सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों पर बच्चों के साथ आने वाली माताओं के लिए विशेष कमरे होंगे: मंत्री

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 21, 2019   18:42
सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों पर बच्चों के साथ आने वाली माताओं के लिए विशेष कमरे होंगे: मंत्री

संस्कृति मंत्रालय ने वर्तमान में 17 प्रमुख पर्यटन स्थलों की पहचान की है। हाल में मंत्री ने ताजमहल में ऐसे एक कमरे का उद्घाटन किया था। मंत्री ने यह भी कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुरुवार को मुलाकात की और उन्हें जालियांवाला बाग नरसंहार स्थल से ली गयी मिट्टी का कलश दिखाया, जो अब राष्ट्रीय संग्रहालय में रखा जायेगा।

नयी दिल्ली। संस्कृति मंत्री प्रह्लाद पटेल ने बृहस्पतिवार को कहा कि देश के सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों पर अब बच्चों के साथ आने वाली माताओं के लिए विशेष कमरे की व्यवस्था करना अनिवार्य होगा। पटेल ने पत्रकारों से कहा कि बड़ी संख्या में छोटे बच्चे अपनी माताओं के साथ यात्रा करते हैं, बावजूद इसके पर्यटन स्थलों पर उनके लिए मूलभूत सुविधा नहीं होती है। उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘हमारे किसी पर्यटन स्थल पर ऐसी सुविधा नहीं है और कोई भी यह कल्पना नहीं कर सकता कि बच्चों के साथ माताओं को क्या-क्या परेशानी उठानी पड़ती है। इस विशेष कमरे में एक शौचालय होगा और माताओं की सहायता के लिये अन्य सुविधाएं होंगी।’’

इसे भी पढ़ें: PM मोदी ने जलियांवाला बाग की मिट्टी से भरा कलश राष्ट्रीय संग्रहालय में रखने के लिये सौंपा

संस्कृति मंत्रालय ने वर्तमान में 17 प्रमुख पर्यटन स्थलों की पहचान की है। हाल में मंत्री ने ताजमहल में ऐसे एक कमरे का उद्घाटन किया था। मंत्री ने यह भी कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुरुवार को मुलाकात की और उन्हें जालियांवाला बाग नरसंहार स्थल से ली गयी मिट्टी का कलश दिखाया, जो अब राष्ट्रीय संग्रहालय में रखा जायेगा। उन्होंने कहा, ‘‘दिल्ली पहुंचने के लिए जालियांवाला बाग को 100 साल लग गए। अपना जीवन बलिदान करने वाले पुरुषों और महिलाओं की शहादत के महत्व को बताती यह मिट्टी अब दिल्ली में है। जो लोग वहां जा नहीं सकते, वे यहीं पर उनके बलिदान को महसूस कर सकते हैं।’’ मंत्री ने कहा कि जालियांवाला बाग संशोधन विधेयक के पारित होने से पहली बार यह घटना ‘‘अराजनीतिक’’ बन गयी है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।