गरीबी से त्रस्त अफगानों के लिये एक और मुसीबत बनकर आया घातक भूकंप

Afghanistan Earthquake
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भूकंप प्रभावित इलाकों में धीरे-धीरे मदद पहुंच रही है, लिहाजा उन्हें अब तक कोई सहायता भी नहीं मिली है। मीरादीन गांव के निवासियों ने एसोसिएटेड प्रेस से कहा कि वे इस बात को लेकर चिंतित हैं कि कुछ ही महीने में आने वाली भीषण ठंड से पहले वे अपने घर फिर से बना भी पाएंगे या नहीं।

काबुल|  अफगानिस्तान में इस सप्ताह आए जबरदस्त भूकंप ने देश के उन इलाकों को बुरी तरह प्रभावित किया है, जो पहले से ही भयंकर गरीबी से जूझ रहे हैं। देश में शनिवार को दूसरे देशों और संगठनों से मदद आई, लेकिन अधिकतर निवासियों को समझ नहीं आ रहा कि वे पर्वतीय इलाकों के बीच बसे गांवों में तबाह हुए हजारों मकानों को फिर से किस तरह बसाएंगे।

सरकारी मीडिया का कहना है कि भूंकप में कम से कम 1,150 लोगों की मौत हो चुकी है।

भूकंप ने सबसे अधिक तबाही ऊंचे पर्वतीय इलाकों पक्तिका और खोस्त प्रांतों में मचाई है, जो पाकिस्तान सीमा से लगे हैं। वहां कुछ भूमि उपजाऊ है, इसलिये लोग जैसे-तैसे करके गुजर बस करते हैं जबकि ज्यादातर लोग काम के लिए पाकिस्तान, ईरान या किसी अन्य देश प्रवास कर चुके अपने रिश्तेदारों द्वारा भेजे गए पैसों पर निर्भर हैं। बुधवार को आए भूकंप में मीरादीन गांव में सभी 24 मकान मलबे के ढेर में तब्दील हो गए हैं।

रात में बारिश होने पर गांव के कई निवासी आसपास बनीं लकड़ी की झोपड़ियों में सोने को मजबूर हैं।

भूकंप प्रभावित इलाकों में धीरे-धीरे मदद पहुंच रही है, लिहाजा उन्हें अब तक कोई सहायता भी नहीं मिली है। मीरादीन गांव के निवासियों ने एसोसिएटेड प्रेस से कहा कि वे इस बात को लेकर चिंतित हैं कि कुछ ही महीने में आने वाली भीषण ठंड से पहले वे अपने घर फिर से बना भी पाएंगे या नहीं।

पर्वतीय इलाकों में गर्मी का मौसम कम समय का होता है और रात ठंडी होती है। पूरे भूकंप प्रभावित इलाके में यह डर महसूस किया जा रहा है, जहां माना जा रहा है कि तीन हजार मकान तबाह हो गए हैं।

पक्तिका गायन जिले के निवासी दौलत खान ने कहा, हम कई परेशानियों का सामना कर रहे हैं।

हमें हर प्रकार की सहायता चाहिए। हम अंतरराष्ट्रीय समुदाय और हमारी मदद कर सकने वाले अफगानों से मदद का अनुरोध करते हैं। भूकंप के कारण मकान गिरने पर दौलत के परिवार के पांच सदस्य घायल हो गए।

अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र बाल एजेंसी के प्रतिनिधि ने कहा कि बुधवार को आए 6 तीव्रता के भूकंप में मरने वालों में 121 बच्चे शामिल हैं और इनकी संख्या बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि लगभग 70 बच्चे घायल हैं। शुक्रवार को आए भूकंप के बाद के झटकों में पांच और लोगों की जान चली गई।

अफगानिस्तान की सरकारी समाचार एजेंसी ‘बख्तर’ की खबर के अनुसार कुल 1,150 लोगों की मौत हुई है जबकि 1,600 लोग घायल हुए हैं।

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