US सैन्य ठिकानों तक फैल सकता है युद्ध, IRGC Navy ने जारी की गंभीर चेतावनी

Iran
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अभिनय आकाश । Oct 22 2026 3:29PM

ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसेन रेज़ाई ने चेतावनी दी है कि ईरान के खिलाफ किसी भी कार्रवाई की भारी कीमत चुकानी होगी। उन्होंने कहा कि तेहरान कूटनीति को प्राथमिकता देता है, लेकिन टकराव जारी रहने पर पूरी ताकत से जवाब देगा। वहीं, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने समुद्री रास्तों पर उकसावे के खिलाफ अमेरिकी सैन्य ठिकानों को चेतावनी दी है।

ईरान के सरकारी प्रसारक IRIB के अनुसार, ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसेन रेज़ाई ने चेतावनी दी है कि तेहरान के खिलाफ किसी भी कार्रवाई की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि अगर युद्ध जारी रहता है, तो ईरान के पास जवाब देने के लिए जरूरी क्षमताएं मौजूद हैं। IRIB के मुताबिक, रेज़ाई ने गुरुवार को कहा कि अगर सैन्य कार्रवाई के नतीजों को लेकर समझ बन सके, तो ईरान कूटनीति (डिप्लोमेसी) को प्राथमिकता देगा। हालांकि, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि तेहरान आगे के टकराव के लिए भी पूरी तरह तैयार है। IRIB की टेलीग्राम पोस्ट के अनुसार, रेज़ाई ने कहा कि सभी को पता होना चाहिए कि ईरान के खिलाफ कार्रवाई की कीमत चुकानी पड़ती है। अगर कूटनीति के जरिए यह बात समझ में आ जाए, तो हम कूटनीति को चुनेंगे; लेकिन अगर युद्ध जारी रहता है, तो ईरान के पास जवाब देने के लिए जरूरी साधन मौजूद हैं। 

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उन्होंने दावा किया कि संघर्ष के पिछले चरणों में ईरान ने अपनी पूरी क्षमताओं का इस्तेमाल नहीं किया था, और युद्ध की तीव्रता के आधार पर वह अपनी जवाबी कार्रवाई का दायरा बढ़ाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि हमने पिछले चरणों में अपनी सभी क्षमताओं का उपयोग नहीं किया था। युद्ध की तीव्रता के हिसाब से हम अपनी और क्षमताओं को मैदान में उतारेंगे, और हम अगले चरण के लिए तैयार हैं। रेज़ाई ने यह भी चेतावनी दी कि संघर्ष के जारी रहने से वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर दीर्घकालिक परिणाम पड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात के जारी रहने के रणनीतिक परिणाम होंगे, जिसमें यह भी शामिल है कि अगले 3 सालों तक ऊर्जा बाजार शांत नहीं होंगे। उन्होंने आगे दावा किया कि इस संघर्ष ने क्षेत्रीय समीकरणों को ईरान के पक्ष में बदल दिया है, और खाड़ी देश तेहरान के साथ अपने संबंधों का पुनर्मूल्यांकन कर रहे हैं। रेज़ाई ने कहा कि इस युद्ध के जारी रहने से संबंधों के समीकरण ईरान के पक्ष में बदल गए हैं, क्योंकि खाड़ी देश ईरान के साथ अपने रिश्तों को नए सिरे से परिभाषित कर रहे हैं।" उन्होंने आगे कहा कि खाड़ी देशों ने अब इस क्षेत्र में मौजूद अपने सैन्य ठिकानों की सुरक्षा करने की अमेरिका की क्षमता पर सवाल उठाना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा, उन्हें अब लगने लगा है कि अमेरिकी सेना अपने खुद के ठिकानों की रक्षा करने में भी सक्षम नहीं है, जबकि यही देश उम्मीद करते थे कि अमेरिका उनके देशों की रक्षा करेगा। 

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इसके अलावा, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने अमेरिका को चेतावनी दी है। IRGC का आरोप है कि अमेरिका ऐसे समुद्री रास्तों से जहाजों को गुजरने के लिए उकसा रहा है, जहां बारूदी सुरंगें (माइन्स) बिछी हुई हैं। IRGC नौसेना कमान की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि बारूदी सुरंगें होने के बावजूद अमेरिका जहाजों को इस रास्ते से जाने के लिए बढ़ावा दे रहा है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि अगर ऐसा ही चलता रहा, तो यह टकराव इस क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों तक फैल सकता है। IRGC नौसेना कमान ने कहा, "अमेरिका का यह अड़ियल रवैया, जिसके तहत वह जहाजों को अवैध रूप से बारूदी सुरंगों वाले रास्ते से गुजरने के लिए उकसा रहा है, समुद्री हादसों को दिन-ब-दिन बढ़ा रहा है। आक्रामक अमेरिकी सेना को यह समझ लेना चाहिए कि अगर यह सिलसिला जारी रहा, तो टकराव का दायरा इस क्षेत्र में मौजूद उनके सैन्य ठिकानों तक बढ़ जाएगा। यह एक गंभीर चेतावनी है।

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