• अगर नवरात्रि में कर रहें हो नए घर में प्रवेश, तो इन बातों का रखें विशेष ध्यान

शुभ मुहूर्त में ही गृह प्रवेश करना उचित रहता है। अगर गृह प्रवेश के समय व्यक्ति कोई गलती कर देता है तो उसके नए घर में प्रवेश के साथ घर क्लेश रहने लग जाता है। नवरात्रि में गृह प्रवेश करना काफी शुभ माना जाता है।

नवरात्रि का हिंदू धर्म में काफी बड़ा महत्व माना जाता है। नवरात्रि में नौ दिनों तक देवी के अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है। नवरात्रि में घट स्थापना करके भक्तजन नौ दिनों तक देवी की आराधना करते हैं। माता की पूजा से घर में सुख, यश, धन, वैभव और खुशियां आती हैं। नवरात्रि के दौरान लोग अपने नए कार्यों का शुभारंभ करते हैं। इसका शास्त्रों में बड़ा खास महत्व बताया गया है। मनुष्य अपने जीवन को संवारने के लिए दिन-रात मेहनत करता है। इस भागदौड़ वाली जिंदगी में सभी का सबसे बड़ा सपना 'अपना घर' होने का होता है। जब व्यक्ति अपने नए मकान में प्रवेश करता है तो उसकी ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहता है। जब नए घर में प्रवेश करते है तो उससे पहले शुभ मुहूर्त दिखाया जाता है। शुभ मुहूर्त में ही गृह प्रवेश करना उचित रहता है। अगर गृह प्रवेश के समय व्यक्ति कोई गलती कर देता है तो उसके नए घर में प्रवेश के साथ घर क्लेश रहने लग जाता है। नवरात्रि में गृह प्रवेश करना काफी शुभ माना जाता है। लेकिन इसमें भी काफी बातों को ध्यान में रखना पड़ता है। आइए जानते है नवरात्रि में गृह प्रवेश से जुड़ी ख़ास बातें...

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1. नवरात्रि में गृह प्रवेश करने से पहले किसी विद्वान ब्राह्मण से पूछकर घर में प्रवेश का मुहूर्त के समय और तिथि का निर्धारण करना पड़ता है।

2. मंगल कलश के साथ नए घर में प्रवेश करना चाहिए। उसमें आम या अशोक के पेड़ की पत्तियां साथ में रखें। इसके अलावा मंगल कलश पर स्वास्तिक का निशान ज़रुर बनाएं।

3. गृह प्रवेश करते समय पति दाहिना पैर और पत्नी बायां पैर आगे रखें। मंगल गीतों के साथ ही गृह प्रवेश करें। ऐसा करना शास्त्रों में काफी लाभदायक बताया गया। इससे गृह क्लेश की समस्या से छुटकारा मिलता है।

4. घर में प्रवेश के बाद भगवान गणेश का ध्यान करते हुए मंगल कलश को घर के ईशान कोण में या फिर पूजा घर में स्थापित करें। इसके बाद रसोई घर में भी पूजा करनी चाहिए। चूल्हे, पानी रखने के स्थान और स्टोर आदि में धूप, कुमकुम, हल्दी और चावल आदि से पूजन कर स्वास्तिक चिन्ह बनाना चाहिए।

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5. रसोई में पहले दिन नए चूल्हे पर गुड़ और हरी सब्जियां रखना शुभ माना जाता है। चूल्हे को जलाकर सबसे पहले उस पर दूध उफानना चाहिए, इसके बाद उस पर भगवान के लिए प्रसाद बनाकर उसका भोग लगाना चाहिए।

6. इसके बाद नई रसोई घर में सभी जनों के लिए भोजन बनाए। उस भोजन में से पहले गाय के लिए रोटी अलग से निकाल कर फिर सभी को भोजन करवाएं। मान्यता है कि ऐसा करने से घर में सुख, शांति व समृद्धि आती है व हर प्रकार के दोष दूर हो जाते हैं।