Dr APJ Abdul Kalam Memorial Day 2026: अखबार बेचने से 'Missile Man' बनने तक का सफर, आज भी युवाओं की Inspiration हैं कलाम

हर साल 27 जुलाई को भारत के वैज्ञानिक, शिक्षक और पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम मेमोरियल डे मनाया जाता है। डॉ कलाम के नेतृत्व में भारत ने अपना पहला स्वदेशी उपग्रह प्रक्षेपण यान बनाया था।
हर साल 27 जुलाई को भारत के वैज्ञानिक, शिक्षक और पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम मेमोरियल डे मनाया जाता है। 27 जुलाई 2015 को भारतीय प्रबंधन संस्थान शिलॉन्ग में स्टूडेंट्स को संबोधित करते समय हुए हार्ट अटैक के कारण कलाम का निधन हो गया था। उन्होंने अपने जीवन में सादगी, दूरदर्शिता और राष्ट्रनिष्ठा का पालन किया और करोड़ों युवाओं के दिलों में बड़े सपने देखने और उनको पूरा करने की प्रेरणा भी जगाई। इस दिन डॉ अब्दुल कलाम को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके विचारों को याद किया जाता है।
संघर्षपूर्ण रहा बचपन
उनका बचपन काफी संघर्षपूर्ण रहा। अब्दुल कलाम के पिता नाविक थे। अपनी पढ़ाई का खर्चा निकालने के लिए वह बचपन में अखबार बेचते थे। उन्होंने MIT से एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और रक्षा अनुसंधान और अंतरिक्ष क्षेत्र में सेवा दी।
डॉ कलाम के महत्वपूर्ण कार्य और योगदान
अंतरिक्ष और उपग्रह प्रक्षेपण
इसरो में प्रोजेक्ट डायरेक्टर रहते हुए डॉ कलाम के नेतृत्व में भारत ने अपना पहला स्वदेशी उपग्रह प्रक्षेपण यान बनाया। जिसने साल 1980 में रोहिणी उपग्रह में सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित हुआ।
'मिसाइल मैन' और DRDO
बता दें कि DRDO का पूरा नाम रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन है। डॉ कलाम ने इसमें रहते हुए इंटीग्रेटेड गाइडेड मिसाइल डेवलपमेंट प्रोग्राम की नींव रखी। इसी के तहत भारत को पृथ्वी और अग्नि जैसी स्वदेशी बैलिस्टिक मिसाइलें मिलीं।
पोखरण-2 परमाणु परीक्षण
साल 1998 में पोखरण में हुए दूसरे परमाणु परीक्षण में डॉ कलाम ने मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार का रोल निभाया था। डॉ कलाम के नेतृत्व में भारत ने खुद को एक परमाणु संपन्न राष्ट्र के रूप में स्थापित किया।
भारत के 11वें राष्ट्रपति बने
साल 2002 में डॉ एपीजे अब्दुल कलाम देश के 11वें राष्ट्रपति बने। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान राष्ट्रपति भवन के दरवाजे बच्चों और आम जनता के लिए खोल दिए थे। जिस वजह से डॉ कलाम को 'जनता का राष्ट्रपति' कहा गया।
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