लिथुआनिया जैसे छोटे देश ने चीन को किया परेशान, पहले ताइवान में खोला दफ्तर, अब उड़ा रहा मजाक

लिथुआनिया जैसे छोटे देश ने चीन को किया परेशान, पहले ताइवान में खोला दफ्तर, अब उड़ा रहा मजाक

चीन की धमकियों का परवाह ना करते हुए लिथुआनिया ने अब तो उसका मजाक उड़ाना शुरू कर दिया है। लिथुआनिया के एक सांसद ने बीजिंग को पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कॉमेडी तक बता दिया।

यूरोप के एक छोटे से देश लिथुआनिया ने चीन को परेशान कर दिया है। आलम यह है कि चीन को लगातार लिथुआनिया धमकी तक दे रहा है। लिथुआनिया ने पहले तो ताइवान में अपना दफ्तर खोल लिया और अब चीन का मजाक में उड़ा रहा है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि लिथुआनिया जैसे छोटे देश ने चीन की नाराजगी के बावजूद भी ताइवान में अपना दफ्तर खोला है। दुनिया में महाशक्ति के रूप में खुद को स्थापित कर चुका चीन लिथुआनिया के आगे कमजोर सा दिखाई दे रहा है। हालात यह है कि दोनों देशों के बीच जुबानी जंग भी तेज हो गई है। राजनयिक संबंध में भी गिरावट देखा गया है। चीन चाहता है कि लिथुआनिया ताइवान से अपने संबंधों को खत्म करें। लेकिन लिथुआनिया अपने फैसले से पीछे हटने को तैयार नहीं है। 

चीन की धमकियों का परवाह ना करते हुए लिथुआनिया ने अब तो उसका मजाक उड़ाना शुरू कर दिया है। लिथुआनिया के एक सांसद ने बीजिंग को पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कॉमेडी तक बता दिया। आपको बता दें कि चीन का पूरा पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना है। जानकारी यह भी आ रही है कि नाराजगी की वजह से लिथोनिया को चीन के कस्टमर हिस्ट्री से हटा दिया गया है। इसका मतलब यह है कि लिथुआनिया का सामान चीनी बंदरगाहों में प्रवेश नहीं कर सकता है। हालांकि, ताइवान के साथ व्यापक अनौपचारिक संबंध बनाए रखते हुए, अमेरिका और जापान सहित कई देशों के चीन के साथ आधिकारिक राजनयिक संबंध जारी हैं। लिथुआनिया का कहना है कि उसकी ताइवान में अपना प्रतिनिधि कार्यालय खोलने की योजना है। चीन ने इससे पहले लिथुआनियाई राजदूत को निष्कासित कर दिया था और वहां से अपनेराजदूत को वापस बुला लिया था। 

ताइवान के साथ अपने संबंध को समाप्त करे लिथुआनिया

चीन ने लिथुआनिया से कहा कि वह ताइवान के साथ अपने नए बढ़े हुए संबंधों को समाप्त करे। इस संबंध की वजह से चीन को यूरोपीय संघ के इस सदस्य राष्ट्र के साथ राजदूत स्तर से राजनयिक संबंधों में कटौती करने के लिए प्रेरित किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कहा कि लिथुआनिया को ताइवान के प्रतिनिधि कार्यालय के नाम से बाल्टिक राष्ट्र में एक वास्तविक दूतावास खोलने की अनुमति देने की अपनी गलती तुरंत सुधारनी चाहिए। ताइवान पर चीन अपना आधिपत्य होने का दावा करता है। झाओ ने एक दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यूरोपीय संघ के सदस्य-राष्ट्र (लिथुआनिया) को राष्ट्रीय संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए चीनी लोगों के मजबूत संकल्प, इच्छाशक्ति और क्षमता को कम करके नहीं आंकना चाहिए। 

चीन ने ताइवान के मुद्दे पर लिथुआनिया के साथ राजनयिक संबंधों का स्तर कम किया

लिथुआनिया द्वारा ताइवान को प्रतिनिधि कार्यालय खोलने की अनुमति दिए जाने से नाराज चीन ने लिथुआनिया के साथ अपने राजनयिक संबंधों का स्तर कम कर दिया। इस कदम से यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ बीजिंग के संबंधों को नुकसान पहुंच सकता है, क्योंकि 30 लाख से भी कम आबादी वाला यह बाल्टिक देश ईयू का प्रभावशाली सदस्य है। चीन के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि दुनिया में केवल एक चीन है और पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना संपूर्ण चीन का प्रतिनिधित्व करने वाली एकमात्र वैध सरकार है।