भारत की कीमत पर नहीं...आते ही अमेरिका के विदेश मंत्री ने जो कहा, पाकिस्तान को हिला डाला

Rubio
@marcorubio
अभिनय आकाश । Oct 22 2026 2:27PM

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि पाकिस्तान से नजदीकी भारत के साथ अमेरिकी साझेदारी की कीमत पर नहीं होगी। उन्होंने आतंकवाद पर दोनों देशों की चिंताओं को समान बताते हुए कहा कि अमेरिका दोनों पक्षों से जुड़े रहना चाहता है। इससे भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने और किसी बड़े संघर्ष को टालने में मदद मिलेगी।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने गुरुवार को कहा कि पाकिस्तान के साथ वाशिंगटन के करीबी रिश्ते भारत के साथ उसकी साझेदारी की कीमत पर नहीं होंगे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आतंकवाद को लेकर दोनों देशों की चिंताएं एक जैसी हैं। रुबियो ने कहा कि पाकिस्तान के साथ हमारे रिश्ते किसी भी तरह से भारत के साथ हमारे रिश्तों की कीमत पर नहीं हैं। उन्होंने आगे कहा कि वाशिंगटन और नई दिल्ली, दोनों की आतंकवाद को लेकर एक जैसी चिंताएं हैं। भारत के दौरे पर आए रुबियो ने मुंबई के ताज महल पैलेस होटल में ये बातें कहीं। यह वही होटल है जिसे 2008 के 26/11 आतंकी हमलों के दौरान निशाना बनाया गया था। वे एक सवाल का जवाब दे रहे थे कि अमेरिका यह कैसे सुनिश्चित करेगा कि पाकिस्तान के साथ उसके करीबी रिश्ते, आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई को कमजोर न करें।

इसे भी पढ़ें: मार्को रूबियो की भारत यात्रा के पीछे की रणनीतिक साझेदारी या दबाव की कूटनीति को बारीकी से समझिए


वाशिंगटन के दृष्टिकोण को स्पष्ट करते हुए, रुबियो ने कहा कि अमेरिका को पाकिस्तान सहित दुनिया भर के देशों के साथ संबंध बनाए रखने की आवश्यकता है। उन्होंने तर्क दिया कि इस्लामाबाद के साथ लगातार जुड़ाव रहने से, विभिन्न मुद्दों पर लिए जाने वाले उनके फैसलों पर वाशिंगटन का प्रभाव बढ़ सकता है। उन्होंने कहा मुझे लगता है कि इससे हमें, उम्मीद है, विभिन्न विषयों पर उनके द्वारा लिए जाने वाले फैसलों पर अधिक प्रभाव डालने का मौका मिल सकता है। रुबियो ने यह भी सुझाव दिया कि भारत और पाकिस्तान दोनों के साथ वाशिंगटन के संबंध, इन पड़ोसी देशों के बीच तनाव को एक बड़े संघर्ष में बदलने से रोकने में मदद कर सकते हैं।
इसे भी पढ़ें: Mukesh Ambani के कारोबारी सामर्थ्य का अचानक मुरीद क्यों हुआ अमेरिका? Marco Rubio ने Jamnagar Refinery में क्या क्या देखा?

उन्होंने भारत के साथ अमेरिका की साझेदारी को काफी पुरानी बताते हुए कहा कि हाल के वर्षों में पाकिस्तान के साथ भी संबंध बेहतर हुए हैं, जिससे वाशिंगटन को दोनों पक्षों के साथ जुड़ने का मौका मिला है। रुबियो ने भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण संबंधों को स्वीकार करते हुए कहा कि अमेरिका तनाव कम करने और इसे एक बड़े संघर्ष में बदलने से रोकने में मदद करने के लिए तैयार है, क्योंकि वाशिंगटन इन पड़ोसी देशों के बीच एक और युद्ध नहीं देखना चाहता। उन्होंने कहा दोनों देशों के बीच तनाव को अच्छी तरह समझा जा सकता है। अमेरिका एक सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए तैयार है, क्योंकि हम नहीं चाहते कि कोई युद्ध हो।
 

All the updates here:

अन्य न्यूज़