बांग्लादेश: दो दिन पहले श्रद्धालुओं से भरी नौका पलटने की घटना में मरने वालों की संख्या 68 हुई

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उत्तरी बांग्लादेश में दो दिन पहले सदियों पुराने मंदिर के दर्शन के लिये हिंदू श्रद्धालुओं को लेकर जा रही एक नौका के पलटने की घटना में मरने वालों की संख्या 68 हो गई है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

उत्तरी बांग्लादेश में दो दिन पहले सदियों पुराने मंदिर के दर्शन के लिये हिंदू श्रद्धालुओं को लेकर जा रही एक नौका के पलटने की घटना में मरने वालों की संख्या 68 हो गई है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। गौरतलब है कि रविवार को दुर्गा पूजा उत्सव की शुरुआत से पूर्व महालया के मौके पर हिंदू श्रद्धालु बोदेश्वरी मंदिर जा रहे थे, तभी देश के उत्तर-पश्चिमी पंचगढ़ जिले में कोरोटो नदी में, उन्हें ले जा रही नौका पलट गई।

अधिकारियों ने बताया कि कम से कम 20 यात्री अब भी लापता हैं। ढाका ट्रिब्यून अखबार के अनुसार, स्थानीय प्राधिकारियों द्वारा तीसरे दिन बचाव के प्रयास तेज करने के बाद, मंगलवार सुबह देबीगंज और बोडा उपजिला से 18 और शव बरामद किए गए। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि नाव में 150 से अधिक यात्री सवार थे। कुछ लोग तैरकर नदी के किनारे वापस चले गये, लेकिन कई अभी भी लापता हैं। ढाका ट्रिब्यून अखबार ने जांच निकाय के प्रमुख रॉय के हवाले से कहा, शुरुआती जांच के मुताबिक, नाव में क्षमता से अधिक लोग सवार थे।

अखबार के अनुसार, हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि नाव के डूबने के पीछे अन्य कारण भी हो सकते हैं, लेकिन इसका खुलासा समिति द्वारा अपनी जांच पूरी करने के बाद किया जाएगा। परिजन इलाके में नदी के किनारे कतारों में खड़े हो कर बेसब्री से उनके प्रियजनों के शव पानी से निकाले जाने का इंतजार कर रहे हैं। दुर्गा पूजा बांग्लादेश और पूर्वी भारत में हिंदुओं का सबसे बड़ा त्योहार है। बांग्लादेश में हर साल नौकाओं से संबंधित दुर्घटनाओं में कईं लोगों की मौत हो जाती है। इससे पहले, मई में, क्षमता से अधिक यात्रियों से भरी एक नाव के रेत से लदे कंटेनर से टकराने के बाद पद्मा नदी में डूब जाने से 26 लोगों की मौत हो गई थी।

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