लाल किला हिंसा मामले में अभिनेता दीप सिद्धू और लक्खा सिधाना के खिलाफ मामला दर्ज

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 28, 2021   08:29
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लाल किला हिंसा मामले में अभिनेता दीप सिद्धू और लक्खा सिधाना के खिलाफ मामला दर्ज

अधिकारियों ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने भारतीय दंड संहिता, सार्वजनिक संपत्ति को क्षति से रोकथाम अधिनियम और अन्य कानूनों की प्रासंगिक धाराओं के तहत उत्तरी जिले के कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया है।

नयी दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने लाल किले पर हुई हिंसा के सिलसिले में दर्ज प्राथमिकी में अभिनेता दीप सिद्धू और ‘गैंगस्टर’ से सामाजिक कार्यकर्ता बने लक्खा सिधाना के नाम लिए हैं। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस ने भारतीय दंड संहिता, सार्वजनिक संपत्ति को क्षति से रोकथाम अधिनियम और अन्य कानूनों की प्रासंगिक धाराओं के तहत उत्तरी जिले के कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया है। 

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प्राथमिकी में प्राचीन स्मारकों और पुरातात्विक स्थलों और अवशेष अधिनियम तथा शस्त्र अधिनियम के प्रावधानों को भी जोड़ा गया है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) की ओर से जारी आदेश के मुताबिक लाल किला 27 जनवरी से 31 जनवरी तक आगंतुकों के लिए बंद रहेगा।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


हिमाचल विधानसभा में कांग्रेस का बहिर्गमन, मुख्यमंत्री ने कहा- राज्यपाल से धक्का-मुक्की अक्षम्य

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 2, 2021   18:46
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हिमाचल विधानसभा में कांग्रेस का बहिर्गमन, मुख्यमंत्री ने कहा- राज्यपाल से धक्का-मुक्की अक्षम्य

विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय के बाहर कथित घटना तब हुई थी, जब राज्यपाल बजट सत्र के पहले दिन सदन में अपना अभिभाषण देने के बाद राजभवन के लिए रवाना हो रहे थे।

शिमला। कांग्रेस ने मंगलवार को अपने पांच विधायकों के निलंबन को रद्द करने की मांग को लेकर हिमाचल प्रदेश विधानसभा से वॉकआउट किया, जिसका मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विरोध किया। ठाकुर ने कहा कि राज्यपाल के साथ धक्का-मुक्की करना एक अक्षम्य अपराध है। गौरतलब है कि राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से कथित रूप से धक्का-मुक्की करने के लिए विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री और चार अन्य कांग्रेस विधायकों हर्षवर्धन चौहान, सतपाल रायजादा, सुंदर सिंह और विनय कुमार को शुक्रवार को 20 मार्च तक विधानसभा के पूरे बजट सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया। 

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विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय के बाहर कथित घटना तब हुई थी, जब राज्यपाल बजट सत्र के पहले दिन सदन में अपना अभिभाषण देने के बाद राजभवन के लिए रवाना हो रहे थे। सत्र के पहले दिन हुए हंगामे के बाद राज्यपाल ने अपने भाषण को को पूरा नहीं पढ़ा था और उनका शेष भाषण पढ़ा हुआ मान लिया गया। अध्यक्ष विपिन परमार ने इस संबंध में पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी। कांग्रेस विधायक सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को राज्य विधानसभा में एक ध्यान आकर्षण प्रस्ताव पेश किया, जिसमें मांग की गई कि उनकी पार्टी के विधायकों का निलंबन रद्द किया जाए।

उन्होंने अपनी पार्टी के विधायकों पर लगे आरोपों से भी इनकार किया और दावा किया कि सदन के उपाध्यक्ष हंसराज और संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने शुक्रवार को कांग्रेस विधायकों के साथ हाथापाई की थी। उन्होंने कहा कि अगर उनका निलंबन रद्द नहीं किया जाता है, तो सदन की कार्यवाही चलने नहीं दी जाएगी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि राज्यपाल के साथ धक्का-मुक्की करना एक अक्षम्य अपराध है और असहनीय घटना है। 

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मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। पूरे प्रकरण को कई कैमरों द्वारा कैद किया गया है। ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस ऐसी हरकतें इसलिए कर रही है कि क्योंकि वह राजनीतिक आधार खो चुकी है। इस बीच, निलंबित कांग्रेस विधायकों ने अपने विरूद्ध दर्ज प्राथमिकी के खिलाफ लगातार दूसरे दिन विधानसभा के बाहर धरना जारी रखा।





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नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


करनाल के स्कूल में कोरोना का विस्फोट, 54 छात्र हुए COVID 19 से संक्रमित

  •  अभिनय आकाश
  •  मार्च 2, 2021   18:16
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करनाल के स्कूल में कोरोना का विस्फोट, 54 छात्र हुए COVID 19 से संक्रमित

सोमवार को स्कूल से 3 बच्चों की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी, इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने स्कूल से 390 बच्चों और स्टॉफ के सैंपल लिए। जिसमें से आज 54 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

हरियाणा के करलान में एक स्कूल हॉस्टल में रह रहे 54 छात्र कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। करनाल के सिविल सर्जन योगेश कुमार शर्मा ने कहा हमारी टीम ने हॉस्टल का दौरा किया है। हॉस्टल को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है। राज्य में शर्तों के साथ स्कूल और कॉलेज खोले जा चुके हैं। 

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सोमवार को स्कूल से 3 बच्चों की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी, इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने स्कूल से 390 बच्चों और स्टॉफ के सैंपल लिए। जिसमें से आज 54 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। सैनिक स्कूल में हरियाणा के अलावा विभिन्न राज्यों के बच्चे पढ़ रहे हैं। 





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


कोरोना की वैक्सीन लेने में न करें कोई जल्दबाजी! इन 8 बातों को ध्यान में रखें

  •  निधि अविनाश
  •  मार्च 2, 2021   18:10
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कोरोना की वैक्सीन लेने में न करें कोई जल्दबाजी! इन 8 बातों को ध्यान में रखें

आप केवल CoWIN वेबसाइट पर वैक्सीन के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। http: //cowin.gov.in। बता दें कि वैक्सीन पंजीकरण के लिए कोई CoWIN मोबाइल ऐप नहीं है। Google Play Store पर CoWIN ऐप केवल administrtaion के लिए है न कि नागरिकों के लिए।

कोविड -19 के लिए टीकाकरण अभियान भारत में शुरू हो गया है, लेकिन एक और लड़ाई है जिसे लड़ने की अभी भी जरूरत है और वो है- गलत सूचना और ऑनलाइन घोटाले। फेक वेबसाइट्स, एप्स के साथ-साथ फेक जानकारी ऑनलाइन इस समय काफी समस्या बन गई है। आपको बता दें कि ऑनलाइन वैक्सीन के रजिस्ट्रेशन के तरीके के बारे में कुछ भ्रम भी फैलाए जा रहे है। इसी को देखते हुए यहाँ Covid-19 वैक्सीन के लिए ऑनलाइन रजिस्टर करते समय इन 8 बातों का ध्यान रखें। 

पहला यह कि, आप केवल CoWIN वेबसाइट पर वैक्सीन के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं।  http: //cowin.gov.in। बता दें कि वैक्सीन पंजीकरण के लिए कोई  CoWIN मोबाइल ऐप नहीं है। Google Play Store पर CoWIN ऐप केवल administrtaion के लिए है न कि नागरिकों के लिए।

कोविड -19 वैक्सीन के लिए कोई मोबाइल ऐप डाउनलोड न करें

आरोग्य सेतु के अलावा, कोई अन्य आधिकारिक मोबाइल ऐप नहीं है जो कोविड -19 संबंधित सहायता या जानकारी आपको पहुंचाए। वैक्सीन पंजीकरण या किसी अन्य विवरण के लिए किसी भी ऐप को डाउनलोड न करें जो CoWIN जैसा लगता है। कोविड -19 वैक्सीन पंजीकरण के लिए कोई अलग ऐप नहीं है और आप केवल CoWIN वेबसाइट - http: //cowin.gov.in पर पंजीकरण करवा सकते हैं। 

'प्राथमिकता टोकन' प्रदान करने का दावा करने वाले संदेशों या ईमेलों का विश्वास न करें

आपको बता दें कि कोविड -19 टीकाकरण के लिए पूरे पंजीकरण को डिजिटल रूप से तैयार किया गया है और सभी को केवल आधिकारिक CoWIN वेबसाइट के माध्यम से पंजीकरण करना है। किसी ऐसे व्यक्ति या किसी भी संदेश पर विश्वास न करें जो आपको किसी विशेष तिथि पर टीकाकरण के लिए टोकन पाने में मदद करने का दावा करता हो।

आपको बता दें कि हर कोई तुरंत वैक्सीन प्राप्त नहीं कर सकता है, जो लोग 45 वर्ष से अधिक आयु के हैं, उन्हें अपने हेल्थ के बारे में पूरी डिटेल देनी होगी और एक मेडिकल सर्टिफिकेट भी अपलोड करना होगा।जो लोग 60 वर्ष से अधिक आयु के हैं, उन्हें टीकाकरण प्रक्रिया के लिए अपना आधार कार्ड या वोटर आईडी कार्ड या एक फोटो आईडी कार्ड ले जाना होगा। 

ऑनलाइन पंजीकरण के लिए केवल इन 7 आईडी को रखे ध्यान में

केवल इन 7 दस्तावेजों का उपयोग नागरिकों द्वारा ऑनलाइन पंजीकरण के लिए किया जा सकता है-आधार कार्ड ,  EPIC, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, NPR स्मार्ट कार्ड और पेंशन दस्तावेज़ और फोटो।

चार लोग एक सामान्य फोन नंबर के साथ पंजीकरण कर सकते हैं लेकिन अलग-अलग आईडी प्रमाण के साथ

एक मोबाइल नंबर के साथ, एक व्यक्ति अधिकतम चार लोगों को टीकाकरण के लिए पंजीकृत कर सकता है। आपको बता दें कि एक मोबाइल नंबर पर पंजीकृत सभी लोगों के पास मोबाइल नंबर के अलावा कुछ भी सामान्य नहीं होगा जिसके तहत आपका फोटो ,आईडी कार्ड नंबर अलग होगा।

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के अनुसार ऑनलाइन वैक्सीन प्राप्त करने के लिए यहां आधिकारिक प्राइवेट अस्पतालों की एक लिस्ट जारी की गई है।

-https: //www.mohfw.gov.in/pdf/CGHSEmphospitals.xlsx

 -https: //www.mohfw.gov.in/pdf/PMJAYPRIVATEHOSPITALSCONSOLIDATED.xlsx 

जान ले की, कोविड -19 वैक्सीन सरकारी केंद्रों पर नि: शुल्क है जबकि निजी सुविधाएं 250 प्रति व्यक्ति प्रति खुराक से अधिक लोगों से शुल्क नहीं ले सकती हैं।





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