डब्ल्यूएचओ की ओर से कोवैक्सीन की आपूर्ति निलंबित करने यात्रा पर कोई प्रभाव नहीं : विदेश मंत्रालय

Arindam Bagachi

बागची ने कहा, ‘‘विभिन्न देशों ने इसे पहले ही स्वीकार कर लिया है। हमारी विभिन्न देशों के साथ टीकाकरण प्रमाणपत्र व्यवस्था की पारस्परिक मान्यता भी है।’’ उन्होंने कहा कि यह मुद्दा कुछ प्रक्रियाओं से जुड़ा है और कोवैक्सीन के निर्माता और डब्ल्यूएचओ इस मामले को देख रहे हैं।

नयी दिल्ली|  भारत ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा संयुक्त राष्ट्र खरीद एजेंसियों के माध्यम से कोवैक्सीन की आपूर्ति को निलंबित किये जाने के कुछ दिन बाद बृहस्पतिवार को कहा कि इस कदम से उन लोगों की यात्रा पर कोई प्रभाव नहीं होगा, जिन्होंने यह टीका लिया है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि टीके की प्रभावशीलता को लेकर कोई सवाल नहीं है और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का निर्णय चिंता का कोई कारण नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे निश्चित रूप से नहीं लगता कि कोवैक्सीन लेने वाले लोगों पर कोई प्रभाव होगा।यह एक सुरक्षित टीका है। उनकी यात्रा के संदर्भ में, इसे डब्ल्यूएचओ के ईयूएल (आपातकालीन उपयोग प्राधिकार) के तहत मान्यता प्राप्त है।’’

बागची डब्ल्यूएचओ के फैसले को लेकर पूछे गए सवालों का जवाब दे रहे थे।

बागची ने कहा, ‘‘विभिन्न देशों ने इसे पहले ही स्वीकार कर लिया है। हमारी विभिन्न देशों के साथ टीकाकरण प्रमाणपत्र व्यवस्था की पारस्परिक मान्यता भी है।’’ उन्होंने कहा कि यह मुद्दा कुछ प्रक्रियाओं से जुड़ा है और कोवैक्सीन के निर्माता और डब्ल्यूएचओ इस मामले को देख रहे हैं।

बागची ने कहा कि उनकी समझ यह है कि टीके की प्रभावशीलता को लेकर कोई सवाल नहीं है और प्रक्रिया के मुद्दों के बारे में कुछ चीजें हैं जिन पर कंपनी और डब्ल्यूएचओ द्वारा काम किया जा रहा है।

डिस्क्लेमर: प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


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