दुआरे सरकार शिविर में आने वालों में से 78 प्रतिशल लोगों को मिला है लाभ: ममता बनर्जी

Mamata Banerjee

केन्द्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना से तुलना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उसमें अनुदान राशि 60 अनुपात 40 (केन्द्र व राज्य का)है जबकि स्वास्थ्य साथी कार्यक्रम पर आने वाला पूरा खर्च पश्चिम बंगाल सरकार उठाती है।

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को कहा कि ‘दुआरे सरकार’ शिविरों में आए 2.5 करोड़ लोगों में से करीब 78 प्रतिशत लोगों को कार्यक्रम का लाभ मिला है। इस साल अप्रैल-मई में होने वाले विधानसभा चुनावों के पहले तृणमूल कांग्रेस प्रशासन ने राज्य सरकार की 11 जन कल्याण योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने के लिए पिछले महीने ‘दुआरे सरकार’ योजना शुरू की थी। राज्य भर में जगह-जगह पर एक दिसंबर से शिविर लगाए गए हैं जो 30 जनवरी तक काम करेंगे। 

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बनर्जी ने कहा कि ‘स्वास्थ्य साथी’ कार्यक्रम के तहत उनकी सरकार 10 करोड़ आबादी को नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवा मुहैया करा रही है और छात्रवृत्ति के जरिए युवाओं को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अच्छा करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। स्वास्थ्य साथी योजना के तहत प्रत्येक परिवार को हर साल पांच लाख रुपये तक की स्वास्थ्य सुविधा पाने का अधिकार है। राज्य सरकार की जन कल्याण योजनाओं की समीक्षा बैठक में बनर्जी ने वित्तपोषण करने वाले अंतरराष्ट्रीय संगठनों के अधिकारियों, राजनयिकों, वरिष्ठ पत्रकारों सहित अन्य लोगों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘दुआरे सरकार शिविरों के माध्यम से जिलों में लोगों को सेवाएं प्रदान करने के लिए राज्य सरकार जमीनी स्तर पर जा रही है।’’ 

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केन्द्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना से तुलना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उसमें अनुदान राशि 60 अनुपात 40 (केन्द्र व राज्य का)है जबकि स्वास्थ्य साथी कार्यक्रम पर आने वाला पूरा खर्च पश्चिम बंगाल सरकार उठाती है। उन्होंने कहा, ‘‘हमने कोविड-19 और चक्रवात अम्फान का प्रभावी तरीके से मुकाबला किया है और वर्तमान में राज्य में कुछ ही लोग संक्रमण से प्रभावित हैं।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल के डॉक्टर बहुत प्रतिभाशाली और दक्ष हैं।

डिस्क्लेमर: प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


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