Kisan Samriddhi के 12 साल: PM Modi बोले, 'टेक्नोलॉजी' से बदल रही किसानों की तकदीर

प्रधानमंत्री मोदी ने 'किसान समृद्धि योजना' की 12वीं वर्षगांठ पर PM-किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना और PM-कुसुम जैसी योजनाओं के माध्यम से किसानों की आय सुरक्षा और कृषि को सशक्त बनाने पर बल दिया। उन्होंने खेती में लागत कम करने और बेहतर मूल्य सुनिश्चित करने वाली 'बीज से बाज़ार तक' पहल तथा तकनीक के उपयोग को भी सराहा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 जनवरी, 2026 को किसानों की मदद करने वाली विभिन्न सरकारी पहलों के महत्व पर ज़ोर देते हुए 'किसान समृद्धि योजना' की 12वीं वर्षगांठ मनाई। उन्होंने किसानों की आय की सुरक्षा और कृषि को मज़बूत करने में PM-किसान सम्मान निधि और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना जैसी प्रमुख कृषि कल्याण योजनाओं की भूमिका की सराहना की। X पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे किसान भाई-बहन देश की खाद्य सुरक्षा, पोषण और समृद्धि का आधार हैं। उनकी ज़िंदगी को जितना हो सके आसान बनाने के लिए हमारी सरकार कोई कसर नहीं छोड़ रही है। PM-किसान सम्मान निधि और फसल बीमा योजना जैसी पहल न केवल उनकी आय को सुरक्षित कर रही हैं, बल्कि खेती को और मज़बूत भी बना रही हैं।
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मोदी ने खेती-बाड़ी के क्षेत्र को बढ़ावा देने वाली दूसरी योजनाओं का भी ज़िक्र किया और बताया कि PM-KUSUM योजना से किसानों को खेती के कामों के लिए सोलर एनर्जी मिल रही है, जिससे लागत कम हुई है। उन्होंने कहा कि PM-KUSUM योजना के ज़रिए उन्हें खेती के लिए सोलर एनर्जी मिल रही है और इससे जुड़ी लागत भी कम हुई है। किसान क्रेडिट कार्ड किसानों, पशुपालकों और मछुआरों के लिए बहुत फ़ायदेमंद साबित हो रहा है, क्योंकि इससे उन्हें खेती और दूसरी ज़रूरी ज़रूरतों के लिए कम ब्याज दर पर आसानी से लोन मिल जाता है।
इसके अलावा, पीएम मोदी ने सरकार की बीज से बाज़ार तक (From Seed to Market) पहल के बारे में बात की, जो फ़सलों के लिए सही दाम सुनिश्चित करने और खेती-बाड़ी की अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने में मदद कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी 'बीज से बाज़ार तक' पहल फ़सलों के लिए सही दाम सुनिश्चित करने में भी बहुत असरदार साबित हो रही है। किसानों का कल्याण हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने टेक्नोलॉजी पर आधारित तरीकों को अपनाकर खेती को आधुनिक बनाने की कोशिशों का भी ज़िक्र किया: ड्रोन, सॉइल हेल्थ कार्ड और प्राकृतिक खाद से जुड़ी पहल भी किसानों को फ़सल की पैदावार बढ़ाने में मदद कर रही हैं।
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सरकार के अनुसार, PM-किसान एक सेंट्रल सेक्टर स्कीम है जिसे पूरी तरह से भारत सरकार फंड करती है और यह 1 दिसंबर, 2018 से चल रही है। यह स्कीम ज़मीन के मालिक सभी किसान परिवारों को हर साल ₹6,000 की इनकम सपोर्ट तीन बराबर किस्तों में देती है। इस स्कीम में परिवार का मतलब पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे हैं, और गाइडलाइंस के अनुसार योग्य किसानों की पहचान करने की ज़िम्मेदारी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन की है। पैसे सीधे लाभार्थियों के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किए जाते हैं।
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