिक गर्मी होने पर हीट स्ट्रोक या हीट एग्जॉशन की संभावना बढ़ जाती है। इस तरह से थर्मल में होने वाले गड़बड़ी से हार्ट कार्य पर दवाब पड़ता है। जिससे कार्डियक स्ट्रेस होने की संभावना अधिक हो जाती है।

अस्थमा के मरीज ध्यान दें

एक रिपोर्ट के अनुसार, लगातार भयंकर गर्मी में रहने या फिर गर्म हवा के वातावरण में रहने से व्यक्ति फेफड़े के कार्य पर दवाब पड़ता है। इस मौसम में सबसे ज्यादा दिक्कत अस्थमा के मरीजों को होता है।

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नौतपा से बचने के लिए जरूरी टिप्स

  - डिहाइड्रेशन की समस्या से बचें।

 - थोड़ा-थोड़ा समय पर पानी जरुर पिएं। 

 - नौतपा के दौरान इन 9 दिनों तक दोपहर में बाहर निकालने से बचें।

 - अगर दोपहर के समय जाना जरुरी है, तो ऐसे कपड़े पहनें जिससे पूरा शरीर ढका रहे।

 - कॉटन के ढीले कपड़े पहनें, जिससे पसीना जल्दी सूख जाए।

 - अधिक तला-भुना और मसालेदार खाना न खाएं, इनके सेवन से शरीर में गर्मी बढ़ती है।

 - इस दौरान हीट स्ट्रोक, चक्कर, थकान और सिरदर्द महूसस हो, कहीं छाया में आराम करने के लिए बैठ जाए। 

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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