‘पार्टीगेट’ मामले की जांच जारी रहेगी: ब्रिटेन की संसदीय समिति

Boris Johnson
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‘हाउस ऑफ कॉमन्स’ विशेषाधिकार समिति ने जांच में सरकार द्वारा नियुक्त वकील के हस्तक्षेप पर पलटवार करते हुए इसे अनुचित और त्रुटिपूर्ण करार दिया और अपने स्वयं के कानूनी सलाहकारों से स्पष्ट और निष्पक्ष सलाह प्राप्त करने के बाद सभी आलोचनाओं को खारिज कर दिया।

ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के खिलाफ ‘पार्टीगेट’ मामले की जांच कर रही एक बहुदलीय जांच समिति ने सोमवार को कहा कि इस मामले की जांच जारी रहेगी। जॉनसन के खिलाफ आरोप हैं कि ब्रिटेन का प्रधानमंत्री रहते हुए वह कोविड-19 संबंधी प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय ‘डाउनिंग स्ट्रीट’ में कुछ पार्टी में शामिल हुए थे। जॉनसन पर यह भी आरोप है कि उन्होंने ‘पार्टीगेट’ मामले में संसद को गुमराह किया।

‘हाउस ऑफ कॉमन्स’ विशेषाधिकार समिति ने जांच में सरकार द्वारा नियुक्त वकील के हस्तक्षेप पर पलटवार करते हुए इसे अनुचित और त्रुटिपूर्ण करार दिया और अपने स्वयं के कानूनी सलाहकारों से स्पष्ट और निष्पक्ष सलाह प्राप्त करने के बाद सभी आलोचनाओं को खारिज कर दिया। समिति के दृष्टिकोण की पड़ताल करने के लिए पहले सरकार द्वारा नियुक्त एक वकील लॉर्ड डेविड पैनिक ने समिति पर ‘‘अनुचित प्रक्रिया अपनाने और ‘‘त्रुटिपूर्ण दृष्टिकोण अपनाने का प्रस्ताव’’ देने का आरोप लगाया था।

विशेषाधिकार समिति ने एक बयान में कहा कि समिति अपने निष्पक्ष कानूनी सलाहकारों के दृष्टिकोण को स्वीकार करती है कि लॉर्ड पैनिक की राय संसदीय प्रक्रिया को ठीक तरह से नहीं समझने पर आधारित है। पैनिक ने सबूत एकत्रित करने के तरीके को लेकर समिति की आलोचना की थी और दावा किया था कि जॉनसन को उनके खिलाफ मामले की जानकारी दी जानी चाहिए।

विशेषाधिकार समिति इस बात की जांच कर रही है कि क्या जॉनसन ने सदन ‘हाउस ऑफ कॉमन्स’ को यह बताकर गुमराह किया था कि 10 डाउनिंग में लॉकडाउन के दौरान कार्यक्रमों में महामारी के नियमों का पालन किया गया था। समिति अपनी जांच के दौरान, जॉनसन को उन बातों का हिसाब देने के लिए कह सकती है जो उन्होंने पहले संसद के सदस्यों को बताई थीं।

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