Ambala में Gursimran Singh Mand पर हमला मामले में दो सिख हिरासत में, रिहाई के लिए प्रदर्शन

आईएकेटीएफ प्रमुख गुरसिमरन सिंह मंड पर हमले के आरोप में पुलिस द्वारा दो सिख युवकों को हिरासत में लिए जाने के विरोध में पंजोखरा थाने के बाहर प्रदर्शन हुआ। किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी की मौजूदगी में प्रदर्शनकारियों ने दोनों युवकों की तुरंत रिहाई की मांग की। वहीं सिख समुदाय के प्रतिनिधियों ने मंड के खिलाफ कार से लोगों को कुचलने के प्रयास का मामला दर्ज करने की मांग की है।
अंबाला, नौ अगस्त ‘इंटरनेशनल एंटी-खालिस्तानी टेररिस्ट फ्रंट’ (आईएकेटीएफ) के प्रमुख गुरसिमरन सिंह मंड पर हमले के मामले में दो सिख युवकों को हिरासत में लिए जाने के बाद रविवार को सिख समुदाय के कई लोगों ने यहां पंजोखरा थाने के बाहर धरना दिया। मंड पर शुक्रवार शाम अंबाला में गुरुद्वारा श्री पंजोखरा साहिब के बाहर भीड़ ने हमला कर दिया था। हमले के दौरान भीड़ ने उनकी कार का शीशा और खिड़कियां तोड़ दी थीं, जिसमें मंड को मामूली चोटें आई थीं।
बाद में सुरक्षाकर्मी उन्हें वहां से निकालकर ले गए। पुलिस ने इस मामले में पूछताछ के लिए दो सिख युवकों को हिरासत में लिया है। रविवार को बड़ी संख्या में लोग पंजोखरा पुलिस थाने के बाहर एकत्र हुए और हिरासत में लिए गए युवकों को तत्काल रिहा करने की मांग की।
प्रदर्शन में किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी और शहीद भगत सिंह किसान यूनियन के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। चढूनी ने दोनों युवकों की तत्काल रिहाई की मांग करते हुए चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस संबंध में पुलिस और सिख समुदाय के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत जारी है।
वहीं, सिख समुदाय के कुछ सदस्यों ने मंड के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की है। उनका आरोप है कि शुक्रवार को मंड ने अपनी कार से कुछ लोगों को कुचलने का प्रयास किया था।
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