कश्मीर में घुसपैठ की फिराक में 500 आतंकी, सुरक्षा बल चौकन्ने

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  सितंबर 23, 2019   18:45
कश्मीर में घुसपैठ की फिराक में 500 आतंकी, सुरक्षा बल चौकन्ने

सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने सोमवार को कहा कि पाकिस्तान ने हाल ही में बालाकोट आतंकवादी शिविर को फिर से सक्रिय किया है।

नयी दिल्ली। घाटी में अशांति पैदा करने के लिए करीब 450-500 प्रशिक्षित आतंकवादियों के घुसपैठ की फिराक में होने की सूचना मिलने के बाद भारतीय सुरक्षा बलों को जम्मू कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर इस तरह की किसी भी कोशिश से प्रभावी तौर पर निपटने के लिए पूरी छूट दी गई है। सैन्य सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि भारत में घुसने का इंतजार कर रहे कुछ आतंकवादियों को बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के शिविर में प्रशिक्षित किया गया, जहां भारतीय वायु सेना ने फरवरी में बम गिराये थे।

सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने सोमवार को कहा कि पाकिस्तान ने हाल ही में बालाकोट आतंकवादी शिविर को फिर से सक्रिय किया है। सूत्रों ने बताया कि आतंकवादियों का एक बड़ा समूह पाकिस्तानी सीमा की ओर लीपा घाटी में आतंकी लॉन्च पैड्स पर इंतजार कर रहा है। खुफिया सूचनाओं के अनुसार, पाकिस्तान स्थित आतंकी समूह कई प्रमुख शहरों में महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को निशाना बना सकते हैं। एक सूत्र ने कहा, ‘‘पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर आतंकी लॉन्च पैड्स पर करीब 450-500 आतंकवादी इंतजार कर रहे हैं।’’

इसे भी पढ़ें: बालाकोट में फिर से सक्रिय हुए आतंकी कैंप, घुसपैठ की कोशिश में हैं 500 आतंकवादी: सेना प्रमुख

उन्होंने बताया कि पाकिस्तान की योजना कश्मीर में अशांति फैलाने की है ताकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने यह दिखाया जा सके कि भारत द्वारा जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा हटाये जाने के बाद से घाटी में स्थिति बिगड़ रही है। सूत्रों ने बताया कि सेना अत्यंत चौकन्ना है और उसे किसी भी सुरक्षा चुनौती से ‘‘प्रभावी’’ रूप से निपटने के लिए पूरी छूट दी गई है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।