बांग्लादेश ने रोहिंग्या संकट गहराने पर म्यामां भेजा एक प्रतिनिधिमंडल

Bangladesh sends delegation to Myanmar as Rohingya crisis deepens
बांग्लादेश ने रोहिंग्या संकट गहरा जाने पर एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल वार्ता के लिए म्यामां भेजा। बांग्लादेश म्यामां पर अल्पसंख्यक रोहिंग्या मुस्लिम समुदाय के 6,00,000 सदस्यों को वापस लेने के लिए दबाव बनाने में जुटा है।

ढाका। बांग्लादेश ने रोहिंग्या संकट गहरा जाने पर एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल वार्ता के लिए म्यामां भेजा। बांग्लादेश म्यामां पर अल्पसंख्यक रोहिंग्या मुस्लिम समुदाय के 6,00,000 सदस्यों को वापस लेने के लिए दबाव बनाने में जुटा है। जो उत्पीड़न से बचने के लिए रखाइन प्रांत से भाग गये थे।

बांग्लादेश के गृहमंत्री असदुज्जमां खान इस 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई कर रहे हैं जिसमें अर्धसैनिक बल बार्डर गार्ड बांग्लादेश, तटरक्षक बल, पुलिस के प्रमुखों समेत कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। खान ने रवाना होने से पहले मीडिया से बातचीत नहीं की लेकिन गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने पीटीआई भाषा से कहा कि प्रतिनिधिमंडल आज दोपहर म्यामां रवाना हुआ। मंत्री ने पहले कहा था कि बलात विस्थापित हुए रोहिंग्याओं की तीव्र स्वेदश वापसी उनकी यात्रा का मुख्य एजेंडा है।संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि अगस्त से मुस्लिम अल्पसंख्यक समुदाय के 6,00,000 से अधिक सदस्य हिंसा के चलते म्यामां के रखाइन प्रांत से जा चुके हैं।

बांग्लादेश ने म्यामां पर रोहिंग्याओं को तथाकथित इस्लामी आतंकवादी करार देकर उन्हें खदेड़ने का अभियान चलाने का आरोप लगाया था। बांग्लादेश से इस उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल को भेजने की योजना पिछले महीने तैयार की गयी थी जब म्यामां की नेता आंग सान सू ची ने बढ़ती वैश्विक आलोचना के बीच एक वरिष्ठ प्रतिनिधि को ढाका भेजा था और वह इन रोहिंग्याओं को वापस लेने पर सैद्धांतिक रुप से सहमत हुई थीं।

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