UN में कश्मीर पर ऐसा क्या बोल रहे थे तुर्किए वाले एर्दोगान, तभी अचानक खड़ा हो गया भारत का दोस्त इजरायल, फिर...

संयुक्त राष्ट्र महासभा में तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगान ने एक बार फिर कश्मीर और गाजा का मुद्दा उठाया, जिसके विरोध में इजराइली राजनयिक बाहर निकल गए। इसके बाद इजराइल ने यूरोपीय और मुस्लिम देशों पर तंज कसता हुआ एक वीडियो जारी किया। वहीं, भारत ने भी ओआईसी को कश्मीर के मुद्दे से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है।
न्यूयॉर्क में चल रहे संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र में बवाल मच गया। भारत और अपने दुश्मन को देख इजराइल अचानक खड़ा हुआ और चल दिया। इसी बीच इजराइल ने तोते की एक वीडियो डालकर हंगामा मचा दिया। इस वीडियो में कई तोते दिखाए गए हैं जिन्हें यूरोप और मुस्लिम देशों की पहचान दी गई है। दरअसल भारत और इजराइल के कट्टर दुश्मन तुर्की के राष्ट्रपति एदवान भाषण देने पहुंचे और वही गद्दारी कर दी जिसकी उम्मीद उनसे थी। भारत और इजराइल से कई बार मदद मांग चुके तुर्की के राष्ट्रपति एदवान ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में एक बार फिर से कश्मीर का मुद्दा उठाया। उसके बाद गाजा मुद्दा उठाकर इजराइल को गालियां देनी शुरू कर दी। इसी बीच मुस्लिम देशों के सबसे बड़े संगठन ओआईसी ने भी भारत को कश्मीर पर नसीहत दे दी। यह वही ओआईसी है जो आपस में लड़ रहे मुस्लिम देशोंतियों के सऊदी अटैक बलूचिस्तान और पीओके में पाकिस्तान के अत्याचार पर अभी तक चुप बैठा है। बहरहाल आपको बता दें कि तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगान 2019 से संयुक्त राष्ट्र महासभा में सात बार कश्मीर का जिक्र कर चुके हैं। बस 2024 में उन्होंने कश्मीर का मुद्दा नहीं उठाया था। लेकिन क्या आप इसकी वजह जानते हैं?
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दरअसल 2023 में तुर्की में एक बहुत भयंकर भूकंप आया था। तुर्की की मदद करने के लिए सबसे पहले भारत पहुंचा था। उस वक्त तुर्की की जनता ने भारत को थैंक यू तक बोला था। ऐसे में अर्दवान को लगा कि अगर 2024 में कश्मीर का मुद्दा उठा दिया तो दुनिया हम पर थूक सकती है। इसीलिए उन्होंने एक साल का गैप लिया और उसके बाद फिर संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर का मुद्दा उठाना शुरू कर दिया। हर बार कश्मीर का मुद्दा उठाने के तुरंत बाद एर्दवान गाज़ा पर आते हैं। इस बार भी उन्होंने यही किया। एर्दवान ने गाज़ा और फिलिस्तीन का नाम लेकर इजराइल को गालियां देनी शुरू कर दी। इजराइल इसी के इंतजार में बैठा था। जैसे ही एर्दोगान ने गाज़ा बोला तो संयुक्त राष्ट्र में इजराइल के राजदूत डेनी डेनन ने अपनी टीम को इशारा किया और कहा यहां से उठकर चलो। यहां बैठने का कोई फायदा नहीं है। हमारे पास एदवान जैसे लोगों का भाषण सुनने का समय नहीं है। दरअसल इजराइल पूरे प्लान के साथ यह करने ही आया था। किसी देश को जवाब देने का यह इजराइल वाला स्टाइल है। बहरहाल जैसे ही इजराइल के सभी डिप्लोमेट्स एदवान के सामने से उठकर हॉल से बाहर निकल गए उसके तुरंत बाद इजराइल ने एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें कई देशों को तोते की तरह दिखाया गया है। अलग-अलग तोते को यूरोप और मुस्लिम देश के कपड़े पहना दिए। दरअसल इस वीडियो के जरिए इजराइल ने बताया है कि यूरोप और मुस्लिम देश फिलिस्तीन के मामले पर सिर्फ रटे रटाए बयान देते हैं। तोते की तरह बिना सोचे समझे सिर्फ एक लाइन ही दोहराते रहते हैं। वो लाइन है ब्लेम इजराइल यानी इजराइल को दोष दो।
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कश्मीर मुद्दे से इस्लामी देश दूर रहेंः भारत
भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस्लामी देशों के संगठन (ओआईसी) को कश्मीर के मुद्दे से दूर रहने को कहा है। तुर्किये, पाकिस्तान जैसे 57 देशों के संगठन ओआईसी ने कश्मीर में जनमत संग्रह का मुद्दा उठाया था। विदेश मंत्री जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री रूबियो से मुलाकात कर 100% टैरिफ पर भी बातचीत की।
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