दो महीने से चल रहा किसान आंदोलन दिल्ली हिंसा के बाद पड़ा कमजोर, किसानों ने खोया समर्थन !

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 28, 2021   08:37
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दो महीने से चल रहा किसान आंदोलन दिल्ली हिंसा के बाद पड़ा कमजोर, किसानों ने खोया समर्थन !

रेवाड़ी के पुलिस अधीक्षक अभिषेक जोरवाल ने फोन पर बताया, प्रदर्शनकारियों ने मसानी कट विरोध स्थल को खाली कर दिया है और उनमें से कुछ टीकरी चले गए हैं, जबकि कुछ जय सिंहपुरा खेड़ा गांव (हरियाणा-राजस्थान सीमा पर राजस्थान में) गए हैं।

चंडीगढ़। ट्रैक्टर रैली के दौरान लाल किले पर हुई हिंसा के बाद हरियाणा में विरोध कर रहे किसान बुधवार को अपना समर्थन खोते दिखे। हरियाणा के रेवाड़ी जिले में कम से कम 15 गांवों की एक पंचायत ने बुधवार को तीन केंद्रीय कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर डेरा डाले किसानों से 24 घंटे के भीतर सड़क खाली करने को कहा। पुलिस ने बताया कि तीन जनवरी से जयपुर-दिल्ली राजमार्ग पर रेवाड़ी में मसानी बैराज कट के पास धरना दे रहे किसानों ने बुधवार शाम तक वह स्थान खाली कर दिया। 

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रेवाड़ी के पुलिस अधीक्षक अभिषेक जोरवाल ने फोन पर बताया, प्रदर्शनकारियों ने मसानी कट विरोध स्थल को खाली कर दिया है और उनमें से कुछ टीकरी चले गए हैं, जबकि कुछ जय सिंहपुरा खेड़ा गांव (हरियाणा-राजस्थान सीमा पर राजस्थान में) गए हैं। कई अन्य लोग घर लौट गए हैं।” उन्होंने कहा कि पिछले कई हफ्तों से राज्य में राजमार्गों पर कई टोल प्लाजा के पास घेराबंदी कर रहे किसानों ने शाम तक विरोध स्थलों को खाली कर दिया।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावः कांग्रेस ने 28 पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 1, 2021   15:51
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावः कांग्रेस ने 28 पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की

अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) ने चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल के लिए 28 पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने सोमवार को इस बारे में बताया।

कोलकाता। अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) ने चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल के लिए 28 पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने सोमवार को इस बारे में बताया। गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड जैसे राज्यों के कांग्रेस नेताओं को 294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा के आठ चरणों में होने वाले चुनाव के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है।

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उन्होंने बताया कि एआईसीसी ने कोलकाता के उत्तरी, दक्षिण, मध्य और बड़ा बाजार के लिए चार पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है जबकि उत्तरी 24 परगना और दक्षिण 24 परगना जिलों के लिए दो-दो पर्यवेक्षक बनाए गए हैं। कांग्रेस नेता ने बताया कि बाकी सभी जिलों के लिए एक-एक पर्यवेक्षक होंगे। राज्य में 27 मार्च से 29 अप्रैल के बीच विधानसभा चुनाव आठ चरणों में होंगे।





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गुजरात के इस आइलैंड पर 74 साल में पहली बार बना पोलिंग बूथ

  •  निधि अविनाश
  •  मार्च 1, 2021   15:41
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गुजरात के इस आइलैंड पर 74 साल में पहली बार बना पोलिंग बूथ

बता दें कि गुजारत का आइलैंड आलिया वेट एक बहुत ही छोटा आइलैंड है जहां पोलिंग बूथ का नामोनिशान नहीं था जिसके कारण लोगों को अपना वोट देने के लिए कहीं और जाना पड़ता था। इसी को देखते हुए चुनाव आयोग ने यहां पोलिंग स्टेशन बनाने का फैसला किया।

गुजरात के भरूच में 74 साल बाद पोलिंग स्टेशन बनाया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक यह पोलिंग बूथ चुनाव आयोग ने पहली बार बनाया है। इस पोलिंग स्टेशन में केवल 204 वोटर्स ही वोट करेंगे। बता दें कि पिछले 74 सालों में पहली बार गुजरात के भरूच के लोगों को वोट करने के लिए अपने पहला पोलिंग स्टेशन मिला है जिसके तहत अब इन वोटर्स को कहीं और नहीं जाना पड़ेगा। बता दें कि गुजारत का आइलैंड आलिया वेट एक बहुत ही छोटा आइलैंड है जहां पोलिंग बूथ का नामोनिशान नहीं था जिसके कारण लोगों को अपना वोट देने के लिए कहीं और जाना पड़ता था। इसी को देखते हुए चुनाव आयोग ने यहां पोलिंग स्टेशन बनाने का फैसला किया।

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पोलिंग बूथ को सेटअप करने वाले एक अधिकारी ने बताया कि, 600 आबादी वाले इस आइलैंड में जब पोलिंग स्टेशन बनाने पहुंचे तो वहां के लोगों ने चुनाव आयोग के अधिकारियों को खाना खिलाया और पारंपरिक अंदाज में उनका स्वागत किया। बता दें कि यहां एक स्कूल में  पोलिंग बूथ बनाया गया है। गुजरात के छोटे से आइलैंड  आलिया बेट में 74 सालों में पहली बार पोलिंग बूथ तैयार किया गया है जिससे वोटर्स को अब वोट करने में काफी आसानी होगी। गुजरात का यह छोटा सा आइलैंड काफी खूबसूरत है जिसे जल्द ही गोवा जैसा तैयार किया जाएगा। टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार भी इसके  विकास में लग गई है। 





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


असम में कांग्रेस के साथ राजद, पर बंगाल में TMC पर डोरे डाल रहे तेजस्वी

  •  अंकित सिंह
  •  मार्च 1, 2021   15:30
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असम में कांग्रेस के साथ राजद, पर बंगाल में TMC पर डोरे डाल रहे तेजस्वी

माना जा रहा है कि तेजस्वी लगातार पश्चिम बंगाल की राजनीति पर नजर रख रहे हैं। यहां माहौल टीएमसी के पक्ष में दिखाई दे रही है। ऐसे में उनका पहला विकल्प टीएमसी ही है।

लालू यादव की पार्टी अब राष्ट्रीय राजनीति में अपने पैर जमाने की कोशिश में है। यही कारण है कि पार्टी के मुख्य नेता और लालू यादव के छोटे बेटे तेजस्वी यादव आगामी चुनाव के लिए अलग-अलग संभावनाओं की तलाश रहे हैं। दूसरे राज्यों में गठबंधन की बात करें तो आरजेडी के लिए सबसे अच्छा विकल्प कांग्रेस ही हो सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि पार्टी का कांग्रेस के साथ गठबंधन बिहार में गठबंधन है। बिहार में दोनों दलों का काफी दिनों से गठबंधन रहा है। लेकिन वर्तमान में आरजेडी कुछ अलग सोच रही है।

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बिहार में कांग्रेस के साथ है तो असम में भी उसी पार्टी के साथ आरजेडी गठबंधन की फिराक में है। आरजेडी के श्याम रजक और अब्दुल बारी सिद्दीकी असम चुनाव के लिए कांग्रेस के नेताओं के साथ संपर्क में हैं। लेकिन, बंगाल में तेजस्वी और आरजेडी का विकल्प कांग्रेस ना रहकर तृणमूल कांग्रेस हो गई है। बंगाल में कांग्रेस और वाम दल एक साथ है जैसा कि बिहार में भी है। आरजेडी के लिए यहां गठबंधन ज्यादा आसान रहता। लेकिन पार्टी ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस में अपना भविष्य ज्यादा देख रही है। ऐसे में साफ है कि बिहार और असम की तरह बंगाल में तेजस्वी को कांग्रेस नहीं भा रही। फिलहाल तेजस्वी यादव कोलकाता में ही है और आज ममता बनर्जी से मुलाकात की संभावनाएं भी है।

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माना जा रहा है कि तेजस्वी लगातार पश्चिम बंगाल की राजनीति पर नजर रख रहे हैं। यहां माहौल टीएमसी के पक्ष में दिखाई दे रही है। ऐसे में उनका पहला विकल्प टीएमसी ही है। असम में आरजेडी कांग्रेस के नेतृत्व वाली गठबंधन में ही रहेगी। तृणमूल कांग्रेस ने पहले ही कह दिया था कि उसे किसी गठबंधन की जरूरत नहीं है। फिर भी तेजस्वी यादव ममता बनर्जी से मुलाकात करने कोलकाता पहुंचे हैं। माना जा रहा है कि तृणमूल कांग्रेस के रणनीतिकार प्रशांत किशोर इसमें अहम भूमिका निभा सकते हैं। दूसरी ओर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने भी कहा है कि लेफ्ट पार्टी के साथ सीट बंटवारे का हमारा मुद्दा अभी हल नहीं हुआ है। इसके लिए चर्चा चल रही है। RJD के साथ हमारी कोई चर्चा नहीं हुई है। उनके नेता ममता बनर्जी से बात कर रहे हैं ये अलग बात है इससे हमारा कोई लेना देना नहीं है।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


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