सेना प्रमुख नरवणे के बयान से बौखलाया चीन, CDS रावत का जिक्र कर कही ये बात

सेना प्रमुख नरवणे के बयान से बौखलाया चीन, CDS रावत का जिक्र कर कही ये बात

ग्लोबल टाइम्स ने लिखा कि जनरल नरवणे ने भारतीय सेना के अंदर प्रचलित चीन विरोधी बातों को दोहराया है। उदाहरण के लिए, दिवंगत चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत ने चीन को भारत के लिए 'सबसे बड़ा सुरक्षा खतरा' करार दिया था।

भारतीय सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे द्वारा सेना दिवस के मौके पर दिए गए बयान से चीन बौखला गया है। चीन के सरकारी भोंपू ने भारत के खिलाफ जमकर बयानबाजी की है।  सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे ने शनिवार को कहा कि भारतीय सेना का संदेश साफ है कि वह देश की सीमा पर यथास्थिति में एकतरफा बदलाव की किसी कोशिश को कामयाब नहीं होने देगी। ग्लोबल टाइम्स ने कहा कि नरवणे की बयानबाजी बुधवार को आयोजित चीन-भारत कोर कमांडर स्तर की बैठक के 14वें दौर के दौरान दिए गए सकारात्मक संकेतों के अनुरूप नहीं है। तीन महीने पहले 13वें दौर की तुलना में, जिसमें भारत ने अनुचित और अवास्तविक मांगों पर जोर दिया, 14वें दौर का माहौल अपेक्षाकृत अच्छा था। दोनों पक्ष सीमा मुद्दे पर जल्द से जल्द समाधान की दिशा में काम करने और जमीन पर सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रभावी उपाय करने पर सहमत हुए।

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आर्मी चीफ नरवणे ने क्या कहा था?

सेना दिवस पर पूर्वी लद्दाख गतिरोध की ओर इशारा करते हुए, जनरल नरवणे ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में रखने के लिए भारत और चीन में सैन्य स्तर की 14वें दौर की वार्ता हाल में हुई। उन्होंने कहा कि विभिन्न स्तरों पर संयुक्त प्रयासों से कई इलाकों में सैनिकों के पीछे हटने का काम पूरा हुआ जो अपने आप में एक रचनात्मक कदम है। जनरल नरवणे ने कहा, हमारा धैर्य हमारे आत्मविश्वास की निशानी है, लेकिन किसी को भी इसे परखने की गलती नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा, “हमारा संदेश साफ है, भारतीय सेना देश की सीमा पर यथास्थिति बदलने की एकतरफा कोशिश सफल नहीं होने देगी।

सीडीएस रावत का किया जिक्र 

ग्लोबल टाइम्स ने लिखा कि जनरल नरवणे ने भारतीय सेना के अंदर प्रचलित चीन विरोधी बातों को दोहराया है। उदाहरण के लिए, दिवंगत चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत ने चीन को भारत के लिए "सबसे बड़ा सुरक्षा खतरा" करार दिया था। उनकी टिप्पणी दोनों देशों के बीच सीमा विवाद को लेकर चीन और मोदी सरकार के बीच बनी आम सहमति के खिलाफ गई। दिसंबर में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में रावत की मृत्यु के बाद नरवणे ने चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष के रूप में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की कुछ जिम्मेदारियां संभाली हैं। एक नए अध्यक्ष के रूप में, उन्होंने अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए रावत के चीन विरोधी रुख को जारी रखा।