ट्रंप के नए शुल्क लागू होने पर जवाब देने के लिए तैयार है कनाडा: प्रधानमंत्री मार्क कार्नी

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा है कि उनका देश अमेरिका के साथ व्यापार समझौते के लिए बातचीत तेज कर रहा है। हालांकि, कनाडाई वस्तुओं पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाने की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी पर कनाडा भी जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। कार्नी ने स्पष्ट किया कि शुल्क लागू होने से पहले समझौता न होने की स्थिति में उनके पास सभी विकल्प खुले हैं।
वैंकूवर, 24 जुलाई (एपी) कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनका देश व्यापक व्यापार समझौते के लिए अमेरिका के साथ बातचीत तेज कर रहा है लेकिन यदि कनाडाई वस्तुओं पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाने की अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी को लागू किया जाता है तो वह जवाब देने के लिए तैयार है। ट्रंप ने सोमवार को इन नए शुल्कों की घोषणा की थी और ये 19 अगस्त से लागू होंगे। कार्नी ने प्रिंस एडवर्ड आइलैंड के शार्लेटाउन में कनाडा के प्रांतों और क्षेत्रों के प्रमुखों के साथ बैठक के बाद कहा, ‘‘यदि ये शुल्क या अन्य उपाय लागू होते हैं तो हमारे पास जवाब देने के लिए कई विकल्प हैं।’’ कार्नी ने कहा कि शुल्क लागू होने से पहले समझौता नहीं हो पाने की स्थिति में ‘‘सभी विकल्प खुले हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमें पहले से जवाब देने की आवश्यकता नहीं है।
वास्तव में मेरा मानना है कि इस स्तर पर पहले से जवाब देना नुकसानदेह होगा।’’ नए शुल्क शहद, शराब, सीमेंट, दुग्ध उत्पादों, लकड़ी से बने कुछ उत्पादों और हॉकी स्टिक समेत कई वस्तुओं पर लागू होंगे। ऊर्जा उत्पादों, पोटाश, मछली और महत्वपूर्ण खनिजों को इससे बाहर रखा गया है। हालांकि, अमेरिका-मेक्सिको-कनाडा समझौते (यूएसएमसीए) के तहत आयात शुल्क से अब तक सुरक्षित वस्तुएं भी शुल्क के दायरे में आएंगी।
वर्ष 2020 के इस व्यापार समझौते का अमेरिका ने नवीनीकरण नहीं किया, जिसके कारण नए सिरे से बातचीत शुरू हुई है और यह प्रक्रिया 2036 तक चल सकती है। कार्नी ने कहा कि अमेरिका की शुल्क लगाने की धमकी बातचीत की रणनीति भी हो सकती है। उन्होंने कहा, ‘‘हमने अमेरिका को कई व्यापार वार्ताएं करते देखा है और आमतौर पर उनके लिए एक समयसीमा तय होती है।
सामान्यतः उस समयसीमा के साथ बहुत अधिक शुल्क लगाने की धमकी भी जुड़ी होती है।’’ कार्नी ने विश्वास जताया कि अमेरिकी अधिकारी व्यापार समझौते पर पहुंचने के इच्छुक हैं।
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