दसाल्ट एविएशन ने राफेल सौदे पर कोर्ट के फैसले का स्वागत किया

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  दिसंबर 15, 2018   11:55
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दसाल्ट एविएशन ने राफेल सौदे पर कोर्ट के फैसले का स्वागत किया

दसाल्ट ने भारत को 36 राफेल जेट विमानों की आपूर्ति के लिए 58,000 करोड़ का यह सौदा हासिल किया था। कांग्रेस इस सौदे में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार होने का आरोप लगा रही है जबकि सत्तारूढ़ भाजपा ने इस दावे का जोरदार खंडन किया है।

दसाल्ट एविएशन ने राफेल लड़ाकू जेट सौदे पर उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत किया है। उच्चतम न्यायालय ने अरबों डॉलर के इस सौदे की जांच की मांग खारिज कर दी। कंपनी ने कहा, ‘‘दसाल्ट एविएशन उच्चतम न्यायालय द्वारा दिये गये फैसले का स्वागत करती है। 23 सितंबर, 2016 को हुए राफेल अनुबंध पर दायर सभी याचिकाएं उच्चतम न्यायलय ने खारिज कर दीं।’’

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दसाल्ट एविएशन ने भारत को 36 राफेल जेट विमानों की आपूर्ति के लिए 58,000 करोड़ रुपये का यह सौदा हासिल किया था। कांग्रेस इस सौदे में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार होने का आरोप लगा रही है जबकि सत्तारूढ़ भाजपा ने इस दावे का जोरदार खंडन किया है। कंपनी ने एक बयान में कहा, ‘‘दसाल्ट एविएशन उच्चतम न्यायालय के इन निष्कर्षों का संज्ञान लेती है कि 36 राफेल विमानों की खरीद से जुड़ी प्रक्रिया, मूल्य निर्धारण, भारतीय ऑफसेट साझेदार के चयन में अनियमितताएं नहीं हुईं।’’





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पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादी संगठन नए मैसेजिंग ऐप का कर रहे इस्तेमाल, सुरक्षा कारणों से नहीं बताया गया नाम

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 24, 2021   17:18
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पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादी संगठन नए मैसेजिंग ऐप का कर रहे इस्तेमाल, सुरक्षा कारणों से नहीं बताया गया नाम

अधिकारियों ने बताया कि एक ऐप अमेरिकी कंपनी का है जबकि दूसरा ऐप यूरोप की कंपनी द्वारा संचालित है। उन्होंने बताया कि नवीनतम तीसरे एप्लिकेशन को तुर्की की कंपनी ने विकसित किया है और आतंकवादी संगठनों के आका और कश्मीर घाटी में उनके संभावित सदस्य लगातार इनका इस्तेमाल कर रहे हैं।

श्रीनगर। व्हाट्सऐप जैसे मैसेजिंग ऐप द्वारा निजता को लेकर की गई पेशकश के संबंध में हो रही बहस के बीच पाकिस्तान में आतंकवादी संगठन और उनके आका नए ऐप की ओर मुखातिब हो रहे हैं जिनमें तुर्की की कंपनी द्वारा विकसित ऐप भी शामिल है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ के बाद जुटाए गए सबूतों और आत्मसमर्पण करने वाले आतंकवादियों द्वारा पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठनों की ओर से कट्टरपंथी बनाए जाने की प्रक्रिया की दी गई जानकारी से तीन नए ऐप प्रकाश में आए हैं। हालांकि, सुरक्षा कारणों से इन मैसेजिंग ऐप के नाम की जानकारी नहीं दी गई। 

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अधिकारियों ने इतना बताया कि इनमें से एक ऐप अमेरिकी कंपनी का है जबकि दूसरा ऐप यूरोप की कंपनी द्वारा संचालित है। उन्होंने बताया कि नवीनतम तीसरे एप्लिकेशन को तुर्की की कंपनी ने विकसित किया है और आतंकवादी संगठनों के आका और कश्मीर घाटी में उनके संभावित सदस्य लगातार इनका इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि नया ऐप इंटरनेट की गति कम होने पर या टूजी कनेक्शन होने पर भी काम कर सकता है। उल्लेखनीय है कि सरकार ने अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा वापस लेने के बाद यहां पर इंटरनेट सेवाएं स्थगित कर दी थी और करीब एक साल बाद टूजी सेवा बहाल की गई थी।

सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि इंटरनेट बाधित होने से आतंकवादी समूहों द्वारा व्हाट्सऐप और फेसबुक मैसेंजर का इस्तेमाल लगभग बंद हो गया था। बाद में पता चला कि वे नए ऐप का इस्तेमाल कर रहे हैं जो वर्ल्ड वाइड वेब पर मुफ्त में उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि इस ऐप में कूटलेखन एवं विकोडन सीधे उपकरण में होता है ऐसे में इसमें तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप की संभावना कम होती है और यह ऐप कूटलेखन अल्गोरिदम आरएसए- 2048 का इस्तेमाल करता है जिसे सबसे सुरक्षित कूटलेखन मंच माना जाता है। आरएसए अमेरिकी नेटवर्क सुरक्षा एवं प्रमाणीकरण कंपनी है जिसकी स्थापना वर्ष 1982 में की गई थी। आरएसए का पूरी दुनिया में इस्तेमाल कूट प्रणाली के आधार के तौर पर होता है। 

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अधिकारियों ने बताया कि आतंकवादियों द्वारा कश्मीर घाटी में युवाओें को कट्टरपंथी बनाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे एक ऐप में फोन नंबर या ई-मेल पते की भी जरूरत नहीं होती है जिससे इस्तेमाल करने वाले की पहचान पूरी तरह से गोपनीय रहती है। उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर में ऐसे ऐप को बाधित करने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि यह चुनौती ऐसे समय आई है जब घाटी में सुरक्षा एजेंसियां वर्चुअल सिम कार्ड के खतरे से लड़ रही हैं। आतंकवादी समूह पाकिस्तान में अपने आकाओं से संपर्क करने के लिए लगातार इनका इस्तेमाल कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि इस तकनीक की पहुंच का पता वर्ष 2019 में तब चला जब अमेरिका से पुलवामा हमले को अंजाम देने वाले जैश ए मोहम्मद के आत्मघाती हमलावर द्वारा इस्तेमाल किए गए वर्चुअल सिम के सेवा प्रदाता की जानकारी देने का अनुरोध किया गया। इस हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। हालांकि, राष्ट्रीय अन्वेषण एजेंसी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की जांच में संकेत मिला कि 40 वर्चुअल सिम का इस्तेमाल अकेले पुलवामा हमले में किया गया और संभवत: घाटी में और ऐसे सिम का इस्तेमाल हो रहा है। इस प्रौद्योगिकी में कंप्यूटर टेलीफोन नंबर जेनरेट करता है जिसके आधार पर यूजर अपने स्मार्टफोन में ऐप डाउनलोड कर सकता है और उसका इस्तेमाल कर सकता है।





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अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन के अपने समकक्षों से की बातचीत

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 24, 2021   11:30
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अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन के अपने समकक्षों से की बातचीत

पेंटागन के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा, ‘‘ऑस्टिन और किशी ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रक्षा मुद्दों के वृहद आयाम पर चर्चा की और कोविड-19 महामारी की चुनौतियों के बाद भी सहयोगी देशों की तैयारी सुनिश्चित रखने पर विचारों का आदान-प्रदान किया।’’

वाशिंगटन। अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने जापान, ब्रिटेन और दक्षिण कोरिया के अपने समकक्षों से बातचीत की। पेंटागन ने यह जानकारी दी। पेंटागन के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने बताया कि जापान के रक्षा मंत्री नोबुओ किशी से बातचीत के दौरान ऑस्टिन ने अमेरिका-जापान गठबंधन के प्रति अमेरिका की प्रतिबद्धताओं को दोहराया और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बरकरार रखने के महत्व पर जोर दिया। किर्बी ने कहा, ‘‘ऑस्टिन और किशी ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रक्षा मुद्दों के वृहद आयाम पर चर्चा की और कोविड-19 महामारी की चुनौतियों के बाद भी सहयोगी देशों की तैयारी सुनिश्चित रखने पर विचारों का आदान-प्रदान किया।’’ 

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किर्बी ने बताया कि किशी ने ऑस्टिन को रक्षा मंत्री बनने की बधाई दी। ऑस्टिन ने ब्रिटेन के रक्षा मंत्री बेन वलास से बातचीत की और दोनों देशों के बीच विशेष संबंधों के महत्व को दोहराया। दोनों रक्षा मंत्रियों के बीच कोविड-19 महामारी से निपटने, चीन के बढ़ते प्रभाव और रूस की तरफ से पेश आ रहे खतरों से निपटने, इराक और अफगानिस्तान में अभियानों समेत कई आपसी हित वाले मुद्दों पर चर्चा हुई। रक्षा मंत्री ऑस्टिन ने दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री सुह वुक से भी बातचीत की और दोनों ही देशों के बीच करीबी सहयोग की जरूरत पर जोर देते हुए प्रगाढ़ संबंधों का जिक्र किया। ऑस्टिन ने दक्षिण कोरिया की रक्षा करने के लिए अमेरिका की प्रतिबद्धताओं को रेखांकित किया। दोनों ही मंत्रियों ने कोरियाई प्रायद्वीप में रक्षा स्थितियों पर भी चर्चा की। 

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वहीं, ऑस्टिन ने कार्यभार संभालने के बाद पहली बार निर्देश देते हुए रक्षा मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों से कहा है कि वे उन्हें सेना में यौन हमले और यौन उत्पीड़न को रोकने से संबंधित कार्यक्रमों की रिपोर्ट दो सप्ताह के भीतर भेजें। इसके साथ ही वे यह भी बताएं कि यौन हमलों को रोकने में कौन से कार्यक्रम कारगर रहे और कौन से कार्यक्रम कारगर नहीं रहे। ऑस्टिन ने रक्षा मंत्री के तौर पर अपने नाम की पुष्टि होने वाली सुनवाई के दौरान पिछले सप्ताह सीनेटरों से वादा किया था कि वह सेना में यौन हमले और यौन उत्पीड़न की समस्याओं से तत्काल निपटेंगे।





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चीन में सोने की खदान में फंसे एक और खनिक का पता लगा, फंसे खनिकों को पहुंचाया जा रहा भोजन

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 24, 2021   11:19
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चीन में सोने की खदान में फंसे एक और खनिक का पता लगा, फंसे खनिकों को पहुंचाया जा रहा भोजन

खबर के मुताबिक इन खनिकों की मानसिक एवं शारीरिक हालत ठीक है। हालांकि एक खनिक की मौत हो चुकी है। शिन्हुआ की रिपोर्ट में बताया गया कि फंसे कामगारों को बाहर निकालने के प्रयास अभी जारी हैं और इस बीच उन्हें सामान्य भोजन उपलब्ध करवाया जा रहा है।

बीजिंग। देश के पूर्वी शांगदोंग प्रांत में सोने की खदान में दो हफ्ते पहले हुए विस्फोट के बाद से उसमें फंसे खनिकों में से एक और खनिक का पता चीन के बचावकर्ताओं को रविवार को लगा। सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने बताया कि वह खनिक बहुत कमजोर हो चुका है तथा बचावकर्ता उसे खदान से बाहर निकालने के प्रयास कर रहे हैं। प्रांत के यनताई स्थित क्विशिया में सोने की खदान में दस जनवरी को विस्फोट होने के बाद 22 खनिक करीब 600 मीटर की गहराई में फंस गए थे। रविवार से पहले बचावकर्ता केवल दस खनिकों के साथ संपर्क स्थापित कर पाए थे। शिन्हुआ की खबर के मुताबिक इन खनिकों की मानसिक एवं शारीरिक हालत ठीक है। हालांकि एक खनिक की मौत हो चुकी है। 

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शिन्हुआ की रिपोर्ट में बताया गया कि फंसे कामगारों को बाहर निकालने के प्रयास अभी जारी हैं और इस बीच उन्हें सामान्य भोजन उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसमें बताया गया कि बचे हुए कामगारों को पहले तो पोषक द्रव्य दिया गया लेकिन अब बचावकर्ता उन तक नियमित रूप से भोजन-पानी पहुंचा पा रहे हैं। खदान में फंसे लोगों तक कपड़े तथा अन्य सामग्रियां भी पहुंचाई जा रही हैं। बचावकर्ताओं का अनुमान है कि कामगारों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए और दो हफ्ते लगेंगे।





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