France Social Media Ban: 15 साल से कम उम्र के बच्चों पर पाबंदी, President Macron का ऐतिहासिक फैसला

Social Media Ban
प्रतिरूप फोटो
Canava
Ankit Jaiswal । Jul 22 2026 10:35PM

सोशल मीडिया के कारण बढ़ते अवसाद और आत्मघाती प्रवृत्तियों के बीच फ्रांस की संसद द्वारा दी गई यह कानूनी मंजूरी डिजिटल मंचों के अनियंत्रित उपयोग पर कड़ा प्रहार करती है। राष्ट्रपति मैक्रों के इस महत्वपूर्ण एजेंडे का लक्ष्य भविष्य की पीढ़ियों को सुरक्षित डिजिटल वातावरण प्रदान करना है, जिससे अन्य वैश्विक देशों के लिए भी एक कड़ा उदाहरण पेश होगा। कीवर्ड: फ्रांस संसद, बच्चों के लिए सोशल मीडिया नियम, डिजिटल प्लेटफॉर्म नियंत्रण, किशोर सुरक्षा, वर्ल्ड न्यूज़ हिंदी।

फ्रांस ने बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर एक बड़ा और अहम फैसला लिया है। देश की संसद ने 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सामाजिक माध्यमों के उपयोग पर देशभर में प्रतिबंध लगाने वाले कानून को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही उच्च माध्यमिक विद्यालयों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर भी रोक लगाने का प्रावधान किया गया है। मौजूद जानकारी के अनुसार, यह कानून राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के दूसरे कार्यकाल की प्रमुख योजनाओं में शामिल था।

बता दें कि इस कानून को संसद के दोनों सदनों का समर्थन मिला है। हालांकि इसे लागू करने से पहले संवैधानिक समीक्षा की प्रक्रिया पूरी होगी। सरकार चाहती है कि नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने के साथ ही सितंबर से यह व्यवस्था लागू कर दी जाए। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कानून पारित होने के बाद कहा कि फ्रांस बच्चों और किशोरों की सुरक्षा के मामले में पूरे यूरोप का नेतृत्व कर रहा है और सरकार इस दिशा में आगे भी लगातार काम करती रहेगी।

गौरतलब है कि नए कानून के तहत शैक्षणिक और वैज्ञानिक जानकारी देने वाले कुछ डिजिटल मंचों तथा ऑनलाइन ज्ञानकोशों को इस प्रतिबंध से बाहर रखा गया है। सरकार का मानना है कि शिक्षा से जुड़े संसाधनों तक बच्चों की पहुंच प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

मौजूद जानकारी के अनुसार, हाल के वर्षों में फ्रांस में सामाजिक माध्यमों के बच्चों और किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंता लगातार बढ़ी है। कई परिवारों ने कुछ बड़े डिजिटल मंचों के खिलाफ अदालत का दरवाजा भी खटखटाया है। उनका आरोप है कि हानिकारक सामग्री देखने के कारण कई किशोर अवसाद, आत्महत्या जैसे विचार, आत्मक्षति और खानपान से जुड़ी गंभीर मानसिक समस्याओं का शिकार हुए हैं।

हालांकि इस कानून का कुछ राजनीतिक दलों और विशेषज्ञों ने विरोध भी किया है। उनका कहना है कि इस प्रतिबंध को व्यवहार में लागू करना आसान नहीं होगा। साथ ही कुछ लोगों ने इसकी संवैधानिक वैधता और इंटरनेट पर गोपनीयता से जुड़े अधिकारों पर भी सवाल उठाए हैं।

बता दें कि फ्रांस की स्वास्थ्य एजेंसी के अनुसार 12 से 17 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 90 प्रतिशत बच्चे प्रतिदिन स्मार्टफोन के जरिए इंटरनेट का उपयोग करते हैं, जबकि 58 प्रतिशत बच्चे सामाजिक माध्यमों का नियमित इस्तेमाल करते हैं। एजेंसी का मानना है कि अत्यधिक उपयोग से आत्मविश्वास में कमी और हानिकारक सामग्री तक पहुंच का खतरा बढ़ जाता है।

गौरतलब है कि फ्रांस इस तरह का कानून लागू करने वाला यूरोपीय संघ का पहला देश बन गया है। वहीं ऑस्ट्रेलिया पहले ही कम उम्र के बच्चों के लिए ऐसे प्रतिबंध को मंजूरी दे चुका है, जबकि स्पेन, डेनमार्क, ग्रीस, ब्रिटेन और यूरोपीय आयोग भी बच्चों की डिजिटल सुरक्षा को लेकर इसी तरह के कदमों पर विचार कर रहे हैं।

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