अफगानिस्तान को लेकर पाक-अमेरिका में भरोसे की कमी: आसिफ

Pakistan and america do have less trust regarding afghanistan
पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने यह स्वीकार किया कि अफगानिस्तान के मुद्दे पर उनके देश और अमेरिका के बीच ‘‘भरोसे की कमी’’ है।

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने यह स्वीकार किया कि अफगानिस्तान के मुद्दे पर उनके देश और अमेरिका के बीच ‘‘भरोसे की कमी’’ है। उन्होंने कहा कि दोनों देश अपने मतभेदों को दूर करने के लिए बातचीत कर रहे हैं। विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने पाकिस्तान की यात्रा के दौरान अमेरिका की नई दक्षिण एशिया रणनीति और अफगानिस्तान में शांति प्रक्रिया में अमेरिका तथा अन्य देशों के साथ काम करने में पाकिस्तान द्वारा निभाई जा सकने वाली अहम भूमिका का जिक्र किया था। उनके बयान के बाद आसिफ की यह टिप्पणी आई है। आसिफ ने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘हां, विश्वास की कमी है लेकिन हम बातचीत कर रहे हैं।’’

उन्होंने कल बीबीसी उर्दू से कहा, ‘‘मैं यह कहना चाहूंगा कि विश्वास की कमी को दूर करने के लिए दोनों पक्ष इच्छुक हैं।’’ विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय बल एक दशक से ज्यादा समय तक चले प्रयासों के बावजूद अफगानिस्तान में संघर्ष समाप्त करने में विफल रहे। आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान, अमेरिकी मदद पर निर्भर नहीं है क्योंकि उसे मदद का केवल थोड़ा-सा हिस्सा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सैन्य साजो सामान के लिए भी अमेरिका की ओर नहीं देख रहा है।

जियो टीवी से अलग से की गयी बातचीत में उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी नेताओं ने टिलरसन को बताया कि पाकिस्तान में आतंकवादियों के लिए कोई पनाहगाह नहीं है। आसिफ ने कहा, ‘‘आतंकवादी हमलों की योजना पाकिस्तानी सरजमीं पर नहीं बनाई जाती, पाकिस्तान में आतंकवादियों के लिए कोई पनाहगाह नहीं है और हमने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल को इस बारे में स्पष्ट कर दिया।’’ उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी नेतृत्व इस रूख पर अडिग है कि वह हक्कानी नेटवर्क का बचाव या उसका समर्थन नहीं कर रहा है।

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