सियासी संजीवनी की तलाश! Prashant Kishor के 'गुरुमंत्र' से Tej Pratap का Comeback, बदलेंगे समीकरण?

आरजेडी से निष्कासित और चुनावी हार झेल चुके तेज प्रताप यादव ने राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर से मुलाकात कर अपने करियर को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया है, जिससे बिहार की राजनीति में एक 'तीसरे मोर्चे' के गठन की अटकलें तेज हो गई हैं।
जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव, जिन्हें लगभग एक साल पहले आरजेडी से निष्कासित कर दिया गया था, ने मंगलवार देर रात राजनीतिक रणनीतिकार और जन सूरज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर से मुलाकात की। उन्होंने एक अज्ञात स्थान पर हुई इस मुलाकात का एक छोटा वीडियो X पर साझा किया और बिहार की राजनीति पर केंद्रित इस चर्चा को काफी महत्वपूर्ण बताया। तेज प्रताप के ट्वीट में कहा गया है कि हमने जनता की अपेक्षाओं और बदलते राजनीतिक समीकरणों पर विस्तार से चर्चा की। यह मुलाकात केवल औपचारिक नहीं थी; बल्कि इसमें कई ऐसे मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ जो आने वाले समय में राजनीति की दिशा तय कर सकते हैं।
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इस कदम को पिछले नवंबर में हुए विधानसभा चुनावों में करारी हार के बाद बिहार की राजनीति में अपनी पहचान बनाने के उनके तरीके के रूप में देखा जा सकता है। महुआ सीट पर उन्हें भारी हार का सामना करना पड़ा और वे तीसरे स्थान पर रहे। उन्हें एलजेपी (राम विलास) के उम्मीदवार संजय कुमार सिंह से 51,938 वोटों के अंतर से हार मिली। उनके छोटे भाई तेजस्वी प्रसाद यादव, जिन्हें हाल ही में आरजेडी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, ने पड़ोसी राघोपुर निर्वाचन क्षेत्र से 1,18,597 वोट प्राप्त करके जीत हासिल की।
उन्होंने X पर लिखा कि मैं, तेज प्रताप यादव, इस संवाद को अपने राजनीतिक जीवन का एक महत्वपूर्ण अनुभव मानता हूं, जहां सकारात्मक सोच और जनसेवा की भावना के साथ आगे बढ़ने का मेरा संकल्प और भी मजबूत हुआ है। सत्ताधारी एनडीए और विपक्षी महागठबंधन के कुछ नेताओं ने नाम न छापने की शर्त पर स्वीकार किया कि अगर तेज प्रताप और किशोर गठबंधन बनाते हैं, तो यह राज्य में एक "तीसरा मोर्चा" बनकर उभर सकता है।
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48 वर्षीय प्रशांत किशोर का कहना है कि वे जन सूरज पार्टी को किसी अन्य पार्टी के साथ गठबंधन में शामिल नहीं करना चाहते, बल्कि बिहार को एक राजनीतिक विकल्प प्रदान करना चाहते हैं। इसके बावजूद, विधानसभा चुनावों के दौरान उन्होंने संकेत दिया था कि तेज प्रताप के बारे में उनके विचार तेजस्वी यादव और बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की तुलना में अधिक सकारात्मक थे।
आज का दिन राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण रहा। मेरी मुलाकात Prashant Kishor जी से हुई, जहाँ हमने जनहित और भविष्य की राजनीति को लेकर गहन चर्चा की।
— Tej Pratap Yadav (@TejYadav14) April 21, 2026
इस दौरान जनता की अपेक्षाओं और बदलते राजनीतिक समीकरणों पर विस्तार से बात हुई। यह मुलाकात केवल औपचारिक नहीं थी, बल्कि इसमें कई ऐसे… pic.twitter.com/ARcOHdbjHx
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