यूक्रेन संकट: फ्रांस का रूस को दो टूक जवाब, कहा- हमारे पास भी है परमाणु हथियार

यूक्रेन संकट: फ्रांस का रूस को दो टूक जवाब, कहा- हमारे पास भी है परमाणु हथियार
प्रतिरूप फोटो

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा था कि रूसी कार्रवाई में किसी प्रकार के हस्तक्षेप के प्रयास के ऐसे परिणाम होंगे, जो उन्होंने कभी नहीं देखे होंगे। विशेषज्ञ इसे परमाणु हमले की धमकी के तौर पर देख रहे हैं। माना जा रहा है कि रूसी सेना युद्ध के लिए पूरी तरह से तैयार है।

कीव। रूसी सैनिकों ने यूक्रेन में हमला कर दिया है। ऐसे में विश्व के कई बड़े देश रूस पर तरह-तरह प्रतिबंध लगा रहे हैं। इसी बीच रूस और यूक्रेन के बीच जारी लड़ाई अब परमाणु धमकियों तक आ पहुंची है। जिसके बाद फ्रांस ने भी दो टूक जवाब देते हुए कहा कि हमारे पास भी परमाणु हथियार हैं। बीते दिनों रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के खिलाफ जंग का ऐलान करते हुए दूसरे देशों को चेतावनी दी थी। 

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उन्होंने कहा था कि रूसी कार्रवाई में किसी प्रकार के हस्तक्षेप के प्रयास के ऐसे परिणाम होंगे, जो उन्होंने कभी नहीं देखे होंगे। विशेषज्ञ इसे परमाणु हमले की धमकी के तौर पर देख रहे हैं। माना जा रहा है कि रूसी सेना युद्ध के लिए पूरी तरह से तैयार है।

फ्रांस के पास भी हैं परमाणु हथियार

फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-यवेस ले ड्रियन ने इशारों-इशारों में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा परमाणु धमकी दिए जाने पर कहा कि उन्हें यह समझने की जरूरत है कि नाटो भी एक परमाणु गठबंधन है। उन्होंने स्थानीय मीडिया के साथ बातचीत में कहा कि मुझे लगता है कि व्लादिमीर पुतिन को यह समझना चाहिए कि अटलांटिक गठबंधन एक परमाणु गठबंधन है। मैं इस बारे में बस इतना ही कहूंगा।

चेर्नोबिल पर रूस का कब्जा

यूक्रेन के राष्ट्रपति के सलाहकार मिहैलो पोदोलियाक ने बताया कि रूसी सैनिकों के साथ भयंकर युद्ध के बाद यूक्रेन ने चेर्नोबिल परमाणु स्थल से नियंत्रण खो दिया है। उन्होंने कहा कि रूसी बलों के बिलकुल मूर्खतापूर्ण हमले के बाद यह कहना असंभव है कि चेर्नोबिल परमाणु ऊर्जा संयंत्र सुरक्षित है। 

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आपको बता दें कि चेर्नोबिल में अप्रैल, 1986 में दुनिया की सबसे भीषण परमाणु दुर्घटना हुई थी, जब एक परमाणु रिएक्टर में विस्फोट के बाद पूरे यूरोप में रेडियोधर्मी विकिरण फैल गया था। यह संयंत्र कीव के उत्तर में 130 किमी की दूरी पर स्थित है। जिस रिएक्टर में विस्फोट हुआ था, उसमें से विकिरण रोकने के लिए उसे एक सुरक्षात्मक उपकरण से ढका गया था और पूरे संयंत्र को निष्क्रिय कर दिया गया था।