रूस की गैस पाइप लाइन में रिसाव, छेड़छाड़ की आशंका

Gas Pipeline
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यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध के कारण जारी ऊर्जा गतिरोध की वजह से फिलहाल इन पाइपलाइनों से गैस की आपूर्ति नहीं हो रही है। आपूर्ति या तो रोक दी गई है या फिर उसे शुरू करने की अनुमति ही नहीं मिली है। इसके बावजूद, गैस पाइपलाइनों में प्राकृतिक गैस भरी हुई है।

रूस से बाल्टिक सागर होते हुए जर्मनी पहुंचने वाली प्राकृतिक गैस की दो पाइप लाइनों में हुए असामान्य रिसाव के बाद मंगलवार को उनके साथ छेड़छाड़ किए जाने की आशंका जतायी जा रही है। इस घटना के कारण पोलैंड के लिए बहुप्रतीक्षित पाइपलाइन के उद्घाटन को कुछ खास तवज्जो नहीं मिली। इस नयी पाइपलाइन से नार्वे से यूरोप तक गैस की आपूर्ति हो सकेगी और इससे रूसी गैस पर यूरोप की निर्भरता भी कम होगी। डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसेन का कहना है कि नॉर्ड स्ट्रीम 1 और 2 में पिछले एक दिन में तीन जगह रिसाव हुआ और वह इसमें ‘छेड़छाड़ की आशंका से इंकार नहीं कर सकती हैं।’’

यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध के कारण जारी ऊर्जा गतिरोध की वजह से फिलहाल इन पाइपलाइनों से गैस की आपूर्ति नहीं हो रही है। आपूर्ति या तो रोक दी गई है या फिर उसे शुरू करने की अनुमति ही नहीं मिली है। इसके बावजूद, गैस पाइपलाइनों में प्राकृतिक गैस भरी हुई है। फ्रेडरिकसेन ने पोलैंड के राष्ट्रपति एंद्रजेज डूडा और प्रधानमंत्री मातेयूज मोरावेइक्की के साथ मिलकर बाल्टिक पाइप के हिस्से येलो पाइप का वाल्व खोल कर गैस आपूर्ति की शुरूआत की। इस पाइप लाइन की मदद से नॉर्वे से प्राकृतिक गैस डेनमार्क और बाल्टिक सागर से होते हुए पोलैंड पहुंचेगी।

रूसी पाइपलाइनों में रिसाव का कारण बताने के लिए किसी अधिकारी ने अभी तक कोई साक्ष्य पेश नहीं किया है। हालांकि, रूस पर भरोसा नहीं करने वाले मध्य यूरोप में इस बात की आशंका है कि प्रतिरोध स्वरूप या फिर पाइपलाइनों को हमले के लिहाज से संवेदनशील बताने के लिए शायद मॉस्को ने ही उनके साथ छेड़छाड़ की है। प्राकृतिक गैस की पाइपलाइनों में यह रिसाव डेनमार्क और स्वीडन के तटवर्ती क्षेत्रों में हुआ है। पोलैंड सरकार के एक अधिकारी ने कहा कि वह इस घटना में रूसी ‘उकसावे’ की आशंका से इंकार नहीं कर सकते हैं।

विदेश उपमंत्री मार्किन परजिदाज ने कहा, ‘‘मैं किसी भी परिस्थिति से इंकार नहीं कर सकता हूं। हम गंभीर अंतरराष्ट्रीय तनाव की परिस्थिति में हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘दुर्भाग्यवश, हमारा पूर्वी पड़ोसी हर वक्त आक्रामक नीति अपना रहा है।’’ क्रेमलिन के प्रवक्ता दमित्रि पेस्कोव ने रिसाव को ‘बेहद चिंताजनक बताया है।’’ पत्रकारों के साथ कांफ्रेंस कॉल में प्रवक्ता ने कहा, ‘‘यह अभूतपूर्व स्थिति है जिसकी तत्काल जांच किए जाने की जरूरत है। हम इस खबर को लेकर बहुत चिंतित हैं।’’

यह पूछने पर कि क्या किसी ने जानबूझकर ऐसा किया होगा, पेस्कोव ने कहा कि ‘‘किसी भी बात से इंकार नहीं किया जा सकता है।’’ चूंकि पाइपलाइन से फिलहाल यूरोप में गैस की आपूर्ति नहीं हो रही है, इसलिए रिसाव के कारण ऊर्जा आपूर्ति में दिक्कत नहीं होगी और विशेषज्ञों का कहना है कि पर्यावरण पर भी इसका प्रभाव सीमित होगा। ग्रीन पावर डेनमार्क के ऊर्जा विश्लेषक क्रिस्टिन रून पॉलसन ने कहा कि ‘‘इस तरह से गैस रिसाव होना बेहद असामान्य घटना है।’’ पोलैंड के ऊर्जा विशेषज्ञ एंद्रजेज सिकोरा ने कहा कि वह 2010 में नॉर्ड स्ट्रीम-1 के निर्माण के बाद से ही ‘‘बुनियादी ढांचे पर हमले की आशंका’’ को लेकर चेतावनी दे रहे थे।

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