कोई समझौता नहीं होगा...US ट्रेड डील से पहले भारत का बड़ा ऐलान

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अभिनय आकाश । Sep 5 2026 11:17AM

पीयूष गोयल ने कहा कि भारत ने जिन ट्रेड समझौतों पर बातचीत की है उसमें देश के हितों और संवेदनशील क्षेत्रों का पूरा ध्यान रखा गया है। किसान, मछुआरों, एमएसएमईस और कामगारों के साथ-साथ फार्मा, टेक्सटाइल, कृषि और प्रोसेस्ड एग्री फूड जैसे क्षेत्रों को संरक्षण दिया गया है और उन्होंने दावा किया कि इन समझौतों में भारत को ऐसे प्रावधान मिले हैं जिन पर देश गर्व कर सकता है।

भारत और अमेरिका के बीच बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते यानी बीटीए को लेकर भारत ने अपना रुख एक बार फिर साफ कर दिया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि अमेरिका के साथ ट्रेड डील की अंतिम डिटेल्स तभी सार्वजनिक की जाएंगी जब भारतीय उत्पादों को उसके प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में बेहतर प्रेफरेंशियल टेरिफ रेट मिलेगा। यानी भारत का फोकस सिर्फ ट्रेड डील को जल्द पूरा करने पर नहीं बल्कि ऐसी शर्तों पर समझौता करने पर है जिससे अमेरिकी बाजार में भारतीय सामान को नुकसान ना पहुंचे। पीयूष गोयल ने कहा कि भारत ने अमेरिका के सामने अपनी प्राथमिकताएं रख दी हैं और जब तक अमेरिका भारतीय उत्पादों के लिए प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले बेहतर टेरिफ देने पर सहमत नहीं होता तब तक समझौते की अंतिम बारीकियों का ऐलान नहीं किया जाएगा। 

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पीयूष गोयल ने कहा कि भारत ने जिन ट्रेड समझौतों पर बातचीत की है उसमें देश के हितों और संवेदनशील क्षेत्रों का पूरा ध्यान रखा गया है। किसान, मछुआरों, एमएसएमईस और कामगारों के साथ-साथ फार्मा, टेक्सटाइल, कृषि और प्रोसेस्ड एग्री फूड जैसे क्षेत्रों को संरक्षण दिया गया है और उन्होंने दावा किया कि इन समझौतों में भारत को ऐसे प्रावधान मिले हैं जिन पर देश गर्व कर सकता है। पीयूष गोयल ने भारत के बढ़ते फ्री ट्रेड एग्रीमेंट नेटवर्क का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि ब्रिटेन, मॉरीशियस, ओमान, यूएई और ऑस्ट्रेलिया के साथ ट्रेड एग्रीमेंट लागू हो चुके हैं। ईएफटीए देशों के साथ समझौता भी लागू है। जबकि न्यूजीलैंड के साथ समझौता जल्द लागू होने की उम्मीद है। इसके बाद यूरोपीय संघ के 27 देशों के साथ व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने पर फोकस है। पीयूष गोयल के मुताबिक भारत इस साल अपने कुल निर्यात को करीब 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। जो पिछले साल के मुकाबले करीब 16% की वृद्धि होगी।  

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पीयूष गोयल ने इस दौरान बताया कि अप्रैल से जुलाई की अवधि में पिछले साल भारत का निर्यात करीब $280 अरब डॉलर था। जबकि इस साल यह बढ़कर लगभग $317 अरब डॉलर हो गया। यानी शुरुआती 4 महीनों में ही करीब 37 अरब डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकार का मकसद साफ है। भारतीय कंपनियों और उत्पादों को ज्यादा से ज्यादा वैश्विक बाजारों में बेहतर टेररिफ के साथ प्रवेश मिले। लेकिन इसके साथ घरेलू किसानों, एमएसएमईस और दूसरे संवेदनशील क्षेत्रों के हितों की भी सुरक्षा बनी रही। कई देशों के साथ भारत का एफटीए हो चुका है। कई देशों के साथ बातचीत जारी है। अमेरिका के साथ बातचीत इसी संतुलन का सबसे बड़ा टेस्ट है। पीयूष गोयल के बयान से भारत ने संकेत दे दिया कि जल्दबाजी में डील से ज्यादा जरूरी भारत के लिए बेहतर डील है और बेहतर टेरिफ रेट मिलने के बाद ही बीटीए की अंतिम तस्वीर सामने आएगी।

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