• जयशंकर ईरानी विदेश मंत्री जवाद जरीफ से मिले, एक महीने के भीतर दूसरी मुलाकात

न्यूयॉर्क में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी से मुलाकात की थी और उन्हें फारस की खाड़ी में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए राजनयिक संवाद और विश्वास निर्माण को प्राथमिकता देने के भारत के समर्थन की पुष्टि की थी।

बाकू (अज़रबैजान)। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यहां गुट निरपेक्ष आंदोलन (एनएएम) की मंत्री स्तरीय बैठक के दौरान अलग से अपने ईरानी समकक्ष जवाद ज़रीफ से बुधवार को मुलाकात की और दोनों नेताओं ने परस्पर और क्षेत्रीय हित के मुद्दों पर चर्चा की। जयशंकर ने ट्वीट किया कि गुट निरपेक्ष आंदोलन की मंत्री स्तरीय बैठक शुरू होने से पहले ईरानी विदेशी मंत्री ज़रीफ से मुलाकात की। एक महीने के अंदर यह उनकी दूसरी मुलाकात है। उनकी पिछले महीने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान भेंट हुई थी। 

न्यूयॉर्क में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी से मुलाकात की थी और उन्हें फारस की खाड़ी में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए राजनयिक संवाद और विश्वास निर्माण को प्राथमिकता देने के भारत के समर्थन की पुष्टि की थी। भारत दुनिया में कच्चे तेल का तीसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है और तेल संबंधी अपनी जरूरतों का 80 फीसदी से ज्यादा हिस्सा आयात करता है। इराक और सऊदी अरब के बाद ईरान हाल तक तीसरा सबसे बड़ा तेल निर्यातक था।

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जयशंकर ने अफगानिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हमदुल्ला मोहिब से भी मुलाकात की और अफगानिस्तान के समक्ष चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने यमन के विदेश मंत्री मोहम्मद ए अल-हज़रमी से भी मुलाकात की। उन्होंने ट्वीट किया कि यमन के विदेश मंत्री के साथ अच्छी भेंट हुई। द्विपक्षीय सहयोग पर ध्यान केंद्रित किया गया। जयशंकर ने मलेशिया के अपने समकक्ष सैफुद्दीन अब्दुल्ला से भी लंबित मुद्दों पर बातचीत की। उन्होंने म्यामां के अंतरराष्ट्रीय सहयोग मंत्री यू क्याव तिन से भी भेंट की और जारी सहयोग के साथ ही द्विपक्षीय एवं क्षेत्रीय मुद्दों की समीक्षा की।