Xi Jinping पर हमले की खबर, मोदी की ग्रैंड एंट्री, दोस्ती की गुहार से मचा दुनिया में बवाल!

Jinping
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अभिनय आकाश । Jan 28 2026 11:19AM

जिनपिंग ने कहा चीन की हमेशा से यही सोच रही है कि भारत और चीन का अच्छे पड़ोसी दोस्त और साझेदार बनकर चलना ही दोनों देशों के हित में है। भारत और चीन का रिश्ता ऐसा होना चाहिए जैसे ड्रैगन और हाथी साथ-साथ नाच रहे हो।

पहले  शी जिनपिंग पर हमले की खबर आती है। फिर  चीन का भारत के लिए बड़ा संदेश आता है। इन सब के बीच मोदी की एंट्री से दुनिया में बवाल ही मच गया। 26 जनवरी जब भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा था। पूरा देशभक्ति के रंग में रंगा हुआ था। इतिहास के पन्नों को पलटते हुए जब देश के वीर सपूतों को याद किया जा रहा था। जब कर्तव्य पथ पर खूबसूरत और गर्व महसूस कराने वाली  झांकियां निकल रही थी। उस वक्त पड़ोसी देश चीन से भी एक संदेश आया। संदेश भारत चीन की दोस्ती को लेकर और सकारात्मक रूप से रिश्तों को मजबूत करने को लेकर था। भारत के गणतंत्र दिवस के मौके पर चीन की तरफ से कहा गया कि भारत और चीन सिर्फ अच्छे पड़ोसी ही नहीं बल्कि दोस्त और साझेदार भी हैं। भारत और चीन के रिश्ते वक्त के अनुसार बदलते रहे हैं। आखिरकार सारे देशों का मकसद अच्छा बिजनेस करना ही तो है। 

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ऐसे में जबजब चीन को भारत की जरूरत होती है तब-तब वो सकारात्मक संदेश भेजता है। जब-जब भारत को जरूरत होती है, तब-तब हम भी विकल्प तलाशते हैं। अमेरिका की तरफ से टेरिफ लगाए जाने के बाद भारत के सामान के लिए चीन ने ही अपने बाजारों का विकल्प भारत के सामने पेश किया था। कई मुद्दों पर एक दूसरे का विरोध करने वाले भारत और चीन अब फिर से एक बार साथ हैं और इसकी पहल भी चीन की तरफ से की गई है। चीन ने माना भारत की ताकत का लोहा। चीन की सरकारी एजेंसी की तरफ से कहा गया है कि भारत और चीन जैसे बड़े-बड़े देशों के बीच आपसी सहयोग से वैश्विक स्थिरता बनाए रखने में मदद मिलती है और दुनिया को आगे बढ़ाने का रास्ता मजबूत होता है। यह बातें ऐसे वक्त में चीन की तरफ से कही गई है जब शी जिनपिंग ने बाकायदा भारत की राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं भी दी थी। 

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जिनपिंग ने कहा चीन की हमेशा से यही सोच रही है कि भारत और चीन का अच्छे पड़ोसी दोस्त और साझेदार बनकर चलना ही दोनों देशों के हित में है। भारत और चीन का रिश्ता ऐसा होना चाहिए जैसे ड्रैगन और हाथी साथ-साथ नाच रहे हो। यानी दोनों मिलकर आगे बढ़े। आने वाले दिनों में अगर दोनों देश एक दूसरे की चिंताओं को समझकर उनका समाधान करें तो भारत चीन रिश्ते और ज्यादा मजबूत संतुलित और स्थिर बन सकते हैं। अब भले ही 2020 में एलएसी पर झड़प के बाद भारत और चीन के बीच तनाव बढ़ा हो लेकिन अब चीन भारत के साथ अपने रिश्तों को सुधारने की कोशिश कर रहा है। आपको बता दें अभी कुछ वक्त पहले ही चीन से खबर यह भी आई थी कि चीन की सेना के सबसे वरिष्ठ अधिकारी जनरल झांग यूषा और ल्यू जेनली ने चीन में तख्ता पलट कराने की कोशिश की थी। खबर तो शी जिनपिंग को जान से मारने की साजिश को लेकर भी थी। लेकिन इन सबके बीच जिनपिंग ऐसे अधिकारियों पर सख्त कारवाई कर रही है जो देशद्रोह जैसी गतिविधियों में संलिप्त पाए गए और दूसरी तरफ मोदी सरकार के साथ दोस्ताना हाथ बढ़ाकर मीठे-मीठे बयान देकर यह भी साबित करने की कोशिश श्री जिनपिंग कर रहे हैं कि भारत और चीन के बीच ऑल इज वेल है। 

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