Pakistan के नौकरशाह बना रहे भागने का प्लान! रक्षा मंत्री Khawaja Asif ने उठाए सवाल

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने नौकरशाहों के विदेश, विशेष रूप से पुर्तगाल बसने की सोची-समझी योजना पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवा में रहते हुए विदेशी परमानेंट रेजिडेंसी जुटाने वाले अफसरों की देश के प्रति निष्ठा संदिग्ध है। वहीं अधिकारियों को पीआर दिलाने वाला एजेंट भारी रकम ऐंठकर पाकिस्तान से फरार हो गया है।
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि पाकिस्तान के कई मौजूदा नौकरशाह विदेश में, खासकर पुर्तगाल में बसने की योजना बना रहे हैं। यह जानकारी पाकिस्तान के अखबार 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' ने दी है। पिछले कुछ वर्षों में कई नौकरशाह पुर्तगाल, अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन और यूरोप चले गए हैं। रक्षा मंत्री ने 'X' (ट्विटर) पर आरोप लगाया कि कुछ अधिकारियों ने सरकारी नौकरी में रहते हुए ही विदेश जाने की एक 'सोची-समझी योजना' बनाई थी। उन्होंने देश के प्रति इन अधिकारियों की निष्ठा पर भी सवाल उठाए हैं।
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रक्षा मंत्री ने यह भी बताया कि जिस व्यक्ति ने इन नौकरशाहों के लिए 'परमानेंट रेजिडेंसी' (स्थायी निवास) परमिट का इंतजाम किया था, वह कई बड़े नौकरशाहों से भारी रकम वसूलने के बाद पाकिस्तान से भाग गया है। ये आरोप इस बात का संकेत हो सकते हैं कि पाकिस्तान को चलाने की जिम्मेदारी संभालने वाले पाकिस्तानी अधिकारी अपने लिए बचने का रास्ता तैयार कर रहे हैं, जबकि देश लगातार शासन और जवाबदेही से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहा है।
आसिफ ने कथित पलायन के पैमाने को साबित करने के लिए कोई नाम या दस्तावेजी सबूत नहीं दिए हैं, लेकिन उनकी टिप्पणियों ने देश के ताकतवर नौकरशाहों की विदेश में बसने की महत्वाकांक्षाओं पर नए सिरे से सवाल खड़े कर दिए हैं। 18 अक्टूबर को 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में, पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने पाकिस्तान के कुछ नौकरशाहों पर आरोप लगाया कि उन्होंने सरकारी नौकरी में रहते हुए ही कनाडा, अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोप में बसने की तैयारी कर ली और बाद में वहां स्थायी रूप से रहने चले गए। उन्होंने बताया कि हाल के वर्षों में पुर्तगाल एक बहुत लोकप्रिय ठिकाना बन गया है। साथ ही, उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि क्या ऊंचे पदों पर रहने वाले और सरकारी संरक्षण पाने वाले ये अधिकारी पाकिस्तान के प्रति वफादार हैं, या फिर वे यहां बस "कुछ समय के लिए" (ट्रांजिट पर) ही रुके थे?
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आसिफ ने X पर लिखा कि नौकरशाहों ने पाकिस्तान सरकार में रहते हुए ही, एक सोची-समझी योजना के तहत इसकी तैयारी कर ली थी। इससे अपने कार्यकाल के दौरान अपनी मातृभूमि और अपनी नौकरी के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर सवाल खड़े होते हैं। इन आरोपों ने नागरिक-सैन्य हाइब्रिड शासन की सिविल सेवा, विदेशों में संपत्ति के स्वामित्व और जवाबदेही तंत्र को लेकर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। पाकिस्तान में राजनीतिक उथल-पुथल और भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच प्रभावशाली हस्तियों के विदेश चले जाने का इतिहास, इस विवाद में एक और पहलू जोड़ता है।
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