टू प्लस टू संवाद के लिए मोदी-बाइडन की बैठक बेहद मददगार साबित हुई: जयशंकर

S Jaishankar

एक सवाल के जवाब में जयशंकर ने कहा, “ कई मायनों में, टू प्लस टू से क्या अपेक्षित है इसे लेकर उन्होंनेदिशा और रूपरेखा स्पष्ट रूप से रखी। जाहिर है कि इससे मदद मिली। लेकिन मैं कहूंगा कि टू प्लस टू अब भी टू प्लस टू है, वह टू प्लस टू प्लस वन नहीं हुआ है।”

वाशिंगटन|  भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति जो बाइडन के बीच हुई डिजिटल बैठक भारत-अमेरिका टू प्लस टू मंत्रीस्तरीय संवाद के लिए बेहद मददगार सिद्ध हुई। साथ ही जयशंकर ने रेखांकित किया कि दोनों देशों के बीच बातचीत के प्रारूप में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

उन्होंने अपनी यात्रा का समापन करते हुए यहां संवाददाताओं से कहा, “क्या इससे (वर्चुअल बैठक से) टू प्लस टू का स्तर ऊंचा हुआ? मुझे लगता है कि जब हम वहां खुद बैठे थे तब प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के बीच बातचीत हमारे लिए मददगार साबित हुई।”

एक सवाल के जवाब में जयशंकर ने कहा, “ कई मायनों में, टू प्लस टू से क्या अपेक्षित है इसे लेकर उन्होंनेदिशा और रूपरेखा स्पष्ट रूप से रखी। जाहिर है कि इससे मदद मिली। लेकिन मैं कहूंगा कि टू प्लस टू अब भी टू प्लस टू है, वह टू प्लस टू प्लस वन नहीं हुआ है।” एक अन्य प्रश्न के उत्तर में जयशंकर ने कहा कि अमेरिकी चीन और भारत के बीच अंतर करते हैं। उन्होंने कहा, “बिलकुल वह करते हैं।”

अपने चीनी समकक्ष के साथ हाल में नई दिल्ली में हुई बैठक का हवाला देते हुए जयशंकर ने कहा कि दोनों नेताओं ने घटनाक्रम पर अपना विश्लेषण साझा किया।

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