भारत के लिए धर्म संकट की स्थिति ! UNSC की वोटिंग में रूस और अमेरिका में से किसी एक को चुनना मुश्किल

भारत के लिए धर्म संकट की स्थिति ! UNSC की वोटिंग में रूस और अमेरिका में से किसी एक को चुनना मुश्किल

भारत का रूस, अमेरिका और यूक्रेन से अच्छे संबंध है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल तो यही है कि आखिर यूएनएससी में रूस की निंदा करने वाले प्रस्ताव पर भारत का स्टैंड क्या रहेगा? क्या भारत अमेरिका के पक्ष में जाएगा या फिर वह रूस के पक्ष में रहेगा। हालांकि भारत लगातार दोनों पक्षों से शांति की अपील करता रहा है और बातचीत के जरिए समाधान निकालने पर जोर दिया है।

रूस ने यूक्रेन पर आक्रमण कर दिया है। अमेरिका और नाटो देशों के सदस्यों द्वारा रूस पर तमाम दबाव बनाने के बावजूद भी व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन में सैन्य अभियान की घोषणा कर दी। हालांकि भारत के लिए वर्तमान की स्थिति किसी धर्म संकट से कम नहीं है। दरअसल, भारत का रूस, अमेरिका और यूक्रेन से अच्छे संबंध है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल तो यही है कि आखिर यूएनएससी में रूस की निंदा करने वाले प्रस्ताव पर भारत का स्टैंड क्या रहेगा? क्या भारत अमेरिका के पक्ष में जाएगा या फिर वह रूस के पक्ष में रहेगा। हालांकि भारत लगातार दोनों पक्षों से शांति की अपील करता रहा है और बातचीत के जरिए समाधान निकालने पर जोर दिया है।

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बताया जा रहा है कि यूएनएससी द्वारा रूस की निंदा करने वाले प्रस्ताव पर शुक्रवार को मतदान हो सकता हैं। इस प्रस्ताव में रूसी बलों के तत्काल वापसी की भी मांग की जाएगी। सुरक्षा परिषद के पांच स्थाई सदस्यों में रूस भी शामिल है। बताया जा रहा है कि रूस प्रस्ताव का वीटो करेगा और अपने खिलाफ किसी भी प्रस्ताव को पास नहीं होने देगा। सुरक्षा परिषद के 15 अस्थाई सदस्य भी हैं जिसमें भारत भी शामिल है। भारत को लेकर संशय की स्थिति लगातार बरकरार है। अमेरिका की कोशिश लगातार रूस को अलग-थलग करने पर है। अमेरिका पूरी कोशिश कर रहा है कि सुरक्षा परिषद में कम से कम 13 वोट रूस के खिलाफ पड़े। खबर यह भी है कि चीन वोटिंग में शामिल नहीं होगा। 

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फिलहाल अमेरिका और यूरोप के कुछ देश रूस यूक्रेन विवाद पर भारत के तटस्थ रुख से नाराज हैं। यही कारण है कि भारत पर लगातार दबाव बढ़ता जा रहा है। भारत ना तो रूस को नाराज करना चाहता है और ना ही अमेरिका को। भारत ने अब तक यूक्रेन में रूस के हमले के ना तो निंदा की है और ना ही रूस के पक्ष में खड़ा है। कई देशों ने रूस के हमले को यूक्रेन की संप्रभुता से जोड़ा है लेकिन भारत फिलहाल खमोश है। भारत की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बातचीत की और बातचीत के जरिए मामले को शांत करने पर जोर दिया। हालांकि आज भारत किस करवट जाएगा इसको लेकर फिलहाल कुछ कहना जल्दबाजी होगी?





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