US Midterm Elections 2026 | 'अगर मैं मैदान में होता, तो भारी बहुमत से जीतते' - रिपब्लिकन पार्टी को झटका लगने पर डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान

Trump
ANI
रेनू तिवारी । Nov 4 2026 11:01AM

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में संपन्न हुए 2026 के अमेरिकी मिडटर्म (मध्य-अवधि) चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को मिले झटके के बाद एक तीखी प्रतिक्रिया दी है। राष्ट्रपति ट्रंप ने बुधवार को दावा किया कि इन चुनावों में पार्टी की हार का मुख्य कारण यह था कि उनका अपना नाम बैलेट (मतपत्र) पर नहीं था।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में संपन्न हुए 2026 के अमेरिकी मिडटर्म (मध्य-अवधि) चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को मिले झटके के बाद एक तीखी प्रतिक्रिया दी है। राष्ट्रपति ट्रंप ने बुधवार को दावा किया कि इन चुनावों में पार्टी की हार का मुख्य कारण यह था कि उनका अपना नाम बैलेट (मतपत्र) पर नहीं था। 

ट्रंप का मानना है कि यदि वे खुद इस चुनाव मैदान में होते, तो रिपब्लिकन पार्टी को ऐतिहासिक और भारी बहुमत से जीत हासिल होती। यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश के विभिन्न हिस्सों में डेमोक्रेटिक पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अमेरिकी सीनेट में महत्वपूर्ण बढ़त हासिल कर ली है। ट्रंप ने अपने 'ट्रुथ सोशल' प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में कहा, "मैं चुनाव मैदान में नहीं था, और अगर होता, तो हम भारी बहुमत से जीतते! इस बात पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद।"

परिणाम स्वीकार करने को तैयार: ट्रंप
'द न्यूयॉर्क टाइम्स' के साथ एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि वे मिडटर्म चुनावों के नतीजों को स्वीकार करने के लिए तैयार हैं। इन चुनावों में डेमोक्रेट्स ने काफी बढ़त हासिल की है और सीनेट तथा गवर्नर पद की कई अहम सीटों पर जीत दर्ज की है। जैसे-जैसे नतीजे सामने आ रहे थे, ट्रंप ने कहा, "मैं इन नतीजों को पूरी तरह से स्वीकार करने के लिए तैयार हूं।"

ट्रंप ने 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' को बताया कि वे डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम करने को तैयार हैं। राष्ट्रपति ने कहा, "हम डेमोक्रेट्स के साथ काम करेंगे, और हम उनके साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हैं। हम शायद कोई रास्ता निकाल लेंगे।" इससे कुछ दिन पहले ही उन्होंने दावा किया था कि वे अगले दो सालों तक अपनी 'वीटो' शक्तियों का इस्तेमाल करके प्रशासन चलाएंगे।

अमेरिकी सीनेट पर डेमोक्रेट्स की जीत
2026 के मिडटर्म चुनावों में डेमोक्रेट्स ने अमेरिकी सीनेट पर फिर से नियंत्रण हासिल कर लिया है। यह रिपब्लिकन पार्टी के लिए एक बड़ा झटका है और इससे राष्ट्रपति ट्रंप के एजेंडे के खिलाफ कांग्रेस (संसद) में विरोध और तेज होने के आसार हैं।

चुनाव नतीजों में बढ़ती कीमतों, ईरान में चल रहे युद्ध और सरकारी भ्रष्टाचार को लेकर मतदाताओं की नाराजगी साफ दिखी। डेमोक्रेट्स ने 'हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स' (प्रतिनिधि सभा) में भी सात सीटें जीती हैं, हालांकि इस सदन पर किसका नियंत्रण होगा, यह अभी कहना जल्दबाजी होगी।

सीनेट पर डेमोक्रेट्स का नियंत्रण ट्रंप के कार्यकाल के आखिरी दो सालों को पूरी तरह बदल देगा। इससे उनके एजेंडे को आगे बढ़ाने की क्षमता सीमित हो सकती है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट में रूढ़िवादी (कंजर्वेटिव) झुकाव को बनाए रखने की उनकी उम्मीदें भी शामिल हैं। ट्रम्प ने वादा किया है कि वे डेमोक्रेट्स के एजेंडे को रोकने के लिए अपनी वीटो शक्ति का इस्तेमाल करेंगे, जिससे वाशिंगटन में गतिरोध पैदा होने की संभावना है।

इन चुनावों से वाशिंगटन में सत्ता का समीकरण पूरी तरह बदल जाएगा। मंगलवार के चुनाव से पहले डेमोक्रेट्स कुछ हद तक आशान्वित थे, लेकिन उन्होंने देखा कि रिपब्लिकन पार्टी ने प्रचार के आखिरी दौर में उन राज्यों और जिलों में करोड़ों डॉलर झोंक दिए, जहाँ ट्रम्प ने दो साल पहले आसानी से जीत हासिल की थी। साथ ही, उन्होंने ट्रम्प को कुछ ऐसे राज्यों में भी प्रचार करते देखा, जो रिपब्लिकन पार्टी के सबसे मजबूत गढ़ माने जाते हैं।
 

All the updates here:

अन्य न्यूज़