पाक सरकार ने कड़ी सुरक्षा के बीच अज्ञात स्थान पर करीमा बलोच को किया सुपुर्द-ए-खाक, जानिए कौन थीं यह ?

पाक सरकार ने कड़ी सुरक्षा के बीच अज्ञात स्थान पर करीमा बलोच को किया सुपुर्द-ए-खाक, जानिए कौन थीं यह ?

करीमा बलोच को सुपर्द-ए-खाक करने के लिए इमरान सरकार को पाकिस्तान की मोबाइल सेवा को भी बंद करना पड़ा। जैसे ही करीमा बलोच का शव पाकिस्तान एयरपोर्ट पहुंचा, वैसे ही सुरक्षाकर्मियों ने शव को अपने कब्जे में ले लिया था और अज्ञात स्थान पर जाकर चुपके से सुपुर्द-ए-खाक किया।

पाकिस्तान के अत्याचारों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करने वाली सामाजिक कार्यकर्ता करीमा बलोच के शव से अब हिन्दुस्तान का पड़ोसी मुल्क काफी ज्यादा डरा हुआ है। पाकिस्तान अब तो मृत बलूच कार्यकर्ताओं और नेताओं से भी घबराने लगा है। कनाडा संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई करीमा बलोच को इमरान सरकार ने भारी सुरक्षा इंतजामों के बीच चुपके से सुपुर्द-ए-खाक किया।

करीमा बलोच को सुपर्द-ए-खाक करने के लिए इमरान सरकार को पाकिस्तान की मोबाइल सेवा को भी बंद करना पड़ा। जैसे ही करीमा बलोच का शव पाकिस्तान एयरपोर्ट पहुंचा, वैसे ही सुरक्षाकर्मियों ने शव को अपने कब्जे में ले लिया था और अज्ञात स्थान पर जाकर चुपके से सुपुर्द-ए-खाक किया। 

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पाकिस्तानी सेना के खिलाफ बुलंद की थी आवाज

करीमा बलोच ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तानी सरकार और सेना द्वारा बलूचिस्तान में किए जा रहे अत्याचारों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की थी। ऐसे में बलोच की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद पाकिस्तानी सरकार, सेना और वहां की खुफिया एजेंसी आईएसआई पर संदेश जताया जा रहा था। हालांकि, अभी कुछ कह पाना मुमकिन नहीं है। करीमा बलोच की हत्या के बाद अब पाकिस्तान सरकार को डर था कि कहीं करीमा का शव देखकर बलूच लोग विद्रोह ने कर बैठे।

100 प्रेरणादायक महिलाओं में थी शामिल

करीमा बलोच को साल 2016 में 100 प्रेरणादायक और प्रभावशाली महिलाओं की सूची में शामिल किया गया था। करीमा बलूच बलूचिस्तान की जानी मानी हस्तियों में से एक थीं। जो लगातार बलूचिस्तान में पाकिस्तान द्वारा किए जा रहे अत्याचारों को प्रमुखता से उठाती थीं। करीब साल भर पहले दिए गए एक साक्षात्कार में करीमा बलोच ने पाकिस्तान पर बलूचिस्तान के प्राकृतिक संसाधनों को छीनकर बलूच के लोगों को प्रताड़ित करने के भी आरोप लगाए थे। 

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प्रधानमंत्री मोदी को बताया था अपना भाई

सामाजिक कार्यकर्ता और बलोच स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन की अध्यक्ष करीमा बलोच ने साल 2016 में रक्षाबंधन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना भाई बताया था और राखी भेजी थी। इसके साथ ही उन्होंने एक भावुक वीडियो भी साझा किया था। जिसमें उन्होंने कहा था कि मैं एक बहन के तौर पर आपसे कुछ कहना चाहती हूं। बलूचिस्तान में कई भाई लापता हैं और कई भाई तो पाकिस्तानी सेना के हाथों मारे गए हैं। आज भी बहनें अपने लापता भाईयों की राह देख रही हैं। हम आपसे ये कहना चाहते हैं कि बलूचिस्तान की बहनें आपको अपना भाई मानती हैं। आप बलोच नरसंहार, युद्ध अपराध और मानवाधिकार हनन के खिलाफ अंतराष्ट्रीय मंचों अपनी बलोच बहनों की आवाज बनें।