सुप्रीम कोर्ट से टैरिफ रद्द होते ही अचानक चीन के लिए निकले ट्रंप, क्या बड़ा खेल कर रहा अमेरिका?

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अभिनय आकाश । Feb 21 2026 4:09PM

20 फरवरी 2026 को अमेरिका की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट ऑफ द यूनाइटेड स्टेट्स ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया। यह फैसला 63 के बहुमत से दिया गया है और इसने ट्रंप प्रशासन की टेरिफ नीति पर सीधा ब्रेक लगा दिया।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका लगा। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने उनकी टेरिफ नीति को गैरकानूनी करार देते हुए रद्द कर दिया। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती है। इस फैसले के तुरंत बाद एक और बड़ी खबर सामने आती है कि ट्रंप अब चीन दौरे पर जाने वाले हैं और वहां उनकी मुलाकात चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से होने वाली है।  दरअसल अमेरिका की राजनीति और वैश्विक व्यापार के मोर्चे पर एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया। 20 फरवरी 2026 को अमेरिका की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट ऑफ द यूनाइटेड स्टेट्स ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया। यह फैसला 63 के बहुमत से दिया गया है और इसने ट्रंप प्रशासन की टेरिफ नीति पर सीधा ब्रेक लगा दिया। 

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मुख्य न्यायाधीश जॉन जी रॉबर्ट जूनियर की अध्यक्षता वाली बेंच ने साफ कहा कि राष्ट्रपति ने 1977 के कानून इंटरनेशनल इमरजेंसी इकॉनमी पावर्स एक्ट यानी कि आईईपीए का गलत इस्तेमाल किया। अदालत ने अपने फैसले में साफ कह दिया कि इस कानून में कहीं भी टेरिफ लगाने की शक्ति का स्पष्ट उल्लेख नहीं है। यानी राष्ट्रपति बिना कांग्रेस की मंजूरी के इतने बड़े पैमाने पर आया शुल्क नहीं लगा सकता है। कोर्ट ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति असीमित मात्रा, अवधि और दायरे में टेरिफ लगाने की असाधारण शक्ति का दावा कर रहे थे। लेकिन इसके लिए कांग्रेस की अनुमति जरूरी है। हालांकि इस फैसले से तीन जज असहमत भी दिखे। लेकिन बहुमत का फैसला लागू हो गया और ट्रंप की टेररिफ नीति पर कानूनी रोक लगा दी गई।  

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ट्रंप प्रशासन ने चीन, कनाडा और मेक्सिको समेत 100 से ज्यादा देशों से आने वाले सामान पर टेरिफ लगा दिया। ट्रंप का यह तर्क था कि इससे अमेरिका का व्यापार घाटा कम होगा। घरेलू उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और कुछ अवैध गतिविधियों पर भी दबाव बनेगा। लेकिन इस फैसले का विरोध भी तेजी से बढ़ने लगा। कई राज्यों, छोटे कारोबारियों और आयात पर निर्भर कंपनियों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। उनका कहना था कि राष्ट्रपति ने संविधान के तहत कांग्रेस के अधिकारों में दखल दिया है। व्यापारियों ने यह भी कहा कि टेरिफ के कारण उनकी लागत बढ़ गई है। जिससे उपभोक्ता को महंगाई पर बोझ पड़ता है और कई कंपनियों को कर्मचारियों की छटनी करनी पड़ती है और आखिरकार मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया जहां से अब ट्रंप प्रशासन को बड़ा झटका मिल गया। अब इसी बीच आता है कूटनीति का नया चैप्टर। 

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व्हाइट हाउस के मुताबिक राष्ट्रपति ट्रंप 31 मार्च से 2 अप्रैल के बीच चीन के तीन दिवसीय दौरे पर जाएंगे। इस दौरान उनकी मुलाकात चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से होगी। यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब ट्रंप की टैरिफ नीति को अदालत ने बड़ा झटका दिया। यानी जिस हथियार से ट्रंप चीन पर दबाव बना रहे थे अब वही कानूनी रूप से कमजोर पड़ चुका है। याद कीजिए अमेरिका और चीन के बीच पिछले कई सालों से व्यापार को लेकर तनाव रहा है। दोनों देशों के बीच टेरिफ तकनीक और सप्लाई चेन को लेकर कई विवाद सामने आए हैं। 

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