CJP Protest ने पाकिस्तान को भी बदल कर रख दिया? पहले रिएक्शन में ये क्या कह दिया

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अभिनय आकाश । Jul 24 2026 1:00PM

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय से इस प्रदर्शन को लेकर सवाल पूछा गया तो इस्लामाबाद ने जो जवाब दिया है उसने सबको चौंका दिया है। दरअसल पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के जो प्रवक्ता हैं ताहिर अंध्रावी उनसे उनकी साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान पूछा गया कि क्या भारत सरकार जिस तरीके से प्रदर्शनकारियों से निपट रही है? क्या उसे मानव अधिकारों का उल्लंघन माना जा सकता है?

भारत में चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी यानी कि सीजेपी के विरोध प्रदर्शन को लेकर सोशल मीडिया पर कई सारी चर्चाएं हैं। लेकिन इस पर अब हमारे पड़ोसी देश पाकिस्तान का पहला आधिकारिक बयान सामने आ गया है। जहां पर बीते कुछ दिनों से लगातार दिल्ली के जंतरमंतर पर यह विरोध प्रदर्शन चल रहा है और इसको लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही थी। लेकिन ऐसे में जब पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय से इस प्रदर्शन को लेकर सवाल पूछा गया तो इस्लामाबाद ने जो जवाब दिया है उसने सबको चौंका दिया है। दरअसल पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के जो प्रवक्ता हैं ताहिर अंध्रावी उनसे उनकी साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान पूछा गया कि क्या भारत सरकार जिस तरीके से प्रदर्शनकारियों से निपट रही है? क्या उसे मानव अधिकारों का उल्लंघन माना जा सकता है?

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इस सवाल के जवाब में पाकिस्तान ने साफ तौर पर कहा, दिस इज एन इंटरनल मैटर ऑफ इंडिया। वी डू नॉट ऑफर कमेंट्स ऑन सच मैटर्स। यानी हिंदी में इसका मतलब यह होगा कि यह भारत का आंतरिक मामला है। हम ऐसे मामलों पर कोई टिप्पणी नहीं करते हैं। 

यानी कि पाकिस्तान की ओर से इस पूरे मामले पर कोई भी टिप्पणी करने से इंकार कर दिया गया है और इसे पूरी तरीके से भारत का आंतरिक विषय बताया है। यह जवाब अपने आप में थोड़ा चौंकाने वाला भी है क्योंकि वो पाकिस्तान जो भारत के हर अंदरूनी मुद्दे पर अपनी नाक घुसाए रखता है। वह इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं कर रहा और इसे भारत का आंतरिक मामला बता रहा है। अगर आप पाकिस्तान के इस बयान को देखकर गलतफहमी में आ गए कि पाकिस्तान सुधर गया है तो यह गलत होगा क्योंकि इस बयान के इधर पाकिस्तान की एक और सच्चाई भी है। पाकिस्तान से जुड़े हुए कई सारे सोशल मीडिया अकाउंट्स हैं जो इस प्रदर्शन को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार गलत जानकारी फैला रहे हैं। दिल्ली पुलिस का दावा है कि 480 से ज्यादा पाकिस्तान आधारित सोशल मीडिया हैंडल्स हैं जो कि सीजेपी प्रदर्शन के दौरान अफवाहें फैला रहे थे। फर्जी पोस्ट और एडिट किए गए वीडियोस को फैलाने में लगे हुए थे। दिल्ली पुलिस के मुताबिक यह वही सारे कई हैंडल्स हैं जो पहले ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी सक्रिय थे और भारत के खिलाफ भ्रामक जानकारी फैला रहे थे। 

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पुलिस का कहना है कि इन अकाउंट्स का मकसद खासतौर पर छात्रों को भड़काना है, भ्रम फैलाना है और सोशल मीडिया के जरिए माहौल को खराब करना है। पुलिस ने कहा कि ऐसे सभी संदिग्ध अकाउंट्स की पहचान उनके द्वारा कर ली गई है और उन्हें ब्लॉक कराने की प्रक्रिया को शुरू कर दिया गया है। साथ ही में लोगों और खास करके प्रदर्शन कर रहे छात्रों से अपील की गई है कि वह किसी भी वायरल पोस्ट, एडिटेड वीडियो या अनजान सोशल मीडिया हैंडल की जानकारी पर बिना पुष्टि के भरोसा ना करें और उसे आगे शेयर ना करें। हमने नोटिस किया है कि सोशल मीडिया में कुछ मिसइफ फैलाने की कोशिश की जा रही है। अभी तक 400 से ज्यादा पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल्स आइडेंटिफाई किए जा चुके हैं जो इस सिचुएशन का फायदा उठाते हुए फेक कंटेंट और रमर स्प्रेड कर रहे हैं। उनको ब्लॉक कराया जा रहा है। यह वही सोशल मीडिया हैंडल्स हैं जो ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी एक्टिव थे। उनका सिर्फ एक ही मकसद है लोगों को भड़काना और स्पेशली स्टूडेंट्स का ध्यान भटकाना। मेरी आपसे अपील है कि बच्चों की सेफ्टी के लिए किसी भी फेक पोस्ट, एडिटेड वीडियोस या एनोनिमस हैंडल से किया हुआ कोई भी पोस्ट के भड़कावे में ना आए।

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किसी भी पोस्ट को शेयर करने से पहले फैक्ट चेक करो। रमर्स को स्प्रेड मत करो और किसी भी एंटीसोशल एलिमेंट्स को अपने इमोशंस का कंट्रोल मत लेने दो। याद रखो कि पीसफुल प्रोटेस्ट करना आपका अधिकार है और दिल्ली पुलिस इस अधिकार का रिस्पेक्ट करती है। जंतरमंतर पर सीजेपी का प्रदर्शन लगातार जारी है। प्रदर्शनकारी वहां पर नीट यूजी पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर और शिक्षा व्यवस्था में सुधार और दोषियों के खिलाफ सख्त कारवाई की मांग कर रहे हैं। 20 जुलाई को हुए संसद चलो मार्च के दौरान वहां पर प्रदर्शनकारियों और दिल्ली पुलिस के बीच में झड़प हुई। जिसके बाद से यह आंदोलन और भी ज्यादा तेज हो गया है। इस बीच प्रधानमंत्री मोदी ने कल रात एक वीडियो साझा करते हुए संदेश दिया है कि सरकार पेपर लीक को लेकर एक्शन में है और गुनहगारों को फास्ट ट्रैक कारही के जरिए सजा दे रही है। 

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