फेसबुक ने PAK सेना की मीडिया से जुड़े 103 पेजों और समूहों के अकाउंट हटाए

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: Apr 2 2019 3:46PM
फेसबुक ने PAK सेना की मीडिया से जुड़े 103 पेजों और समूहों के अकाउंट हटाए
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बयान में कहा गया है, ‘‘वैसे तो इस गतिविधि में लगे लोगों ने अपनी पहचान छिपाने की कोशिश की लेकिन हमारी जांच में सामने आया कि वह पाकिस्तान सेना के आईएसपीआर (इंटर सर्विस पब्लिक रिलेशंस) के कर्मचारी से संबद्ध हैं।’’

इस्लामाबाद। फेसबुक ने अप्रामाणिक व्यवहार को लेकर पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा के कर्मचारियों से जुड़े 103 पेजों, ग्रुपों और एकाउंटों को हटा दिया है। इस सोशल मीडिया कंपनी ने सोमवार को यह जानकारी दी। कंपनी ने कहा कि उसने नेटवर्क द्वारा तैयार पेजों, एकाउंटों और ग्रुपों को समन्वित अप्रामाणिक व्यवहार से संबंधित फेसबुक की नीतियों का उल्लंघन करने पर हटा दिया है । उसने हटाये गये ऐसे चार असंबद्ध एवं स्पष्ट पेज, एकाउंट, ग्रुप आदि का ब्योरा साझा भी किया। कंपनी की साइबरसेक्युरिटी पॉलिसी के प्रमुख नाथानियल ग्लेसर की ओर से यहां जारी एक बयान में कहा गया है, ‘‘आज हमने 103 पेजों, ग्रुपों और एकाउंटों को नेटवर्क के रूप में फेसबुक और इंस्टाग्राम पर समन्वित अप्रामाणिक व्यवहार को लेकर हटा दिया। यह नेटवर्क पाकिस्तान में स्थित है।’’

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समन्वित अप्रामाणिक व्यवहार वह चीज है जब पेजों या लोगों के ग्रुप मिलकर काम करते हैं और दूसरों को इस बात को लेकर गुमराह करते हैं कि वे कौन हैं तथा वे क्या रह रहे हैं। बयान में कहा गया है, ‘‘वैसे तो इस गतिविधि में लगे लोगों ने अपनी पहचान छिपाने की कोशिश की लेकिन हमारी जांच में सामने आया कि वह पाकिस्तान सेना के आईएसपीआर (इंटर सर्विस पब्लिक रिलेशंस) के कर्मचारी से संबद्ध हैं।’’ पाकिस्तान की सेना ने तत्काल इस मुद्दे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
 
डॉन अखबार ने ग्लेसर के हवाले से कहा, ‘‘(इन पेजों, एकाउंटों) को इसलिए हटाया गया है क्योंकि फर्जी एकाउंटों का यह नेटवर्क है और वे अपनी पहचान छिपाने के लिए उनका उपयोग कर रहे हैं और ऐसा दिखाते हैं कि ये पेज स्वतंत्र हैं जबकि वास्तव में ऐसा है नहीं।’’ एक अधिकारी ने कहा कि ये पेज, ग्रुप और एकाउंट खुद को स्वतंत्र के रूप में पेश करते हैं लेकिन हकीकत में वे समन्वित अभियान का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि फेसबुक यह नहीं कह सकता कि क्या यह गतिविधि इस संगठन (पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा) के निर्देश पर हो रही है या फिर कर्मचारी निजी हैसियत से कर रहे हैं। 

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