Kshitij Tyagi ने UN में Pakistan को घेरा, PoK खाली करने और आर्थिक संकट सुधारने को कहा

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अभिनय आकाश । Sep 24 2026 6:24PM

संयुक्त राष्ट्र में भारत ने पाकिस्तान को फटकार लगाते हुए कहा कि वह आतंकवाद फैलाने के बजाय अपनी कर्ज में डूबी अर्थव्यवस्था सुधारने पर ध्यान दे। भारतीय राजनयिक क्षितिज त्यागी ने पीओके में मानवाधिकार हनन को उजागर किया और जम्मू-कश्मीर को अभिन्न अंग बताते हुए अवैध कब्जे वाले इलाके खाली करने की मांग की।

भारत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान को कड़ी फटकार लगाई और इस्लामाबाद से कहा कि वह अपनी ऊर्जा ऐसे कामों में लगाने के बजाय जैसे कि दूसरे इलाकों पर कब्ज़ा करने की चाहत या सीमा-पार आतंकवाद को बढ़ावा देना। अपनी उस कर्ज़ में डूबी अर्थव्यवस्था को सुधारने में लगाए जो बेलआउट (आर्थिक मदद) के सहारे चल रही है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में जवाब देने के अपने अधिकार का इस्तेमाल करते हुए, भारतीय राजनयिक क्षितिज त्यागी ने पाकिस्तान की ध्यान भटकाने वाली चालों की धज्जियां उड़ा दीं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का दुश्मनी भरा रवैया उसकी लड़खड़ाती आर्थिक व्यवस्था को बचाने में कोई मदद नहीं करेगा। क्षितिज त्यागी ने कहा कि पाकिस्तान की प्राथमिकताएं बुनियादी तौर पर गलत हैं। उन्होंने टिप्पणी की, पाकिस्तान के लिए बेहतर होगा कि वह दूसरों की ज़मीन पर कब्ज़ा करने या आतंकवाद फैलाने के बजाय विकास पर ध्यान दे, क्योंकि न तो ये हरकतें और न ही परिषद में किए गए उसके ड्रामे उन कर्ज़ों को चुकाने में मदद करेंगे जिन पर उसकी अर्थव्यवस्था टिकी है। 

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क्षितिज त्यागी ने इस्लामाबाद के गंभीर घरेलू पाखंड को भी उजागर किया। उन्होंने पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर में नागरिकों के दमन और गंभीर मानवीय संकट का ज़िक्र किया, जहां बड़े पैमाने पर हो रहे विरोध-प्रदर्शनों का जवाब जानलेवा सरकारी हिंसा और भोजन, ईंधन व दवा जैसी ज़रूरी चीज़ों की सप्लाई रोकने से दिया गया। इस्लामाबाद के शासन में मौजूद बड़ी कमियों की ओर इशारा करते हुए क्षितिज त्यागी ने कहा कि पिछले शुक्रवार को इस परिषद को बताया गया था कि जून के बाद से पाकिस्तान के कब्ज़े वाले इलाके में कितने ही नागरिक मारे गए, इस्लामाबाद और रावलपिंडी में छात्रों को गिरफ़्तार किया गया और भोजन व दवाइयों को रोका गया। जब ये बातें बताई गईं, तो पाकिस्तान का जवाब सिर्फ़ 'पॉइंट ऑफ़ ऑर्डर' था। अगर इस कमरे में कोई प्रतिनिधिमंडल ऐसा है जो इस परिषद की जांच के हर ज़रूरी पैमाने पर खरा उतरता है, तो वह पाकिस्तान ही है। 

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जम्मू-कश्मीर पर नई दिल्ली के मज़बूत रुख को दोहराते हुए, भारत ने कहा कि यह केंद्र शासित प्रदेश देश का एक अभिन्न और अटूट हिस्सा है। साथ ही, भारत ने इस्लामाबाद से मांग की कि वह अवैध रूप से कब्ज़े में लिए गए सभी इलाकों को तुरंत खाली करे। त्यागी ने आतंकवाद के वैश्विक केंद्र के तौर पर पाकिस्तान की भूमिका को भी उजागर किया। उन्होंने बताया कि कैसे पाकिस्तान के प्रॉक्सी नेटवर्क ने मुसलमानों समेत सभी धर्मों के बेगुनाह नागरिकों को निशाना बनाया है, जबकि बाद में वही देश पाखंडपूर्ण तरीके से अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग करता है। इस दोहरे मापदंड को उजागर करते हुए क्षितिज त्यागी ने कहा उन्हीं आतंकवादियों ने बाद में हर धर्म के कश्मीरियों की हत्या की, जिनमें से कई मुसलमान थे। जिस देश ने उन्हें बढ़ावा दिया, वही अब इस काउंसिल से जांच की मांग कर रहा है। काउंसिल इस विडंबना को ज़रूर समझेगी।" इसके अलावा, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान द्वारा बांटे गए एक पत्र को सख्ती से खारिज कर दिया। यह पत्र सिंधु जल संधि पर 'कोर्ट ऑफ़ आर्बिट्रेशन' के फैसले से संबंधित था। जायसवाल ने अंतरराष्ट्रीय कानूनी प्रक्रियाओं को गलत तरीके से पेश करने के लिए इस्लामाबाद की आलोचना की। पाकिस्तान के लगातार झूठ को उजागर करते हुए रणधीर जायसवाल ने कहा, " 'स्थायी अदालत' या तथाकथित 'स्थायी मध्यस्थता अदालत' के बारे में मैं यह कहना चाहूंगा कि पाकिस्तान की आदत है कि वह अपने बुरे प्रोपेगैंडा को आगे बढ़ाने के लिए तथ्यों को गलत तरीके से पेश करता है और झूठ फैलाता है।

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