Puja Rules: इन 3 देवताओं को भूलकर भी न चढ़ाएं Banyan Leaf, पूजा हो सकती है निष्फल

हम आपको बताने जा रहे हैं कि घर-परिवार की सुख-समृद्धि को बनाए रखने और अंजाने में होने वाली गलतियों से बचने के लिए बरगद के पत्ते से जुड़े क्या नियम हैं। वहीं साथ ही यह भी जानेंगे कि बरगद के पत्तों को किन देवताओं पर नहीं चढ़ाना चाहिए।
हर देवी-देवता की पूजा-अर्चना के लिए कुछ नियम बताए गए हैं। धार्मिक शास्त्रों के मुताबिक हर भगवान को उनकी पसंद के फल, फूल और पत्ते आदि चढ़ाए जाते हैं। जिससे कि पूजा का पूरा फल मिल सके। वहीं कुछ ऐसी चीजें भी होती हैं, जिनको कुछ खास देवताओं पर अर्पित करना वर्जित माना जाता है। ऐसा ही एक नियम बरगद के पत्ते को लेकर भी है। जिसको अनजाने में चढ़ाने से आपकी पूजा अधूरी रह सकती है।
ऐसे में इसके बारे में आपको पता होना बेहद जरूरी है। आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि घर-परिवार की सुख-समृद्धि को बनाए रखने और अंजाने में होने वाली गलतियों से बचने के लिए बरगद के पत्ते से जुड़े क्या नियम हैं। वहीं साथ ही यह भी जानेंगे कि बरगद के पत्तों को किन देवताओं पर नहीं चढ़ाना चाहिए।
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किन देवताओं पर नहीं चढ़ाते बरगद का पत्ता
भगवान श्रीहरि विष्णु की पूजा में तुलसी दल का सबसे ज्यादा महत्व होता है। मान्यताओं के मुताबिक श्रीहरि को सात्विक और कोमल चीजें प्रिय हैं। वहीं बरगद के पेड़ को वैराग्य और महाकाल का प्रतीक माना जाता है। इसलिए विष्णु जी की पूजा में बरगद का पत्ता चढ़ाना वर्जित माना जाता है।
वहीं मां लक्ष्मी को धन और ऐश्वर्य की देवी माना जाता है। मां लक्ष्मी को खुशहाली का भी प्रतीक माना जाता है। लेकिन बरगद का पेड़ मोक्ष और संन्यास से भी जुड़ा है। इसलिए मां लक्ष्मी को भी बरगद का पत्ता नहीं अर्पित करना चाहिए।
भगवान श्रीगणेश को विघ्नहर्ता और बुद्धि का देवता माना जाता है। गणपति की पूजा में मोदक और दूर्वा चढ़ाने का विशेष नियम होता है। इसलिए बप्पा की पूजा में कड़े या वैराग्य पैदा करने वाले पत्तों को चढ़ाने की मनाही होती है।
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