• अमेरिका में उठा आतंकवाद का मुद्दा, विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने दी जानकारी

निधि अविनाश Sep 24, 2021 10:26

विदेश सचिव ने बताया कि, आतंकवाद पर, यूएस वीपी कमला हैरिस ने उस संबंध में पाकिस्तान की भूमिका का उल्लेख किया। उसने कहा कि वहां आतंकी समूह काम कर रहे थे। उन्होंने पाकिस्तान से कार्रवाई करने को कहा ताकि ये समूह अमेरिकी सुरक्षा और भारत को प्रभावित न करें।

प्रधानमंत्री मोदी सातवीं बार अमेरिका पहुंचे। उनका पहला दिन काफी व्यस्त रहा। पीएम मोदी के पूरे दिन के ब्यौरे की जानकारी खुद विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने दी है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 बड़ी कंपनियों के CEOs के साथ मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने ऐसी कंपनियों के CEOs से मुलाकात की जिन्होंने भारत में काफी निवेश किया है और भारत में निवेश को और बढ़ाना चाहती हैं। इसके बाद पीएम मोदी ने अमेरिकी उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस से पहली बार व्यक्तिगत तौर पर मुलाकात की। उन्होंने हाल के वैश्विक और क्षेत्रीय विकास पर चर्चा की। कोविड और वैक्सीनेशन पीएम मोदी के चर्चा का मुख्य हिस्सा रहा। 

विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने आगे बताया कि, दोनों देशों ने भविष्य में स्पेस कोपरेशन, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इमरजींग एंड क्रिटिकल टेक्नोलोजी, हेल्थ सेक्टर में साथ काम करने पर चर्चा की है। उन्होंने बताया कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन के बीच कोविड महामारी के बाद पहली मुलाकात हुई। उन्होंने द्विपक्षीय हित के क्षेत्रिय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की और दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय भागीदारी पर संतोष व्यक्त किया।

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पाकिस्तान की भूमिका का कमला हैरिस ने किया उल्लेख

विदेश सचिव ने बताया कि,  आतंकवाद पर, यूएस वीपी कमला हैरिस ने उस संबंध में पाकिस्तान की भूमिका का उल्लेख किया। उसने कहा कि वहां आतंकी समूह काम कर रहे थे। उन्होंने पाकिस्तान से कार्रवाई करने को कहा ताकि ये समूह अमेरिकी सुरक्षा और भारत को प्रभावित न करें। श्रृंगला ने कहा कि, हैरिस ने पाकिस्तान से कार्रवाई करने को कहा ताकि इससे (आतंकवाद संगठनों से) अमेरिका और भारत की सुरक्षा पर कोई असर न पड़े। सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी से मिली जानकारी पर वह सहमत थीं। उन्होंने इस तथ्य को भी स्वीकारा कि भारत कई दशकों से आतंकवाद का पीड़ित रहा है और ऐसे आतंकवादी समूहों के लिए पाकिस्तान के समर्थन पर लगाम लगाने और बारीकी से निगरानी करने की आवश्यकता है।