जिस सामान पर नेपाल-जापान ने लगाया बैन, उस पर अमेरिका-ब्रिटेन ने कर डाला मालामाल

Nepal
AI Image
अभिनय आकाश । Jun 10 2026 12:10PM

जापान को ऐसा करते देख हमारा पड़ोसी देश नेपाल भी रातों रात बॉर्डर पर कड़ा पहरा लगा देता है और सामान से लदे ट्रकों की लंबी लाइनें वहीं की वहीं खड़ी कर दी जाती है। सीज कर दी जाती है। नेपाल के अधिकारियों ने तो खुलेआम कह दिया कि हम यह सामान अपने देश में घुसने तक नहीं देंगे।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में चल रही मौजूदा व्यापारिक खींचतान ने वैश्विक मार्केट एक्सपर्ट्स को हैरान कर दिया है। भारत के एक बेहद खास और दुनिया भर में पसंद किए जाने वाले रसीले उत्पाद को लेकर अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर भारी तनाव की स्थिति है। एक तरफ क्वालिटी मानकों को सर्वोपरि रखने वाले जापान ने अचानक कड़े नियम लागू कर इस भारतीय सामान के आयात पर रोक लगा दी है। वहीं दूसरी ओर, जापान की राह पर चलते हुए पड़ोसी देश नेपाल ने भी रातों-रात अपनी सीमाओं पर पहरा सख्त कर दिया। स्थिति यह है कि नेपाल बॉर्डर पर सामान से लदे ट्रकों की लंबी कतारें लग गई हैं और कई ट्रकों को सीज कर दिया गया है। नेपाली प्रशासन का साफ कहना है कि वे इस खेप को अपनी सीमा के अंदर दाखिल नहीं होने देंगे।

इसे भी पढ़ें: Market Opening Bell: ग्लोबल संकेतों की कमजोरी के बीच सेंसेक्स बढ़त के साथ खुला, निफ्टी सपाट, रिलायंस में 1.20% की तेजी

इसे कहते हैं वक्त बदलते देर नहीं लगती! जिस भारतीय सामान को नेपाल और जापान ने कमतर आंककर अपने यहां एंट्री देने से मना कर दिया था, उसी सामान ने दुनिया के सबसे अमीर देश अमेरिका में तहलका मचा दिया है। अमेरिका के सबसे महंगे मॉल्स और सुपरमार्केट्स में जब यह सामान पहुंचा, तो बिक्री की ऐसी सुनामी आई कि पुराने सारे रिकॉर्ड ताश के पत्तों की तरह बिखर गए। सिर्फ दो घंटे के अंदर सारा स्टॉक 'आउट ऑफ स्टॉक' हो गया। अमेरिकी अधिकारी भी इस क्रेज को देखकर अपना सिर खुजलाने पर मजबूर हैं कि आखिर इस सामान में ऐसा क्या जादू है, जिसने अमेरिकी नागरिकों को दीवाना बना दिया है। उधर दुनिया भर पर कभी राज करने वाले ब्रिटेन ने तो नेपाल और जापान की बैन को सीधा ठेंगा दिखाते हुए सीधे भारत के एक छोटे से गांव की महिलाओं के साथ में डील पक्की कर डाली और पूरी की पूरी खेप ही समुंदर पार मंगवा ली। भारत का यह सामान रातों-रात ग्लोबल मार्केट का सुपरस्टार बन गया है और विदेशी डॉलर्स की ऐसी बारिश हुई है कि आज भारत तगड़ा मालामाल हो रहा है। जापान और नेपाल के इस अचानक लगाए गए बैन के पीछे क्या वास्तव में सिर्फ फूड सेफ्टी का बहाना है या इंटरनेशनल मार्केट में भारत की बढ़ती रफ्तार को रोकने की कोई बहुत गहरी साजिश चल रही है।

इसे भी पढ़ें: 439 दिन, Nehru का Record ध्वस्त! PM Modi के काम का America भी हुआ कायल, सांसद ने की तारीफ

जिस सामान की हम बात कर रहे हैं वह कोई हाईटेक गैजेट या फिर कोई कार या कोई भारी मशीनरी नहीं है बल्कि वो है हमारे खेतों की शान और फसलों का राजा भारतीय आम यानी कि मैंगो। वही मैंगो जो हमारे और आपके घरों में गर्मियों की पहचान होता है। लेकिन इंटरनेशनल मार्केट में इस मैंगो ने जो तहलका मचाया है उसकी कहानी किसी हॉलीवुड थ्रिलर फिल्म से बिल्कुल कम नहीं है। दुनिया भर के भारतीय आम सिर्फ एक फल नहीं बल्कि भारत की सॉफ्ट पावर का सबसे तगड़ा हथियार बन चुके हैं। लेकिन इससे पहले कि  जापान और नेपाल की साजिश पर आए।  यह समझना होगा कि आखिर भारत के पास में ऐसा क्या है जिसके लिए दुनिया के बड़े-बड़े देश पागलों की तरह लाइन लगाए हुए खड़े हैं। भारत कोई एक तरह का आम नहीं उगाता बल्कि हमारे यहां आमों की एक पूरी की पूरी फौज और हर एक आम अपने आप में एक अलग ब्रांड है। शुरुआत करते हैं अल्फांसो से जिसे आमों का राजा कहा जाता है। महाराष्ट्र के रत्नागिरी और देवगढ़ की लाल मिट्टी में पैदा होने वाला यह हाफूस जब इंटरनेशनल मार्केट के अंदर उतरता है तो उसके कीमत और डिमांड देखकर के अच्छे-अच्छों के पसीने छूट जाते हैं। इसके बाद में नंबर आता है  गुजरात की शान केसर आम का। 

1.5 टन आम्रपाली आम की खेप ब्रिटेन रवाना

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत काम करने वाली कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) ने झारखंड से ब्रिटेन के लिए ताजा आमों की पहली व्यावसायिक खेप को रवाना किया है। यह खेप 4 जून को कोलकाता से लंदन के लिए भेजी गई। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करके जानकारी दी। उन्होंने लिखा- "Local Goes Global का सशक्त उदाहरण...झारखंड के सिमडेगा की महिला किसान उत्पादक कंपनी द्वारा उगाए गए आम्रपाली आम यूनाइटेड किंगडम पहुंचने वाले हैं। APEDADOC के निरंतर प्रयासों से किसानों को बेहतर मूल्य, महिलाओं को नई पहचान और भारत के कृषि निर्यात को नई गति मिल रही है।" 

All the updates here:

अन्य न्यूज़