शादी की बात बनते-बनते बिगड़ जाती है? महाशिवरात्रि पर आजमाएं ये Special Upaay, मिलेगा शिव का आशीर्वाद

महाशिवरात्रि 2026 पर विवाह में आ रही अड़चनों को दूर करने के लिए ज्योतिष शास्त्र में कुछ विशेष उपाय बताए गए हैं। इस लेख में जानें कैसे केसर मिश्रित दूध से अभिषेक, शिव-पार्वती गठबंधन और अन्य टोटके आपकी शादी की बात पक्की कर सकते हैं।
फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा। महाशिवरात्रि का का पावन पर्व हर साल फरवरी या मार्च में आता है। महाशिवरात्रि की रात को 'सिद्धि की रात'मानी जाती है यह वह पावन समय है जब शिव और शक्ति का मिलन हुआ था। ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि, किसी जातक की कुंडली में विवाह के योग कमजोर हों या रिश्ता तय होते-होते टूट जाता हो, तो उन्हें महाशिवरात्रि के दिन कुछ विशेष उपाय जरुर करने चाहिए। इस वर्ष यह पर्व 15 फरवरी को मनाया जाएगा। आइए आपको बताते हैं महाशिवरात्रि के खास उपाय।
महाशिवरात्रि के खास उपाय
केसर मिश्रित दूध से अभिषेक
अगर आपके विवाह में अड़चने आ रही हैं, तो इसे दूर करने के लिए महाशिवरात्रि की रात को शिवलिंग शिवलिंग पर केसर मिला हुआ दूध अर्पित करें। केसर शुक्र और गुरु दोनों ग्रहों को मजबूत करता है, जो विवाह के कारक माने जाते हैं। अभिषेक करते समय 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जप लगातार करते रहें।
शिव-पार्वती का गठबंधन
महाशिवरात्रि की रात शिव मंदिर जाकर माता पार्वती और भगवान शिव की प्रतिमा के चारों ओर 7 बार कलावा लपेटकर उनका गठबंधन करें। जब आप ऐसा करें तो मन ही मन में शीघ्र ही विवाह की प्रार्थना करें। इस उपाय को करने से जल्द विवाह के योग बनते हैं।
हल्दी और बिल्व पत्र का उपाय
बिल्व पत्र के तीनों दलों पर पीले चंदन या हल्दी से “राम” लिखकर उन्हें श्रद्धापूर्वक शिवलिंग पर अर्पित किया जाता है। हल्दी को हिंदू परंपरा में शुभ और मांगलिक कार्यों का प्रतीक माना गया है। वैसे तो भगवान शिव को हल्दी अर्पित करना वर्जित माना जाता है, लेकिन महाशिवरात्रि की रात्रि में माता पार्वती के चरणों में हल्दी अर्पित करना विशेष फलदायी माना जाता है। इसके बाद उसी हल्दी का तिलक माथे पर लगाने से विवाह संबंधी बाधाएं दूर होती हैं और अच्छे विवाह योग बनने की मान्यता है।
माता पार्वती का विशेष पूजन
अविवाहित कन्याओं को महाशिवरात्रि की रात मां पार्वती को सुहाग की सामग्री जैसे कि-लाल चुनरी, चूड़ियां, मेहंदी और सिंदूर अर्पित करना चाहिए। इसके साथ ही "हे गौरी शंकर अर्धांगिनी यथा त्वं शंकर प्रिया, तथा मां कुरु कल्याणी कांत कांता सुदुर्लभम्" मंत्र का जप करना चाहिए।
नंदी को खिलाएं चारा
इसके अलावा, आप भगवान शिव के वाहन नंदी को हरा चारा खिलाएं। ऐसा करने से बाधाएं दूर हो जाती है। यदि आपकी कुंडली में कोई दोष विवाह में देरी का कारण बन रहा है, तो इस रात नंदी प्रतिमा के कान में अपनी इच्छा को बोलें। साथ ही उन्हें गुड़ अर्पित करें।
सावधानी और नियम
उपाय करते समय मन को पूरी तरह श्रद्धा से भरें और सात्विक आचरण अपनाएं। महाशिवरात्रि की रात्रि में जागरण करना तथा चारों प्रहर भगवान शिव की आराधना करना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। यदि संभव हो, तो इस पावन रात में किसी शिव मंदिर में घी का दीप प्रज्वलित करें और श्रद्धापूर्वक शिव चालीसा का पाठ अवश्य करें। इससे साधक को विशेष आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होता है।
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