एल.69 समूह यूएनएससी में सुधार के प्रयासों को ‘नया जीवन’ देने को प्रतिबद्ध

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न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 77वें सत्र से इतर शुक्रवार को एल.69 समूह के सदस्य देशों और अन्य आमंत्रित समान विचारधारा वाले मुल्कों की एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई थी।

अफ्रीका, लातिन अमेरिका, कैरिबियाई द्वीप समूह, एशिया और प्रशांत क्षेत्र के देशों के एल.69 समूह ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में सुधार के अपने प्रयासों को ‘नया जीवन’ देने की प्रतिबद्धता जताई है। समूह ने यह भी रेखांकित किया कि सुधार प्रक्रिया में प्रगति की कमी न केवल अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की प्रासंगिकता, बल्कि वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए भी प्रतिकूल साबित होगी।

न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 77वें सत्र से इतर शुक्रवार को एल.69 समूह के सदस्य देशों और अन्य आमंत्रित समान विचारधारा वाले मुल्कों की एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई थी। बैठक की अध्यक्षता सेंट विंसेंट और ग्रेनेडाइंस के प्रधानमंत्री राल्फ गोंजाल्विस और भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने की। एक संयुक्त बयान में एल.69 के सदस्य देशों ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र को समकालीन वास्तविकताओं के अनुकूल बनाने के लिए सुरक्षा परिषद में ‘तत्काल और व्यापक’ सुधार करने की आवश्यकता है।

एल.69 समूह ने दोहराया कि स्थायी और गैर-स्थायी, दोनों श्रेणियों में सुरक्षा परिषद का विस्तार तथा संस्था के काम करने के तरीकों में सुधार इसे अधिक व्यापक, वैध और प्रभावी बनाने के लिए ‘अपरिहार्य’ है। समूह ने संयुक्त बयान में कहा, “हम महासभा के 77वें सत्र के दौरान अपने प्रयासों को नया जीवन देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देशों से सुरक्षा परिषद में व्यापक सुधार के मकसद से एकजुट होने का आह्वान करते हैं।”

बयान में कहा गया है, “सुरक्षा परिषद में सुधार में प्रगति की कमी न केवल अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की प्रासंगिकता, बल्कि विश्व शांति और सुरक्षा के अलावा संयुक्त राष्ट्र के उद्देश्यों व सिद्धांतों को पूरा करने के मामले में भी प्रतिकूल साबित होगी।” वर्तमान में सेंट विंसेंट और ग्रेनेडाइंस की अध्यक्षता वाले एल.69 समूह में बहामास, बांग्लादेश, बारबाडोस, भूटान, ब्राजील, बोलीविया, बुरुंडी, काबो वर्डे, डोमिनिका, ग्रेनाडा, गुयाना, हैती, भारत, जमैका, लाइबेरिया, मालदीव, मॉरीशस, माइक्रोनेशिया, मंगोलिया, निकारगुआ, नाइजीरिया, पलाऊ, पापुआ न्यू गिनी, सेंट किट्स एंड नेविस, सेंट लूसिया, सेशेल्स, दक्षिण अफ्रीका, तिमोर-लेस्ते, टोगो, तुवालु और वानुअतु आदि शामिल हैं।

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